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अंतराष्ट्रीय सीमा पर बंकर बनाने की कवायद शुरू, टेंडर जारी
Updated Sun, 17 Jun 2018 02:04 AM IST
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कठुआ। भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आए दिन गोलाबारी से परेशान होने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। जीरो लाइन से तीन किलोमीटर दायरे में पहले चरण के 1123 निजी बंकरों बनाने की कवायद शुरू हो गई है। पीएमओ मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा किए गए वादे के अनुसार पहले चरण के इन बंकरों का निर्माण चार से पांच माह के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।
लोकनिर्माण विभाग को कठुआ जिला में इन बंकरों को नब्बे दिन की तय मियाद के भीतर पूरा करवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हाल ही में विभाग ने टेंडर सूचना भी जारी कर दी है। वहीं 150 के करीब सामुदायिक बंकरों के लिए भी विभाग ने टेंडर सूचना जारी कर दी है। इस संबंध में जानकारी देते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष प्रेम नाथ डोगरा ने बताया कि डॉ. जितेंद्र सिंह ने सीमावर्ती लोगों के साथ किए वादे को पूरा किया है। केंद्र सरकार के लिए सीमावर्ती लोगों की सुरक्षा ही प्राथमिकता है।
यहां बनेंगे निजी बंकर
लोकनिर्माण विभाग द्वारा पहले चरण में चक देवो, लड़वाल, लोंडी, ठाकुरपुरा, शेरपुर बाला, चक जवाहर, मंडयाल, छन्न टांडा, कडियाला, गुज्जर चक, बोबिया, करोल कृष्णा, पंजग्राईं, रठुआ, मनियारी, भाटी मेरू, मुट्ठी चारू, चक चंगा, करोल बिड्डो, करोल माथरेयां में बंकर बनाए जाने की योजना है। ये गांव अंतरराष्ट्रीय सीमा की पहली पंक्ति के हैं। हर बार होने वाली गोलाबारी से सबसे अधिक प्रभावित होते रहे हैं।
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प्रति बंकर कितना होगा अनुमानित खर्च
जानकारों के अनुसार निजी बंकर के निर्माण में जहां प्रति बंकर लगभग दो लाख चालीस हजार रुपये की राशि के खर्च का अनुमान है। वहीं सामुदायिक बंकर में आठ लाख चालीस हजार रुपये की अनुमानित लागत आएगी। उल्लेखनीय है कि कठुआ उधमपुर क्षेत्र से सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह ने वर्ष 2015 की सात जनवरी को हीरानगर में राहत शिविर में लोगों की समस्याएं सुनते हुए उन्हें बंकर निर्माण का आश्वासन दिया था।
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लोकनिर्माण विभाग को कठुआ जिला में इन बंकरों को नब्बे दिन की तय मियाद के भीतर पूरा करवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हाल ही में विभाग ने टेंडर सूचना भी जारी कर दी है। वहीं 150 के करीब सामुदायिक बंकरों के लिए भी विभाग ने टेंडर सूचना जारी कर दी है। इस संबंध में जानकारी देते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष प्रेम नाथ डोगरा ने बताया कि डॉ. जितेंद्र सिंह ने सीमावर्ती लोगों के साथ किए वादे को पूरा किया है। केंद्र सरकार के लिए सीमावर्ती लोगों की सुरक्षा ही प्राथमिकता है।
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यहां बनेंगे निजी बंकर
लोकनिर्माण विभाग द्वारा पहले चरण में चक देवो, लड़वाल, लोंडी, ठाकुरपुरा, शेरपुर बाला, चक जवाहर, मंडयाल, छन्न टांडा, कडियाला, गुज्जर चक, बोबिया, करोल कृष्णा, पंजग्राईं, रठुआ, मनियारी, भाटी मेरू, मुट्ठी चारू, चक चंगा, करोल बिड्डो, करोल माथरेयां में बंकर बनाए जाने की योजना है। ये गांव अंतरराष्ट्रीय सीमा की पहली पंक्ति के हैं। हर बार होने वाली गोलाबारी से सबसे अधिक प्रभावित होते रहे हैं।
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प्रति बंकर कितना होगा अनुमानित खर्च
जानकारों के अनुसार निजी बंकर के निर्माण में जहां प्रति बंकर लगभग दो लाख चालीस हजार रुपये की राशि के खर्च का अनुमान है। वहीं सामुदायिक बंकर में आठ लाख चालीस हजार रुपये की अनुमानित लागत आएगी। उल्लेखनीय है कि कठुआ उधमपुर क्षेत्र से सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह ने वर्ष 2015 की सात जनवरी को हीरानगर में राहत शिविर में लोगों की समस्याएं सुनते हुए उन्हें बंकर निर्माण का आश्वासन दिया था।