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Kathua News: लापरवाही से ड्राइविंग मामले में आरोपी को 500 रुपये जुर्माना
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लापरवाही से ड्राइविंग से हुए हादसे के मामले में दोषी को पांच सौ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों पक्षों में समझौता होने पर अदालत ने आरोपी को बीएनएस की धारा 125 (ए) और 126 (बी) के तहत बरी कर दिया।
पुलिस की ओर से कोर्ट में पेश चालान के अनुसार मुकेश सिंह निवासी रसहू ने अदालत में लापरवाही से वाहन चालने के लिए अपराध को स्वीकार करने का आवेदन दिया था। वहीं अभियुक्त और पीड़ित खेमराज ने अदालत से समझौते के आधार पर मुकदमा समाप्त करने की प्रार्थना की। इस पर न्यायाधीश ने समझौते को स्वीकार कर आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। हालांकि कोर्ट ने आरोपी को बीएनएस की धारा 281 के तहत अपराध के लिए स्वीकारोक्ति बयान देने के लिए समझाया और कहा कि वह अपराध को स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं है। अगर वह ऐसा करता है तो उसका बयान उसके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है। अदालत ने आरोपी को सोचने के लिए समय दिया लेकिन आरोपी बयान पर अड़ा रहा। इसके बाद कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोषी ने मौके पर ही जुर्माना भर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी के जमानत व व्यक्तिगत बांड को भी खारिज कर दिया।
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कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लापरवाही से ड्राइविंग से हुए हादसे के मामले में दोषी को पांच सौ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों पक्षों में समझौता होने पर अदालत ने आरोपी को बीएनएस की धारा 125 (ए) और 126 (बी) के तहत बरी कर दिया।
पुलिस की ओर से कोर्ट में पेश चालान के अनुसार मुकेश सिंह निवासी रसहू ने अदालत में लापरवाही से वाहन चालने के लिए अपराध को स्वीकार करने का आवेदन दिया था। वहीं अभियुक्त और पीड़ित खेमराज ने अदालत से समझौते के आधार पर मुकदमा समाप्त करने की प्रार्थना की। इस पर न्यायाधीश ने समझौते को स्वीकार कर आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। हालांकि कोर्ट ने आरोपी को बीएनएस की धारा 281 के तहत अपराध के लिए स्वीकारोक्ति बयान देने के लिए समझाया और कहा कि वह अपराध को स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं है। अगर वह ऐसा करता है तो उसका बयान उसके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है। अदालत ने आरोपी को सोचने के लिए समय दिया लेकिन आरोपी बयान पर अड़ा रहा। इसके बाद कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोषी ने मौके पर ही जुर्माना भर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी के जमानत व व्यक्तिगत बांड को भी खारिज कर दिया।
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