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जम्मू, श्रीनगर और लेह में रेडियो स्टेशनों का नाम बदला, आज से कहलाएंगे आकाशवाणी
Thu, 31 Oct 2019 11:39 AM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 31 Oct 2019 11:39 AM IST
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जम्मू, श्रीनगर और लेह में रेडियो स्टेशनों का नाम गुरूवार से बदल गया है। अब इन्हें ऑल इंडिया रेडियो जम्मू, ऑल इंडिया रेडियो श्रीनगर और ऑल इंडिया रेडियो लेह के नाम से जाना जाएगा।
आज से इन स्टेशनों की पहचान के लिए की जानी वाली उद्घोषणाएं "रेडियो कश्मीर" की जगह "ऑल इंडिया रेडियो" / "आकाशवाणी" होगा।
जम्मू-कश्मीर का इतिहास और भूगोल दोनों बुधवार और बृहस्पतिवार की दरमियानी रात से बदल गए। अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्रशासित प्रदेश हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019 के मुताबिक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्रशासित प्रदेश में बंट गए। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार देर रात इसकी अधिसूचना जारी की।
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दोनों केंद्रशासित प्रदेश देश के पहले गृहमंत्री और 560 से ज्यादा रियासतों का विलय करने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर वजूद में आए हैं। अब कुल राज्य 28 रह जाएंगे, जबकि कुल केंद्रशासित प्रदेशों की संख्या नौ हो गई है। यह पहली बार है जब किसी राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटा गया है।
अब दोनों केंद्रशासित प्रदेशों में रणबीर कानून की जगह भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (सीआरपीसी) की धाराएं लागू होंगी। नए जम्मू-कश्मीर में पुलिस व कानून-व्यवस्था केंद्र सरकार के अधीन होगी, जबकि भूमि व्यवस्था की देखरेख का जिम्मा निर्वाचित सरकार के तहत होगी। जम्मू-कश्मीर में सरकारी कामकाज की भाषा अब ऊर्दू नहीं हिंदी हो जाएगी।
नए जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 107 सदस्य हैं, जिनकी परिसीमन के बाद संख्या बढ़कर 114 तक हो जाएगी। वहीं, विधायिका में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के लिए पहले की तरह ही 24 सीट रिक्त रखी जाएंगी।
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आज से इन स्टेशनों की पहचान के लिए की जानी वाली उद्घोषणाएं "रेडियो कश्मीर" की जगह "ऑल इंडिया रेडियो" / "आकाशवाणी" होगा।
The identity announcements from these stations have been changed to "All India Radio"/"Akashvani" from "Radio Kashmir" with effect from today. https://t.co/Q7kMeYkSDM
— ANI (@ANI) October 31, 2019विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर का इतिहास और भूगोल दोनों बुधवार और बृहस्पतिवार की दरमियानी रात से बदल गए। अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्रशासित प्रदेश हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019 के मुताबिक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्रशासित प्रदेश में बंट गए। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार देर रात इसकी अधिसूचना जारी की।
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दोनों केंद्रशासित प्रदेश देश के पहले गृहमंत्री और 560 से ज्यादा रियासतों का विलय करने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर वजूद में आए हैं। अब कुल राज्य 28 रह जाएंगे, जबकि कुल केंद्रशासित प्रदेशों की संख्या नौ हो गई है। यह पहली बार है जब किसी राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटा गया है।
अब दोनों केंद्रशासित प्रदेशों में रणबीर कानून की जगह भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (सीआरपीसी) की धाराएं लागू होंगी। नए जम्मू-कश्मीर में पुलिस व कानून-व्यवस्था केंद्र सरकार के अधीन होगी, जबकि भूमि व्यवस्था की देखरेख का जिम्मा निर्वाचित सरकार के तहत होगी। जम्मू-कश्मीर में सरकारी कामकाज की भाषा अब ऊर्दू नहीं हिंदी हो जाएगी।
नए जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 107 सदस्य हैं, जिनकी परिसीमन के बाद संख्या बढ़कर 114 तक हो जाएगी। वहीं, विधायिका में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के लिए पहले की तरह ही 24 सीट रिक्त रखी जाएंगी।