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पहाड़ी क्षेत्रों को सड़क मार्ग से जोड़ने की मांग
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बिलावर। उपजिले के दूरदराज डूगैन ब्लॉक के चेयरमैन धर्म सिंह ने पहाड़ी क्षेत्रों को सड़क संपर्क से जोड़ने की मांग की है। चेयरमैन ने कहा कि उनका ब्लॉक सबसे पिछड़ा हुआ है और आज तक सरकार की ओर से इलाके को सड़क संपर्क से नहीं जोड़ा गया है। ब्लॉक चेयरमैन ने कहा कि वर्ष 2001 में सरकार ने मछेडी से भांजल भट्टवाल के लिए सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया था, जो 19 वर्ष बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। इस अवधि में केवल 23 किलोमीटर सड़क ही बन पाई है, जिसका लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। आज तक यह सड़क मार्ग कच्चा है और कई बार सरकार को अवगत करवाने के बावजूद भी निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाई गई है।
उन्होंने कहा कि दूरदराज इलाका होने के कारण आज भी लोग कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों के लोग बद से बदतर जिंदगी जीने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने बताया कि अगर इलाके में कोई बीमार पड़ जाए तो आज भी लोगों को उसे पालकी में डालकर निचले इलाकों में इलाज कराने के लिए ले जाना पड़ता है। इसके चलते कई लोग रास्ते में ही अपनी जान गवा चुके हैं। चेयरमैन ने सरकार से मांग की है कि इलाके के गोडू फलाल, बटोडी, डुगैन, नजोत, धनु परोल और अन्य कई पंचायतों में आज तक सरकार की ओर से सड़क सुविधा प्रदान नहीं की गई है। इलाके के लोग आज भी कच्चे और दुर्गम रास्तों पर चलने को मजबूर हैं। चेयरमैन ने कहा कि कई बार जम्मू-कश्मीर प्रदेश के आला अधिकारी के साथ-साथ कई मंत्रियों और नेताओं को इलाके में सड़क बनाने के लिए कह चुके हैं, लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है। ब्लॉक चेयरमैन ने सरकार से मांग की है कि दूरदराज और पहाड़ी इलाकों को सड़क संपर्क से जोड़ा जाए, जिससे लोगों को राहत मिल सके।
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उन्होंने कहा कि दूरदराज इलाका होने के कारण आज भी लोग कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों के लोग बद से बदतर जिंदगी जीने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने बताया कि अगर इलाके में कोई बीमार पड़ जाए तो आज भी लोगों को उसे पालकी में डालकर निचले इलाकों में इलाज कराने के लिए ले जाना पड़ता है। इसके चलते कई लोग रास्ते में ही अपनी जान गवा चुके हैं। चेयरमैन ने सरकार से मांग की है कि इलाके के गोडू फलाल, बटोडी, डुगैन, नजोत, धनु परोल और अन्य कई पंचायतों में आज तक सरकार की ओर से सड़क सुविधा प्रदान नहीं की गई है। इलाके के लोग आज भी कच्चे और दुर्गम रास्तों पर चलने को मजबूर हैं। चेयरमैन ने कहा कि कई बार जम्मू-कश्मीर प्रदेश के आला अधिकारी के साथ-साथ कई मंत्रियों और नेताओं को इलाके में सड़क बनाने के लिए कह चुके हैं, लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है। ब्लॉक चेयरमैन ने सरकार से मांग की है कि दूरदराज और पहाड़ी इलाकों को सड़क संपर्क से जोड़ा जाए, जिससे लोगों को राहत मिल सके।
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