{"_id":"67be1a62cb42a7e152021c10","slug":"29-aanganwari-centres-shift-in-school-buildings-kathua-news-c-201-1-knt1009-117740-2025-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में होगा सुधार, तय होगी जवाबदेही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में होगा सुधार, तय होगी जवाबदेही
विज्ञापन
कठुआ जिले के एक आंगनबाड़ी केंद्र में मौजूद बच्चे व उनके अभिभावक। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- 29 आंगनबाड़ी केंद्र स्कूल में बनी इमारतों में किए गए स्थापित
- 85 और केंद्र सरकारी स्कूलों के परिसर में ही चलेंगे, शिक्षा विभाग ने दी मंजूरी
खास खबर का लोगो लगाएं
गोल्डी शर्मा
कठुआ। एकीकृत बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) और पोषण अभियान के तहत किराये की इमारतों में चल रहे 29 आंगनबाड़ी केंद्रों को नजदीक के सरकारी स्कूलों में शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं, जिले के 85 और आंगनबाड़ी केंद्रों की स्कूल परिसर में ही इमारत बनाने के लिए शिक्षा विभाग से मंजूरी भी मिल चुकी है।
इससे विभाग पर न केवल किराये का वित्त बोझ कम होगा, बल्कि इससे आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार होगा। जिले भर में एकीकृत बाल विकास सेवाएं के तहत चलाए जा रहे कुल 1641 केंद्रों में 90 प्रतिशत किराये के मकानों में चल रहे हैं जिसके चलते संबंधित विभाग को एक बड़ी राशि किराये के रूप में देनी पड़ती है। विभाग पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। भविष्य में इसी वित्त बोझ को कम करने और वर्तमान आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार करने के लिए ही जिला प्रशासन की ओर से इस योजना को अमलीजामा पहनाया गया है। विभाग ने हाल फिलहाल में 85 और स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण करवाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
विभाग का दावा है कि इससे न केवल आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत कर्मियों की जवाबदेही तय होगी बल्कि इससे आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत तीन साल से ज्यादा आयु वाले बच्चों को उसी सरकारी स्कूल के प्री-प्राइमरी और प्राइमरी कक्षाओं में दाखिला लेने की भी सुविधा मिलेगी। प्रक्रिया से सरकारी स्कूलों में लगातार कम हो रही नामांकन संख्या में भी इजाफा होने की संभावना है। यह प्रक्रिया जिला प्रशासन के निर्देश के बाद ही शुरू की गई है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
वर्तमान में स्कूलों से यह केंद्र संचालित हो रहे
जिले के पोषण अभियान के तहत आईसीडीएस के आठ प्रोजेक्ट हैं। इसमें बरनोटी, कठुआ, हीरानगर, बिलावर, बसोहली, लोहाई मल्हार, बनी और डुग्गन शामिल हैं। इसमें बरनोटी के दो आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूलों में स्थापित किया गया है। वहीं, कठुआ के सात, हीरानगर के दो, बिलावर के पांच, बसोहली के तीन, लोहाई मल्हार के सात, बनी के दो और डुग्गन का एक केंद्र है, जो मौजूदा समय में स्कूलों से संचालित किए जा रहे है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
85 स्कूलों में अलग से बनेंगे केंद्र
एकीकृत बाल विकास सेवाएं के तहत 85 स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की शिक्षा विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। जिसमें कठुआ प्रोजेक्ट में 10 स्कूलों में, बरनोटी के 15, हीरानगर के 28, बिलावर के 14, बसोहली के तीन, बनी के पांच, डुग्गन के दो और लोहाई मल्हार के आठ स्कूलों में अलग से केंद्र बनाने की योजना तैयार की जा रही है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
कोट...
