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मक्की की बुवाई करने में जुटे किसान
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उपमंडल के पहाड़ी क्षेत्रों के किसान इन दिनों खेतों की बुवाई करते हुए नजर आ रहे हैं। कई इलाकों में बारिश होने के बाद जमीन में अनुकूल नमी होने पर दूर-दराज के इलाकों के किसानों को बैलों के साथ हल जोत कर मक्का लगाते हुए देखा जा सकता है।
मल्हार क्षेत्र के किसान बंसीलाल ने बताया कि इन दिनों मक्का की फसल लगाने के लिए मौसम बड़ा अनुकूल है। किसान धर्म चंद ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है जिससे जमीन में काफी नमी आ गई है। किसान बिशंबर दास ने कहा कि 1 सप्ताह के बाद ज्यादातर किसान मक्की की फसल को लगाने का काम पूरा कर लेंगे।
गौरतलब है कि पहाड़ी इलाकों के ज्यादातर किसान पारंपरिक तरीके से बैलों के साथ हल जोड़कर ही बुवाई करते हैं क्योंकि दूरदराज क्षेत्र होने के कारण कई प्रकार के खेती संबंधित संसाधन इलाकों में नहीं पहुंच पाते हैं। वहीं ज्यादातर इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था भी नहीं है। ज्यादातर किसान फसलों को लगाने के लिए बारिशों के पानी पर ही निर्भर रहते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों ने सरकार से मांग की है कि जिन इलाकों में सरकार की ओर से सिंचाई की व्यवस्था नहीं की गई है, उन इलाकों में जल्द से जल्द सिंचाई की व्यवस्था की जाए।
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मल्हार क्षेत्र के किसान बंसीलाल ने बताया कि इन दिनों मक्का की फसल लगाने के लिए मौसम बड़ा अनुकूल है। किसान धर्म चंद ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है जिससे जमीन में काफी नमी आ गई है। किसान बिशंबर दास ने कहा कि 1 सप्ताह के बाद ज्यादातर किसान मक्की की फसल को लगाने का काम पूरा कर लेंगे।
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गौरतलब है कि पहाड़ी इलाकों के ज्यादातर किसान पारंपरिक तरीके से बैलों के साथ हल जोड़कर ही बुवाई करते हैं क्योंकि दूरदराज क्षेत्र होने के कारण कई प्रकार के खेती संबंधित संसाधन इलाकों में नहीं पहुंच पाते हैं। वहीं ज्यादातर इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था भी नहीं है। ज्यादातर किसान फसलों को लगाने के लिए बारिशों के पानी पर ही निर्भर रहते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों ने सरकार से मांग की है कि जिन इलाकों में सरकार की ओर से सिंचाई की व्यवस्था नहीं की गई है, उन इलाकों में जल्द से जल्द सिंचाई की व्यवस्था की जाए।
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