{"_id":"604bd8d08ebc3e5910085398","slug":"cultural-kathua-news-jmu23116861","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन भी जारी रहे महाशिवरात्रि पर कार्यक्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन भी जारी रहे महाशिवरात्रि पर कार्यक्रम
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महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में शुक्रवार को जिले में कई जगहों पर भंडारे का आयोजन किया गया। इससे मंदिर परिसर और आसपास में चहल पहल रही। कठुआ में कृष्णा कॉलोनी स्थित श्री महाकालेश्वर शिव दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे के दौरान बड़ी संख्या में लोग प्रसाद ग्रहण करने के लिए पहुंचे। मंदिर कमेटी की तरफ से इस बार श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए प्रसाद ग्रहण करने के लिए कहा गया।
मंदिर कमेटी के प्रधान नरेंद्र खजुरिया ने कहा कि महाकालेश्वर मंदिर परिसर में दो दिन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसके तहत वीरवार रात जागरणका आयोजन किया गया, जिसमें शिवभक्त जंगम ने शिव विवाह की कथा सुनाई। मंदिर में चार पहर की पूजा भी की गई। उधर, हीरानगर के कई शिव मंदिरों में भी भंडारों का आयोजन किया गया। कंडी क्षेत्र के सहसवां गांव स्थित आप शंभू मंदिर में स्थानीय लोगों की ओर से भंडारा लगाया गया, जहां हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने भोलेनाथ के दर्शन के बाद प्रसाद ग्रहण किया।
चड़वाल, सपरैन, खनवाल, दरामकोट के धंधिया स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर रणधीर कोतवाल ने बताया कि लगभग 4000 श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। शिवदास ने बताया कि शुक्रवार को रविदास मंदिर में भी भंडारे का आयोजन किया गया। महानपुर के शिव मंदिर में सुबह के समय पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद कीर्तन का आयोजन किया गया।
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भंडारे के प्रसाद का पहला भोग शिव भगवान को लगाया गया। इसके बाद भंडारा लोगों के लिए खोल दिया गया। गांव मानू और अन्य इलाकों में भी भंडारे का आयोजन किया गया। बिलावर कस्बे से सटे किशनपुर गांव के राधा-कृष्ण मंदिर में भंडारे का आयोजन स्थानीय लोगों की ओर से किया गया। मंदिर के संत बाबा प्रह्लाद गिरी ने बताया कि शिवरात्रि के दूसरे दिन भंडारे का आयोजन किया जाता है।
बसोहली में नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में भी भंडारा लगा। इससे पूर्व सुबह से जारी मंत्रोच्चारण के साथ विशेष पूजा अर्चना दोपहर के समय समाप्त हुई। भंडारे में बसोहली नगर के अलावा आसपास की पंचायतों के लोग पहुंचे। मंदिर के पुजारी तिलक नाथ ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व के दूसरे दिन हर वर्ष भंडारे का आयोजन किया जाता है।
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मंदिर कमेटी के प्रधान नरेंद्र खजुरिया ने कहा कि महाकालेश्वर मंदिर परिसर में दो दिन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसके तहत वीरवार रात जागरणका आयोजन किया गया, जिसमें शिवभक्त जंगम ने शिव विवाह की कथा सुनाई। मंदिर में चार पहर की पूजा भी की गई। उधर, हीरानगर के कई शिव मंदिरों में भी भंडारों का आयोजन किया गया। कंडी क्षेत्र के सहसवां गांव स्थित आप शंभू मंदिर में स्थानीय लोगों की ओर से भंडारा लगाया गया, जहां हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने भोलेनाथ के दर्शन के बाद प्रसाद ग्रहण किया।
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चड़वाल, सपरैन, खनवाल, दरामकोट के धंधिया स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर रणधीर कोतवाल ने बताया कि लगभग 4000 श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। शिवदास ने बताया कि शुक्रवार को रविदास मंदिर में भी भंडारे का आयोजन किया गया। महानपुर के शिव मंदिर में सुबह के समय पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद कीर्तन का आयोजन किया गया।
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भंडारे के प्रसाद का पहला भोग शिव भगवान को लगाया गया। इसके बाद भंडारा लोगों के लिए खोल दिया गया। गांव मानू और अन्य इलाकों में भी भंडारे का आयोजन किया गया। बिलावर कस्बे से सटे किशनपुर गांव के राधा-कृष्ण मंदिर में भंडारे का आयोजन स्थानीय लोगों की ओर से किया गया। मंदिर के संत बाबा प्रह्लाद गिरी ने बताया कि शिवरात्रि के दूसरे दिन भंडारे का आयोजन किया जाता है।
बसोहली में नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में भी भंडारा लगा। इससे पूर्व सुबह से जारी मंत्रोच्चारण के साथ विशेष पूजा अर्चना दोपहर के समय समाप्त हुई। भंडारे में बसोहली नगर के अलावा आसपास की पंचायतों के लोग पहुंचे। मंदिर के पुजारी तिलक नाथ ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व के दूसरे दिन हर वर्ष भंडारे का आयोजन किया जाता है।