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कठुआ के जसरोटा वन्यजीव अभ्यारण्य में दिखा ब्लैक नेप्ड मोनार्क
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डॉ नीरज शर्मा द्वारा जसरोटा वन्यजीव अभ्यारण्य में लिया गया ब्लैक नेप्ड मोनार्क का फोटो।
- फोटो : KATHUA
कठुआ। जम्मू-कश्मीर में पहली बार ब्लैक नेप्ड मोनार्क की मौजूदगी का पता चला है। यह पक्षी कठुआ जिले के जसरोटा वन्यजीव अभयारण्य में है। इसके अस्तित्व का पता पशु-पक्षियों की गणना के दौरान चला है। जम्मू-कश्मीर के थीन, जसरोटा और सुरुईंसर-मानसर वन्यजीव अभयारण्य में पशु, पक्षियों की गणना की जा रही है।
प्रदेश में इस पक्षी को पहली बार किसी वन्यजीव अभयारण्य में देखा गया है। इससे वन्यजीव विभाग भी खासा उत्साहित है। प्रदेश में पाए जाने वाले पक्षियों की सूची में जल्द यह पक्षी भी शामिल हो जाएगा। जम्मू विश्वविद्यालय के भद्रवाह कैंपस से सहायक प्रो. डॉ. नीरज शर्मा की अगुवाई वाली टीम ने जसरोटा वन्यजीव अभयारण्य में इस पक्षी को तलाशा है। विशेषज्ञों के अनुसार ऊष्ण कटिबंधीय दक्षिणी एशिया में भारत से पूर्वी श्रीलंका के साथ-साथ, चीन, ताइवान, इंडोनेशिया और फिलीपींस में पक्षियों की यह प्रजाति पाई जाती है। ब्लैक नेप्ड मोनार्क आमतौर पर घने जंगलों पाई जाती है। जिसका वैज्ञानिक नाम हायपोथैमिस एजुरिया है। वयस्क नर लगभग 16 सेमी लंबे होते हैं। मुख्य रूप से हल्के नीले रंग के अलावा इनका पेट हल्के सफेद रंग का होता है। इनके सिर के पीछे हिस्से पर काले रंग के बाल होते हैं और गर्दन पर एक काली धारी होती है। मादा के पंख और पीठ भूरे रंग के होते हैं।
प्रदेश में इस पक्षी का पहली बार देखा जाना बड़ी बात है। भद्रवाह से आई विशेषज्ञों की टीम इन दिनों गणना में जुटी है और जसरोटा वन्यजीव अभयारण्य में इस पक्षी को पाया गया है।
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-विजय कुमार वर्मा, वाइल्ड लाइफ वार्डन कठुआ
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प्रदेश में इस पक्षी को पहली बार किसी वन्यजीव अभयारण्य में देखा गया है। इससे वन्यजीव विभाग भी खासा उत्साहित है। प्रदेश में पाए जाने वाले पक्षियों की सूची में जल्द यह पक्षी भी शामिल हो जाएगा। जम्मू विश्वविद्यालय के भद्रवाह कैंपस से सहायक प्रो. डॉ. नीरज शर्मा की अगुवाई वाली टीम ने जसरोटा वन्यजीव अभयारण्य में इस पक्षी को तलाशा है। विशेषज्ञों के अनुसार ऊष्ण कटिबंधीय दक्षिणी एशिया में भारत से पूर्वी श्रीलंका के साथ-साथ, चीन, ताइवान, इंडोनेशिया और फिलीपींस में पक्षियों की यह प्रजाति पाई जाती है। ब्लैक नेप्ड मोनार्क आमतौर पर घने जंगलों पाई जाती है। जिसका वैज्ञानिक नाम हायपोथैमिस एजुरिया है। वयस्क नर लगभग 16 सेमी लंबे होते हैं। मुख्य रूप से हल्के नीले रंग के अलावा इनका पेट हल्के सफेद रंग का होता है। इनके सिर के पीछे हिस्से पर काले रंग के बाल होते हैं और गर्दन पर एक काली धारी होती है। मादा के पंख और पीठ भूरे रंग के होते हैं।
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प्रदेश में इस पक्षी का पहली बार देखा जाना बड़ी बात है। भद्रवाह से आई विशेषज्ञों की टीम इन दिनों गणना में जुटी है और जसरोटा वन्यजीव अभयारण्य में इस पक्षी को पाया गया है।
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-विजय कुमार वर्मा, वाइल्ड लाइफ वार्डन कठुआ