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प्रदर्शन के अलावा कोई चारा नहीं
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कठुआ। तपती गर्मी में अर्द्धनग्न होकर शुक्रवार को पीएचई सीपी वर्कर्स ने मांगों के पूरा नहीं होने के विरोध में रोष रैली निकाली। सब डिवीजन कार्यालय से जिला सचिवालय तक रोष रैली निकाली रैली में सीपी वर्कर्स ने कहा कि उनके पास इसके अलावा कोई चारा नहीं है। क्योंकि उन्हें पांच साल से वेतन नहीं मिला है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल शिव नारायण सिंह ने कहा कि पांच साल से उन्हें वेतन नहीं मिला है और ऐसे में वह किस प्रकार अपना घर खर्च चलाएं। उन्हें भुखमरी का शिकार होना पड़ रहा है और सरकार उनकी ओर ध्यान नहीं दे रही है। उनके साथ जो वादे किए गए वह सब धोखा साबित हुए। उनका शोषण पांच साल किया गया। पांच साल उन्हें बंधुआ मजदूर की तरह रखा गया। जब भी वेतन मांगा उन्हें आश्वासन देकर चुप करवा दिया गया। अब हालत यह है कि उनके पास गुजारे के लिए कुछ बचा नहीं है। बच्चे घर पर बैठे हैं और घर में अनाज नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास दो ही रास्ते हैं या तो उन्हें वेतन दे दे या फिर उनके मरने के लिए कोई योजना बना दे। बिना वेतन के काम लेना कहां का न्याय है। राज्यपाल भी उनकी मांगों को अनदेखा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर आधे महीने का वेतन भी सरकार ने उनके लिए रखा होता तो सभी सीपी वर्कर्स का वेतन दिया जा सकता था।
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प्रदर्शनकारियों में शामिल शिव नारायण सिंह ने कहा कि पांच साल से उन्हें वेतन नहीं मिला है और ऐसे में वह किस प्रकार अपना घर खर्च चलाएं। उन्हें भुखमरी का शिकार होना पड़ रहा है और सरकार उनकी ओर ध्यान नहीं दे रही है। उनके साथ जो वादे किए गए वह सब धोखा साबित हुए। उनका शोषण पांच साल किया गया। पांच साल उन्हें बंधुआ मजदूर की तरह रखा गया। जब भी वेतन मांगा उन्हें आश्वासन देकर चुप करवा दिया गया। अब हालत यह है कि उनके पास गुजारे के लिए कुछ बचा नहीं है। बच्चे घर पर बैठे हैं और घर में अनाज नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास दो ही रास्ते हैं या तो उन्हें वेतन दे दे या फिर उनके मरने के लिए कोई योजना बना दे। बिना वेतन के काम लेना कहां का न्याय है। राज्यपाल भी उनकी मांगों को अनदेखा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर आधे महीने का वेतन भी सरकार ने उनके लिए रखा होता तो सभी सीपी वर्कर्स का वेतन दिया जा सकता था।
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