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काम के लिए जगह उपलब्ध कराने की मांग को सांझी मोड में धरना तीसरे दिन भी जारी।
Updated Thu, 13 Sep 2018 01:20 AM IST
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हीरानगर। अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध जिला प्रशासन की ओर से शुरू की गई कार्रवाई के तहत सांझी मोड़ में भी कई खोखे तोड़े गए। इस कार्रवाई के विरोध में खोखा मालिकों ने सोमवार को धरना शुरू किया जो बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। धरना दे रहे लोगों ने कहा कि डीसी हमें जमीन उपलब्ध कराएं, जहां वे अपनी रोजी-रोटी कमा सकें।
धरने की अगुवाई कर रहे राज सिंह ने कहा हमारी एक ही मांग है हमें उजाड़ा गया है तो रोजगार के लिए जगह भी उपलब्ध कराई जाए। जिस प्रकार से कठुआ के पुराने बाजार में फल सब्जी का काम करने वाले लोगों को वहां से हटा कर काम के लिए बाजार के बाहर जगह दी गई वैसे ही हमें भी बसाया जाए। प्रशासन की इस तरह की कार्रवाई से कई परिवारों के चूल्हे बुझने की कगार पर हैं। जिन परिवारों की रोजी-रोटी यहीं से चलती थी उनके लिए यह बहुत बड़ा हादसा है। हम उम्मीद करते हैं कि प्रशासन इनकी मदद को आगे जरूर आएगा। जब तक ऐसा नहीं होता हमारा धरना जारी रहेगा।
उन्होंने कहा अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरु करने से पहले हमारा एक प्रतिनिधिमंडल डीसी कठुआ से मिला था। हमने मांग की थी कि वे स्वयं मौके पर आकर जायजा ले तो बेहतर होगा। जिसके बाद उन्होंने आश्वासन दिया था कि कार्रवाई से पहले पूरी स्थिति का जायजा लिया जाएगा। लेकिन अफसोस की बात है कि बिना बताए एक दम से कार्रवाई शुरू कर दी गई। लोगों के अनुरोध के बावजूद हैं उन्हें खोखे के भीतर रखा सामान निकालने का समय भी नहीं दिया। इस कार्रवाई में जो नुकसान हुआ है प्रशासन को उसकी भरपाई करनी चाहिए। इसके अलावा जिन लोगों की रोजी-रोटी छिनी है, उनके लिए ऐसी जगह की व्यवस्था की जानी चाहिए, जहां वे काम कर सकें।
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धरने की अगुवाई कर रहे राज सिंह ने कहा हमारी एक ही मांग है हमें उजाड़ा गया है तो रोजगार के लिए जगह भी उपलब्ध कराई जाए। जिस प्रकार से कठुआ के पुराने बाजार में फल सब्जी का काम करने वाले लोगों को वहां से हटा कर काम के लिए बाजार के बाहर जगह दी गई वैसे ही हमें भी बसाया जाए। प्रशासन की इस तरह की कार्रवाई से कई परिवारों के चूल्हे बुझने की कगार पर हैं। जिन परिवारों की रोजी-रोटी यहीं से चलती थी उनके लिए यह बहुत बड़ा हादसा है। हम उम्मीद करते हैं कि प्रशासन इनकी मदद को आगे जरूर आएगा। जब तक ऐसा नहीं होता हमारा धरना जारी रहेगा।
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उन्होंने कहा अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरु करने से पहले हमारा एक प्रतिनिधिमंडल डीसी कठुआ से मिला था। हमने मांग की थी कि वे स्वयं मौके पर आकर जायजा ले तो बेहतर होगा। जिसके बाद उन्होंने आश्वासन दिया था कि कार्रवाई से पहले पूरी स्थिति का जायजा लिया जाएगा। लेकिन अफसोस की बात है कि बिना बताए एक दम से कार्रवाई शुरू कर दी गई। लोगों के अनुरोध के बावजूद हैं उन्हें खोखे के भीतर रखा सामान निकालने का समय भी नहीं दिया। इस कार्रवाई में जो नुकसान हुआ है प्रशासन को उसकी भरपाई करनी चाहिए। इसके अलावा जिन लोगों की रोजी-रोटी छिनी है, उनके लिए ऐसी जगह की व्यवस्था की जानी चाहिए, जहां वे काम कर सकें।
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