जिला प्रशासन के आदेश के बाद 29 स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थापित किया गया है। वहीं, 85 स्कूलों में जगह उपलब्ध करवाई गई है। इससे जहां भविष्य में सरकारी स्कूलों की नामांकन संख्या बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि इससे स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों की जबावदेही भी तय होगी। कुल मिलाकर दोनों विभागों को अपनी योजनाओं को लागू करने में मदद मिलेगी।
-- -- मंगत राम शर्मा, जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
स्कूल से संचालित होने से आंगनबाड़ी केंद्रों को एक नई पहचान मिलेगी। जो अब तक किराये के मकानों से चलने से नहीं मिलती थी। स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्रों के बनने से जहां स्कूल का ढांचागत विकास होगा। वहीं, आईसीडीएस विभाग को भी अनुशासनात्मक तरीके से लाभार्थियों को मदद देने में सुविधा मिलेगी। इससे आईसीडीएस कर्मचारियों की जबावदेही भी तय होगी।
-- -- -हीकत सिंह, सीडीपीओ कठुआ प्रोजेक्ट।
विज्ञापन
- 85 और केंद्र सरकारी स्कूलों के परिसर में ही चलेंगे, शिक्षा विभाग ने दी मंजूरी
खास खबर का लोगो लगाएं
गोल्डी शर्मा
कठुआ। एकीकृत बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) और पोषण अभियान के तहत किराये की इमारतों में चल रहे 29 आंगनबाड़ी केंद्रों को नजदीक के सरकारी स्कूलों में शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं, जिले के 85 और आंगनबाड़ी केंद्रों की स्कूल परिसर में ही इमारत बनाने के लिए शिक्षा विभाग से मंजूरी भी मिल चुकी है।
इससे विभाग पर न केवल किराये का वित्त बोझ कम होगा, बल्कि इससे आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार होगा। जिले भर में एकीकृत बाल विकास सेवाएं के तहत चलाए जा रहे कुल 1641 केंद्रों में 90 प्रतिशत किराये के मकानों में चल रहे हैं जिसके चलते संबंधित विभाग को एक बड़ी राशि किराये के रूप में देनी पड़ती है। विभाग पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। भविष्य में इसी वित्त बोझ को कम करने और वर्तमान आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार करने के लिए ही जिला प्रशासन की ओर से इस योजना को अमलीजामा पहनाया गया है। विभाग ने हाल फिलहाल में 85 और स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण करवाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
विज्ञापन
विभाग का दावा है कि इससे न केवल आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत कर्मियों की जवाबदेही तय होगी बल्कि इससे आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत तीन साल से ज्यादा आयु वाले बच्चों को उसी सरकारी स्कूल के प्री-प्राइमरी और प्राइमरी कक्षाओं में दाखिला लेने की भी सुविधा मिलेगी। प्रक्रिया से सरकारी स्कूलों में लगातार कम हो रही नामांकन संख्या में भी इजाफा होने की संभावना है। यह प्रक्रिया जिला प्रशासन के निर्देश के बाद ही शुरू की गई है।
विज्ञापन
वर्तमान में स्कूलों से यह केंद्र संचालित हो रहे
जिले के पोषण अभियान के तहत आईसीडीएस के आठ प्रोजेक्ट हैं। इसमें बरनोटी, कठुआ, हीरानगर, बिलावर, बसोहली, लोहाई मल्हार, बनी और डुग्गन शामिल हैं। इसमें बरनोटी के दो आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूलों में स्थापित किया गया है। वहीं, कठुआ के सात, हीरानगर के दो, बिलावर के पांच, बसोहली के तीन, लोहाई मल्हार के सात, बनी के दो और डुग्गन का एक केंद्र है, जो मौजूदा समय में स्कूलों से संचालित किए जा रहे है।
85 स्कूलों में अलग से बनेंगे केंद्र
एकीकृत बाल विकास सेवाएं के तहत 85 स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की शिक्षा विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। जिसमें कठुआ प्रोजेक्ट में 10 स्कूलों में, बरनोटी के 15, हीरानगर के 28, बिलावर के 14, बसोहली के तीन, बनी के पांच, डुग्गन के दो और लोहाई मल्हार के आठ स्कूलों में अलग से केंद्र बनाने की योजना तैयार की जा रही है।
कोट...
जिला प्रशासन के आदेश के बाद 29 स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थापित किया गया है। वहीं, 85 स्कूलों में जगह उपलब्ध करवाई गई है। इससे जहां भविष्य में सरकारी स्कूलों की नामांकन संख्या बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि इससे स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों की जबावदेही भी तय होगी। कुल मिलाकर दोनों विभागों को अपनी योजनाओं को लागू करने में मदद मिलेगी।
स्कूल से संचालित होने से आंगनबाड़ी केंद्रों को एक नई पहचान मिलेगी। जो अब तक किराये के मकानों से चलने से नहीं मिलती थी। स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्रों के बनने से जहां स्कूल का ढांचागत विकास होगा। वहीं, आईसीडीएस विभाग को भी अनुशासनात्मक तरीके से लाभार्थियों को मदद देने में सुविधा मिलेगी। इससे आईसीडीएस कर्मचारियों की जबावदेही भी तय होगी।