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पार्षदों ने की कोर्ट से फ्लोर टेस्ट करवाए जाने की अपील
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कठुआ। कठुआ नगर परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर खींचतान फिर तेज हो गई है। कोर्ट में चल रहे मामले के बीच परिषद के दस पार्षदों ने उच्च न्यायालय में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का फ्लोर टेस्ट करवाए जाने की अपील दायर की है। जिसके बाद शहर में चर्चा का बाजार एक बार फिर गरम हो गया है। न्यायालय की ओर से मामले में तीन मार्च को अगली सुनवाई तय की गई थी लेकिन इससे पहले ही पार्षदों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपील दायर कर दी है।
कोर्ट में अपील करने वाले पार्षदों में शामिल अनिरुद्ध शर्मा और रवींद्र पठानिया ने बताया कि माननीय न्यायधीश की ओर से अपना फैसला सुरक्षित रखा गया था। ऐसे में जो भी फैसला आता वो मंजूर होता लेकिन उम्मीद से अलग कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तारीख तय कर दी है। ऐसे में वकील से बातचीत और कानूनी प्रावधान को ध्यान में रखते हुए उच्च न्यायालय में अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में अपील दायर की गई है।
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पार्षदों ने दायर की आरटीआई, पूछे नगर परिषद से ही सवाल
पार्षद रवींद्र पठानिया ने बताया कि नगर परिषद की कार्रवाई को लेकर वे हमेशा ही असंतुष्ट रहे हैं। लोगों के हित में काम करने की जगह परिषद के पदाधिकारी अपने हित के लिए काम कर रहे हैं। ऐसे में आरटीआई के माध्यम से भी कई सवाल पूछे गए हैं। जिनमें कोरोना के दौरान सैनिटाइज और मास्क की खरीद की संख्या और दाम का ब्यौरा मांगा गया है। नगर परिषद की ओर से परिधि में अलॉट की गई दुकानों के ब्यौरे के साथ-साथ यह भी पूछा गया है कि दुकानें किसे और कितने में अलॉट की गई और अब तक नगर परिषद के खाते में कितनी राशि आई है।
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बताया कि यह भी पूछा गया है कि नगर परिषद बनने से पहले परिषद की देनदारी क्या थी और वर्तमान में क्या हैं ? अब तक नगर परिषद की ओर से कितनी प्रशासनिक मंजूरियां दी गई हैं और दस लाख से अधिक राशि की प्रशासनिक मंजूरी कौन कौन से हाउस मीटिंग में मंजूरी के संबंध में चर्चा की गई।
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मामला पहले से ही कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट की ओर से तीन मार्च को अगली तारीख तय की गई है। फिलहाल पार्षदों की ओर से अपील के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
दिलीप अबरोल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कठुआ
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कोर्ट में अपील करने वाले पार्षदों में शामिल अनिरुद्ध शर्मा और रवींद्र पठानिया ने बताया कि माननीय न्यायधीश की ओर से अपना फैसला सुरक्षित रखा गया था। ऐसे में जो भी फैसला आता वो मंजूर होता लेकिन उम्मीद से अलग कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तारीख तय कर दी है। ऐसे में वकील से बातचीत और कानूनी प्रावधान को ध्यान में रखते हुए उच्च न्यायालय में अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में अपील दायर की गई है।
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पार्षदों ने दायर की आरटीआई, पूछे नगर परिषद से ही सवाल
पार्षद रवींद्र पठानिया ने बताया कि नगर परिषद की कार्रवाई को लेकर वे हमेशा ही असंतुष्ट रहे हैं। लोगों के हित में काम करने की जगह परिषद के पदाधिकारी अपने हित के लिए काम कर रहे हैं। ऐसे में आरटीआई के माध्यम से भी कई सवाल पूछे गए हैं। जिनमें कोरोना के दौरान सैनिटाइज और मास्क की खरीद की संख्या और दाम का ब्यौरा मांगा गया है। नगर परिषद की ओर से परिधि में अलॉट की गई दुकानों के ब्यौरे के साथ-साथ यह भी पूछा गया है कि दुकानें किसे और कितने में अलॉट की गई और अब तक नगर परिषद के खाते में कितनी राशि आई है।
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बताया कि यह भी पूछा गया है कि नगर परिषद बनने से पहले परिषद की देनदारी क्या थी और वर्तमान में क्या हैं ? अब तक नगर परिषद की ओर से कितनी प्रशासनिक मंजूरियां दी गई हैं और दस लाख से अधिक राशि की प्रशासनिक मंजूरी कौन कौन से हाउस मीटिंग में मंजूरी के संबंध में चर्चा की गई।
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मामला पहले से ही कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट की ओर से तीन मार्च को अगली तारीख तय की गई है। फिलहाल पार्षदों की ओर से अपील के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
दिलीप अबरोल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कठुआ