फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   After Gandhi Seva Sadan, Nehru Yuva Kendra also derailed

Kathua News: गांधी सेवा सदन के बाद नेहरू युवा केंद्र भी पटरी से उतरा

Wed, 19 Mar 2025 01:46 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Wed, 19 Mar 2025 01:46 AM IST
विज्ञापन
After Gandhi Seva Sadan, Nehru Yuva Kendra also derailed
प्रदेश के 12 नेहरू युवा केंद्रों में सिर्फ दो अधिकारी, स्टाफ की भारी कमी
विज्ञापन


कठुआ। गांधी सेवा सदन और नेहरू युवा केंद्र की गतिविधियों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। गांधी सेवा सदनों में पहले की तरह न तो उत्पादन हो रहा है और न ही बिक्री। महात्मा गांधी की खादी के कुर्ते आज नेताओं की पहचान तो हैं, लेकिन कहीं न कहीं इसे चलन में लाने वाला सदन गुमनामी में चला गया है।
अब नेहरू युवा केंद्र के हालात भी कुछ सही दिखाई नहीं दे रहे हैं। प्रदेश के 20 जिलों में से 12 में नेहरू युवा केंद्र पिछले कई दशकों से सक्रिय रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि 12 जिलों की कमान केवल दो अधिकारी प्रभारी बनकर उठा रहे हैं। यहां तक कि क्लेरिकल स्टाफ भी प्रभार के तौर पर काम कर रहा है। इसमें एक उदाहरण कठुआ जिले का है, जहां सुबह कार्यालय खुलता है लेकिन एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के अलावा कोई नहीं होता। उधर, राजोरी के नेहरू युवा केंद्र के जिला युवा अधिकारी को पांच जिलों की कमान है, जिसमें से कठुआ भी एक है। उधर, केंद्र की वार्षिक गतिविधियों का स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाला कैलेंडर दो साल से नहीं बना है।
विज्ञापन


वालंटियरों की कमी से फील्ड में युवाओं से संपर्क कटा

मौजूदा परिदृश्य में नेहरू युवा केंद्र कठुआ वर्तमान में गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। फील्ड स्तर पर नेशनल यूथ वॉलंटियर्स की अनुपस्थिति ने केंद्र और युवाओं के बीच संपर्क को कमजोर कर दिया है। पहले फील्ड स्तर पर 40 वॉलंटियर्स कार्यरत थे, जो युवाओं और केंद्र के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते थे। मगर अब उनकी अनुपस्थिति से गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। वर्तमान में केंद्र के कार्यालय में कर्मचारियों की संख्या अत्यधिक सीमित हो गई है। पहले जिस कार्यालय में जिला युवा अधिकारी, एक लेखाकार कार्यक्रम सहायक और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मौजूद होता था। वहां मौजूदा समय में एक मात्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बचा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हालांकि वालंटियरों को हटाए जाने के बाद युवा भारत पोर्टल जैसी तकनीकी पहल की गई है। मगर इसके बावजूद ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के युवाओं को सूचना प्रौद्योगिकी का पर्याप्त उपयोग करने में कठिनाई हो रही है। बता दें कि जम्मू और कश्मीर में वर्ष 1972 में स्थापित नेहरू युवा केंद्र कठुआ ने पांच दशकों से ग्रामीण युवाओं के विकास, संगठन और सशक्तिकरण में अभूतपूर्व भूमिका निभाई है। यह केंद्र युवाओं को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने, सामाजिक सुधारों को बढ़ावा देने और उनके व्यक्तिगत विकास के लिए उन्हें प्रेरित करने का एक मजबूत आधार बना। युवा मंडलों ने न केवल सामाजिक बुराइयों का विरोध किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जल स्रोतों की देखभाल और स्वास्थ्य जागरूकता जैसी गतिविधियों के माध्यम से गांवों में सकारात्मक बदलाव लाए। संवाद
प्रदेश में केवल दो जिला प्रभारी ही उपलब्ध हैं, लेकिन एडजस्टमेंट की जा रही है और जल्द व्यवस्था सही हो जाएगी।

निसार अहमद बट्ट
प्रदेश निदेशक, नेहरू युवा केंद्र
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed