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कलाकारों ने प्रस्तुतियों से समझाया संस्कृति का महत्व
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कठुआ। डोगरी कला केंद्र का उद्घाटन रविवार को गांव चक देसा सिंह में हआ। इस मौके पर लोक संस्कृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें डोगरी, पंजाबी व हिंदी आदि भाषाओं में कलाकारों ने प्रस्तुतियां दे कर संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस दौरान केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के अस्सिटेंट प्रोफेसर राशिद अली मुख्य वक्ता और डा. ऊषा मोगा, एडवोकेट सुशील गुप्ता विशेष तौर पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में गायक दिलशेर हंस, राजेश कोहली, अमित घुंघरू, कालेज छात्रा अंजू, संजय व अन्य कलाकारों ने प्रस्तुतियां दे कर समां बांधा।
डोगरी कला केंद्र की एडहॉक कमेटी के अध्यक्ष धीरज ने बताया की इस केंद्र की शुरुआत जम्मू क्षेत्र के लोक साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने के लिए की गई है। अस्सिटेंट प्रोफेसर राशिद ने कहा कि कला का जन्म आम लोगों के द्वारा ही किया जाता है। इसे समय के साथ लो और हाई आर्ट में बदला जाता है। किसी भी कला का उद्देश्य मनुष्य को और अधिक सवेंदनशील बनाना होता है। कला केंद्र द्वारा समय-समय पर नाटक और गीत प्रस्तुत कर सांस्कृतिक व सामाजिक बुराइयों के प्रति सचेत किया जाता है। इस मौके पर उपप्रधान सन्नी डोगरा, सचिव मोनिका के साथ काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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इस दौरान केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के अस्सिटेंट प्रोफेसर राशिद अली मुख्य वक्ता और डा. ऊषा मोगा, एडवोकेट सुशील गुप्ता विशेष तौर पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में गायक दिलशेर हंस, राजेश कोहली, अमित घुंघरू, कालेज छात्रा अंजू, संजय व अन्य कलाकारों ने प्रस्तुतियां दे कर समां बांधा।
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डोगरी कला केंद्र की एडहॉक कमेटी के अध्यक्ष धीरज ने बताया की इस केंद्र की शुरुआत जम्मू क्षेत्र के लोक साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने के लिए की गई है। अस्सिटेंट प्रोफेसर राशिद ने कहा कि कला का जन्म आम लोगों के द्वारा ही किया जाता है। इसे समय के साथ लो और हाई आर्ट में बदला जाता है। किसी भी कला का उद्देश्य मनुष्य को और अधिक सवेंदनशील बनाना होता है। कला केंद्र द्वारा समय-समय पर नाटक और गीत प्रस्तुत कर सांस्कृतिक व सामाजिक बुराइयों के प्रति सचेत किया जाता है। इस मौके पर उपप्रधान सन्नी डोगरा, सचिव मोनिका के साथ काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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