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पशुपालकों ने दुधारू मवेशियों की खरीदारी की
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कठुआ। प्रदेश के प्रवेशद्वार लखनपुर में पशुपालन विभाग की रिंडरपेस्ट चेक पोस्ट पर विशाल पशुधन मेले के आयोजन का क्रम जारी है। लगातार पांचवें रविवार को आयोजित होने वाले मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए दुधारू मवेशियों की पशुपालकों ने खरीददारी की साथ वहां पशुपालन से जुड़ी जानकारी देने के लिए लगाए गए स्टालों से जानकारी भी जुटाई।
इस मौके पर विशेष रूप उपस्थित विभाग के संयुक्त सचिव मतलूब टाक ने मेले का निरीक्षण किया और वहां अपने पशुओं को बेचने और खरीदने के लिए आने वाले पशुपालकों से रूबरू हुए। उन्होंने जम्मू कश्मीर के पशुपालकों से पशु मेले में मिलने वाली सुविधा के बारे में जानकारी ली और इसमें सुधार के सुझाव भी मांगे। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी बनाने के लिए विभाग का प्रयास तभी सार्थक होगा। जब कि पशुपालक इसमें अपना योगदान सुनिश्चत करें। उनके योगदान से दुग्ध उत्पादन में जम्मू कश्मीर को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। मेले के संबंध में जिला पशुपालन अधिकारी डॉ. सतवीर ने बताया कि पांचवी बार हो रहे इस आयोजन में इस बार हालांकि कुछ कम पशुपालक शामिल हुए है। शायद इसका कारण लखनपुर में कोरोना को लेकर बढ़ी सख्ती और ठंड हो सकती है। उम्मीद की जाती आने वाले दिनों में मेला अपने पुरानेे तर्ज पर आएगा। उन्होंने बताया कि पांचवी बार हो रहे मेले में 250 उन्नत नस्ल के दुधारू मवेशी आए थे। जिसमें से 200 दुधारू मवेशी पशुपालकों ने खरीद लिए है।
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इस मौके पर विशेष रूप उपस्थित विभाग के संयुक्त सचिव मतलूब टाक ने मेले का निरीक्षण किया और वहां अपने पशुओं को बेचने और खरीदने के लिए आने वाले पशुपालकों से रूबरू हुए। उन्होंने जम्मू कश्मीर के पशुपालकों से पशु मेले में मिलने वाली सुविधा के बारे में जानकारी ली और इसमें सुधार के सुझाव भी मांगे। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी बनाने के लिए विभाग का प्रयास तभी सार्थक होगा। जब कि पशुपालक इसमें अपना योगदान सुनिश्चत करें। उनके योगदान से दुग्ध उत्पादन में जम्मू कश्मीर को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। मेले के संबंध में जिला पशुपालन अधिकारी डॉ. सतवीर ने बताया कि पांचवी बार हो रहे इस आयोजन में इस बार हालांकि कुछ कम पशुपालक शामिल हुए है। शायद इसका कारण लखनपुर में कोरोना को लेकर बढ़ी सख्ती और ठंड हो सकती है। उम्मीद की जाती आने वाले दिनों में मेला अपने पुरानेे तर्ज पर आएगा। उन्होंने बताया कि पांचवी बार हो रहे मेले में 250 उन्नत नस्ल के दुधारू मवेशी आए थे। जिसमें से 200 दुधारू मवेशी पशुपालकों ने खरीद लिए है।
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