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Kathua News: बुटीक व पार्लर से महिलाओं को बना रहीं आत्मनिर्भर
Tue, 15 Jul 2025 01:11 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 15 Jul 2025 01:11 AM IST
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अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण देतीं माया देवी। स्त्रोत : स्वयं
घर पर गरीब लड़कियों को देती हैं सिलाई और पार्लर का प्रशिक्षण
कठुआ। माया देवी बुटीक से आजीविका चलाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं। माया देवी ने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) और पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत सिलाई प्रशिक्षण हासिल किया है।
शादी के दो साल बाद ही वर्ष 2009 से सिलाई और पार्लर चला रही थी, लेकिन आत्मनिर्भर तब बनी जब 50 हजार लोन लेकर शास्त्री नगर में बुटिक और पार्लर खोला। माया ने बताया कि जिला शहरी विकास एजेंसी (डीयूडीए) ने लोन दिलाने में मदद की। इसके बाद उसने दिन-रात मेहनत कर पति के साथ मिलकर परिवार की आजीविका चलने में मदद की। वर्तमान में 20 हजार से ज्यादा महीना कमा रही हैं। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा खुशी गरीब लड़कियों की मदद करने में मिलती है। वह अब तक 40 लड़कियों को निशुल्क सिलाई और पार्लर का काम सिखा चुकी हैं। वर्तमान में पति की सेहत ठीक न होने से उसने पार्लर और बुटीक मार्केट से बंद कर घर में वार्ड 14 में स्थानांतरित कर लिया है। इस समय उसके पास छह गरीब घरों की लड़कियां सिलाई और पार्लर का काम सीख रही हैं।
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कठुआ। माया देवी बुटीक से आजीविका चलाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं। माया देवी ने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) और पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत सिलाई प्रशिक्षण हासिल किया है।
शादी के दो साल बाद ही वर्ष 2009 से सिलाई और पार्लर चला रही थी, लेकिन आत्मनिर्भर तब बनी जब 50 हजार लोन लेकर शास्त्री नगर में बुटिक और पार्लर खोला। माया ने बताया कि जिला शहरी विकास एजेंसी (डीयूडीए) ने लोन दिलाने में मदद की। इसके बाद उसने दिन-रात मेहनत कर पति के साथ मिलकर परिवार की आजीविका चलने में मदद की। वर्तमान में 20 हजार से ज्यादा महीना कमा रही हैं। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा खुशी गरीब लड़कियों की मदद करने में मिलती है। वह अब तक 40 लड़कियों को निशुल्क सिलाई और पार्लर का काम सिखा चुकी हैं। वर्तमान में पति की सेहत ठीक न होने से उसने पार्लर और बुटीक मार्केट से बंद कर घर में वार्ड 14 में स्थानांतरित कर लिया है। इस समय उसके पास छह गरीब घरों की लड़कियां सिलाई और पार्लर का काम सीख रही हैं।
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