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रसाना मामले की जांच को लेकर अनशन जारी
Updated Mon, 09 Apr 2018 12:47 AM IST
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हीरानगर।
रसाना मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग पर कूटा मोड़ पर आमरण अनशन के नौंवे दिन महिलाओं ने कहा कि उन्हें मामले की सीबीआई जांच से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। अपनी मांग पर अड़ीं अनशनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती वे आमरण अनशन नहीं खत्म करेंगीं। उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि इतने दिन बीतने के बाद भी हमसे मिलने सरकार की तरफ से कोई नेता नहीं आया है। नेता अगर अपनी पॉवर के गुरूर में हैं तो हम उन्हें अपनी पॉवर भी दिखाएंगे।
31 मार्च को यह अनशन चार महिलाओं ने शुरू किया था। अब तक 6 महिलाआें की सेहत खराब होने पर यहां से हटा दिया गया है। उनकी जगह अन्य महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया। अनशन पर बैठी महिलाओं ने कहा कि सरकार लोगों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। इतने दिन हो गए सरकार की तरफ से एक नेता हमसे मिलने नहीं पहुंचा है। हम सीबीआई जांच की मांच कर रहे, क्या यह कोई अपराध है। अगर नहीं है तो इस मांग को मानने में सरकार को क्या तकलीफ हो रही है। क्या क्षेत्र में सांप्रदायिक माहौल खराब होने का इंतजार किया जा रहा है या माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।
इनके समर्थन में आए लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राजकुमार खजूरिया ने कहा कि हमारी मातृ शक्ति पिछले कई दिनों अनशन पर है, लेकिन सरकार को इनकी कोई परवाह नहीं है। इन्हें सरकार की पॉवर दिखा कर डराने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन इससे सच की लड़ाई को नहीं रोका जा सकता। शांतिपूर्ण तरीके से सीबीआई जांच के मांग कर रहे लोगाें को अगर अपनी पॉवर दिखाई तो सरकार के चारों खाने चित कर देंगे। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, अफसोस की बात तो यह है कि हमारे चुने हुए नेता भी कश्मीरी हूकूमत के आगे घुटने टेक चुके हैं। प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अनशनकारियों के लिए हर सुविधा का इंतजाम किया गया है। यहां तैनात डाक्टरों की टीम इनकी सेहत पर दिन रात नजर बनाए हुए है।
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हीरानगर में कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं होने देने की चेतावनी
हिंदू एकता मंच ने कहा-नेता हवाई यात्रा करें, अब हाईवे पर झेलना पड़ेगा जनता का आक्रोश
अमर उजाला ब्यूरो
हीरानगर।
अनशन पर बैठे लोगों का समर्थन कर रहा हिंदू एकता मंच राज्य सरकार के खिलाफ आक्रामक हो गया है। मंच के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि सरकार में शामिल नेता अपने कार्यक्रमों के लिए हवाई यात्रा का इस्तेमाल करें या फिर हाईवे पर लोगों का आक्रोश झेलने के लिए तैयार रहें। मंच ने कहा है कि क्षेत्र में कोई भी सरकारी कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा।
मंच के सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता विजय टगोत्रा ने कहा कि पिछले नौ दिनों से महिलाएं अनशन पर बैठी हैं और अपनी जिंदगी से लड़ रही हैं। सरकार में बैठे मंत्री व विधायक रोज हाईवे पर इनके पास से गुजरते हैं, लेकिन इनसे बात करना मुनासिब नहीं समझते। जब भी किसी मंत्री का काफिला कूटा में हाईवे के नजदीक अनशन पर बैठे लोगों के सामने से गुजरता है, तो उन्हें लगता है कि शायद उनसे भी कोई बात करेगा, लेकिन जिस रफ्तार से काफिला क्षेत्र में आता है, उसी रफ्तार से लौट जाता है। इनके इसी रवैये को देखकर शनिवार को लोगाें ने मंत्री व सांसद को काले झंडे दिखाए। नेताओं रवैया ऐसा ही रहा तो लोगों का गुस्सा भी इन्हें रोज झेलना पडे़गा। गौरतलब है कि शनिवार को मंच के सदस्यों व अनशन पर बैठीं महिलाओं ने हाईवे पर पीएचई मंत्री चौधरी शामलाल व सांसद जुगल शर्मा को काले झंडे दिखा कर रोष व्यक्त किया था। इससे दो दिन पहले हीरानगर के विधायक कुलदीप राज को भी इनके गुस्से का सामना करना पड़ा था, जब लोगों ने उन्हें खूब खरी खोटी सुनाई। सूत्रों की मानें तो लोगों के आक्रोश को देखते हुए ही रविवार को ढल्ली गांव में उप मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को भी रद्द कर दिया गया था।
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रसाना मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग पर कूटा मोड़ पर आमरण अनशन के नौंवे दिन महिलाओं ने कहा कि उन्हें मामले की सीबीआई जांच से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। अपनी मांग पर अड़ीं अनशनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती वे आमरण अनशन नहीं खत्म करेंगीं। उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि इतने दिन बीतने के बाद भी हमसे मिलने सरकार की तरफ से कोई नेता नहीं आया है। नेता अगर अपनी पॉवर के गुरूर में हैं तो हम उन्हें अपनी पॉवर भी दिखाएंगे।
31 मार्च को यह अनशन चार महिलाओं ने शुरू किया था। अब तक 6 महिलाआें की सेहत खराब होने पर यहां से हटा दिया गया है। उनकी जगह अन्य महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया। अनशन पर बैठी महिलाओं ने कहा कि सरकार लोगों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। इतने दिन हो गए सरकार की तरफ से एक नेता हमसे मिलने नहीं पहुंचा है। हम सीबीआई जांच की मांच कर रहे, क्या यह कोई अपराध है। अगर नहीं है तो इस मांग को मानने में सरकार को क्या तकलीफ हो रही है। क्या क्षेत्र में सांप्रदायिक माहौल खराब होने का इंतजार किया जा रहा है या माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।
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इनके समर्थन में आए लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राजकुमार खजूरिया ने कहा कि हमारी मातृ शक्ति पिछले कई दिनों अनशन पर है, लेकिन सरकार को इनकी कोई परवाह नहीं है। इन्हें सरकार की पॉवर दिखा कर डराने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन इससे सच की लड़ाई को नहीं रोका जा सकता। शांतिपूर्ण तरीके से सीबीआई जांच के मांग कर रहे लोगाें को अगर अपनी पॉवर दिखाई तो सरकार के चारों खाने चित कर देंगे। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, अफसोस की बात तो यह है कि हमारे चुने हुए नेता भी कश्मीरी हूकूमत के आगे घुटने टेक चुके हैं। प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अनशनकारियों के लिए हर सुविधा का इंतजाम किया गया है। यहां तैनात डाक्टरों की टीम इनकी सेहत पर दिन रात नजर बनाए हुए है।
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हीरानगर में कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं होने देने की चेतावनी
हिंदू एकता मंच ने कहा-नेता हवाई यात्रा करें, अब हाईवे पर झेलना पड़ेगा जनता का आक्रोश
अमर उजाला ब्यूरो
हीरानगर।
अनशन पर बैठे लोगों का समर्थन कर रहा हिंदू एकता मंच राज्य सरकार के खिलाफ आक्रामक हो गया है। मंच के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि सरकार में शामिल नेता अपने कार्यक्रमों के लिए हवाई यात्रा का इस्तेमाल करें या फिर हाईवे पर लोगों का आक्रोश झेलने के लिए तैयार रहें। मंच ने कहा है कि क्षेत्र में कोई भी सरकारी कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा।
मंच के सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता विजय टगोत्रा ने कहा कि पिछले नौ दिनों से महिलाएं अनशन पर बैठी हैं और अपनी जिंदगी से लड़ रही हैं। सरकार में बैठे मंत्री व विधायक रोज हाईवे पर इनके पास से गुजरते हैं, लेकिन इनसे बात करना मुनासिब नहीं समझते। जब भी किसी मंत्री का काफिला कूटा में हाईवे के नजदीक अनशन पर बैठे लोगों के सामने से गुजरता है, तो उन्हें लगता है कि शायद उनसे भी कोई बात करेगा, लेकिन जिस रफ्तार से काफिला क्षेत्र में आता है, उसी रफ्तार से लौट जाता है। इनके इसी रवैये को देखकर शनिवार को लोगाें ने मंत्री व सांसद को काले झंडे दिखाए। नेताओं रवैया ऐसा ही रहा तो लोगों का गुस्सा भी इन्हें रोज झेलना पडे़गा। गौरतलब है कि शनिवार को मंच के सदस्यों व अनशन पर बैठीं महिलाओं ने हाईवे पर पीएचई मंत्री चौधरी शामलाल व सांसद जुगल शर्मा को काले झंडे दिखा कर रोष व्यक्त किया था। इससे दो दिन पहले हीरानगर के विधायक कुलदीप राज को भी इनके गुस्से का सामना करना पड़ा था, जब लोगों ने उन्हें खूब खरी खोटी सुनाई। सूत्रों की मानें तो लोगों के आक्रोश को देखते हुए ही रविवार को ढल्ली गांव में उप मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को भी रद्द कर दिया गया था।