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मांगें पूरी नहीं हुईं तो करेंगे आत्मदाह
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कठुआ। बकाया वेतन और स्थायी करने की मांग पूरी नहीं होने पर पीएचई सीपी वर्कर्स के सब्र का बांध टूटता जा रहा है। उन्होंने जल्द सुध नहीं लेने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। बुधवार को सीपी वर्कर्स ने कहा कि बार-बार आवाज बुलंद करने के बावजूद मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। पैसे नहीं होने के कारण खाने-पीने के लाले पड़े हुए हैं। इसके अलावा परिजनों से रोज रोज बहाना बनाते हुए तंग हो चुके हैं।
बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनके साथ इससे बड़ा शोषण और क्या हो सकता है कि पंद्रह साल से काम कर रहे कर्मचारियों को अभी तक पक्का नहीं किया गया। इसके साथ ही पांच साल से वेतन नहीं दिया गया है। राज्य में नियम हैं कि सात साल तक सेवा करने वाले को पक्का किया जाता है। मगर उन्हें पंद्रह साल बीतने के बावजूद अभी तक स्थायी नहीं किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कर्मचारियों को अब आंदोलन को कड़ा रुख अख्तियार करने के लिए मजबूर किया है। यूनियन के जिला प्रधान शिव नारायण सिंह ने कहा कि राज्यपाल के आदेश के बाद पीएचई विभाग के डेलीवेजरों को एक माह का वेतन जारी हुआ है। इसे देने के लिए भी अधिकारी तानाशाही रवैया अपनाए हुए हैं। अगर दो दिन के अंदर वेतन नहीं दिया गया तो वह आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।
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बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनके साथ इससे बड़ा शोषण और क्या हो सकता है कि पंद्रह साल से काम कर रहे कर्मचारियों को अभी तक पक्का नहीं किया गया। इसके साथ ही पांच साल से वेतन नहीं दिया गया है। राज्य में नियम हैं कि सात साल तक सेवा करने वाले को पक्का किया जाता है। मगर उन्हें पंद्रह साल बीतने के बावजूद अभी तक स्थायी नहीं किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कर्मचारियों को अब आंदोलन को कड़ा रुख अख्तियार करने के लिए मजबूर किया है। यूनियन के जिला प्रधान शिव नारायण सिंह ने कहा कि राज्यपाल के आदेश के बाद पीएचई विभाग के डेलीवेजरों को एक माह का वेतन जारी हुआ है। इसे देने के लिए भी अधिकारी तानाशाही रवैया अपनाए हुए हैं। अगर दो दिन के अंदर वेतन नहीं दिया गया तो वह आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।
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