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Kathua News: स्टोन क्रशर पर लगाया 18 लाख का जुर्माना
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कठुआ। रावी नदी के तरफ तजवल क्षेत्र में जारी अवैध खनन के खिलाफ जिला खनन विभाग के बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बीती वीरवार रात को की गई इस कार्रवाई में वहां बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनन के मामले में वासुदेव स्टोन क्रशर पर 18 लाख का जुर्माना लगाया गया। औचक जांच के दौरान जिला खनिज अधिकारी कठुआ राजिंदर सिंह के नेतृत्व में खनन विभाग की टीम ने खनन स्थल से लोडेड और अनलोडेड डंपरों के साथ दोनों उत्खनन मशीनों को भी जब्त कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद स्टोन क्रशर की पूरी मशीनरी को पुलिस चौकी भागथली लाया गया। इसमें दो भारी चेन मशीनें और दो डंपर शामिल थे, जबकि अन्य चार डंपर और एक जेसीबी के चालक खनन स्थल से भाग गए।
जिला खनन अधिकारी ने बताया कि उत्खनन करने वाले वाहनों सहित वाहनों को जब्त करने के बाद साइट पर उठाए गए खनिज और खोदे गए गड्ढों को भी मापा गया और एमएम (डीआर) अधिनियम 1957 और एसआरओ -105 2016 के अनुसार और एनजीटी के तहत जुर्माना लगाया गया। उन्होंने बताया कि रावी के किनारे निजी भूमि पर एक पट्टा पहले ही स्वीकृत हो चुका है, लेकिन स्टोन क्रशर पट्टे वाले क्षेत्रों से एक किमी दूर खनिज उत्खनन कर रहा था और बिना ई-चालान के डंपरों को पंजाब की ओर भेज रहा था। स्टोन क्रशर के मालिक को रावी नदी में बड़े पैमाने पर खनिज लाने के साथ-साथ पर्यावरणीय गिरावट का कारण बताने के लिए एक नोटिस भी दिया गया है, जहां बरसात के दौरान खनिज की पुनः पूर्ति संभव नहीं है।
गौरतलब है कि डीसी डॉ. राकेश मिन्हास ने पहले ही खनन विभाग को नदी तल या सरकारी और निजी भूमि के अन्य क्षेत्रों में अवैध खनन और अवैध खोदाई के खतरे को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
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जिला खनन अधिकारी ने बताया कि उत्खनन करने वाले वाहनों सहित वाहनों को जब्त करने के बाद साइट पर उठाए गए खनिज और खोदे गए गड्ढों को भी मापा गया और एमएम (डीआर) अधिनियम 1957 और एसआरओ -105 2016 के अनुसार और एनजीटी के तहत जुर्माना लगाया गया। उन्होंने बताया कि रावी के किनारे निजी भूमि पर एक पट्टा पहले ही स्वीकृत हो चुका है, लेकिन स्टोन क्रशर पट्टे वाले क्षेत्रों से एक किमी दूर खनिज उत्खनन कर रहा था और बिना ई-चालान के डंपरों को पंजाब की ओर भेज रहा था। स्टोन क्रशर के मालिक को रावी नदी में बड़े पैमाने पर खनिज लाने के साथ-साथ पर्यावरणीय गिरावट का कारण बताने के लिए एक नोटिस भी दिया गया है, जहां बरसात के दौरान खनिज की पुनः पूर्ति संभव नहीं है।
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गौरतलब है कि डीसी डॉ. राकेश मिन्हास ने पहले ही खनन विभाग को नदी तल या सरकारी और निजी भूमि के अन्य क्षेत्रों में अवैध खनन और अवैध खोदाई के खतरे को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
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