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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu Kashmir: Roads of Chenab valley have become bloody, more than 100 deaths are happening every year; these

Jammu Kashmir: खूनी हुईं चिनाब घाटी की सड़कें, सालाना हो रहीं 100 से ज्यादा मौतें; हो चुके हैं....ये बड़े हादसे

Fri, 10 Jan 2025 04:49 PM IST
निकिता गुप्ता अजय मीनिया अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अजय मीनिया अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: निकिता गुप्ता Updated Fri, 10 Jan 2025 04:49 PM IST
सार

चिनाब घाटी में बेतरतीब सड़कों और सड़क सुरक्षा की कमी के कारण पिछले छह सालों में 20% सड़क हादसे हुए, जिसमें सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

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Jammu Kashmir: Roads of Chenab valley have become bloody, more than 100 deaths are happening every year; these
कश्मीर घाटी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चिनाब घाटी के तीन जिले सड़क हादसों का हाटस्पाट बन गए हैं। बीते छह वर्ष इसके गवाह हैं। कुल सड़क हादसों में 20 फीसदी की जान चिनाब घाटी में सफर करते गई। जिसका सबसे बड़ा कारण बेतरतीब बनी हुई सड़के हैं। हादसों की वजह जानने और इन पर अंकुश लगाने के लिए बनाई गई कमेटी ने भी यहीं बताया था।
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बावजूद इसके इन जिलों में सड़कों की हालत नहीं सुधरी। बाकी की कसर ओवरलोडिंग, खराब सड़कें, लचर यातायात व्यवस्था, वाहन चलाते तेज गति, अनफिट वाहनों का संचालन है।चिनाब घाटी में तीन जिले रामबन, किश्तवाड़ और रामबन शामिल हैं। केंद्रीय परिवहन एवं सड़क मंत्रालय ने इन जिलों में नाछरी-रामबन-बनिहाल-काजीगुंड सेक्शन को ब्लैक स्पाट करार दिया था। फिर भी इसी सेक्शन में हादसे हो रहे हैं।
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वर्ष 2019 से लेकर अक्तूबर 2024 तक जम्मू कश्मीर में 4899 लोगों की जान सड़क हादसों में गई। इनमें 852 सिर्फ चिनाब घाटी में मारे गए। विशेषज्ञ कमेटी के चेयरमैन एवं जम्मू विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर जीएम भट ने बताया कि हमने 100 से अधिक पन्नों की रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट में सौंप दी थी। चिनाब घाटी में असर रोड और रिगी नाले को नए सिरे से बनाने की सिफारिश की गई थी। क्याेंकि ये रोड सही से नहीं बनी है और इसकी वजह से एक्सीडेंट होते हैं। अब इस पर अमल करना सरकार का काम है।
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वर्ष कुल मौतें घाटी में मौतें
2019 996 204
2020 728 115
2021 774 158
2022 805 129
2023 893 145
2024 703 101

चिनाब घाटी में हुए बड़े सड़क हादसे
2019: किश्तवाड़ में बस खाई में गिरी, 35 लोगों की मौत
15 नवंबर 2023: डोडा के असर में बस खाई में गिरी, 39 लोगों की मौत
4 दिसंबर 2024: किश्तवाड़ क्रूजर व्हीकल खाई में गिरा, 4 मरे
29 मार्च 2024: रामबन के पास वाहन गिरने से बिहार के 8 लोगों समेत 10 की मौत
5 जनवरी 2025: किश्तवाड़ खाई में वाहन गिरने से 4 की मौत
26 जुलाई 2021: किश्तवाड़ में सब इंस्पेक्टर राकेश कुमार, उनकी पत्नी और दो बच्चे की मौत। कार चिनाब दरिया में गिर गई। 

हाईकोर्ट ने दिए थे कमेटी बनाने के निर्देशचिनाब घाटी में बढ़ते सड़क हादसों पर वर्ष 2023 में हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया था। हाईकोर्ट एक विशेषज्ञ समिति के गठन का निर्देश दिया, जिसमें सड़क सुरक्षा में विशेषज्ञता रखने वाले आईआईटी जम्मू के एक प्रोफेसर, मुख्य अभियंता संपर्क द्वारा नामित एक इंजीनियर, मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी (आर एंड बी), जम्मू द्वारा नामित एक कार्यकारी अभियंता और जम्मू विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर जीएम भट शामिल करने का निर्देश दिया था।

विभाग कड़ी कार्रवाई की तैयारी में
बढ़ते सड़क हादसों पर अंकुश लगाने में सबसे पहली और बड़ी जिम्मेदारी चालक की है। जिसे फिट वाहन, नियमों का पालन करके और पूरी सावधानी से वाहन चलाना होगा। रही बात विभाग की तो बहुत जल्द विभाग की तरफ से संबंधित जिलों की पुलिस, यातायात पुलिस, जिला प्रशासन के साथ मिलकर विशेष कार्रवाई होगी। अनफिट और ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों के पंजीकरण रद्द किए जाएंगे। कई जगहों पर क्रैश बैरियर स्थापित किए गए हैं।

सड़कों की हालत में सुधार, लेकिन जरूरत भी
हादसों को लेकर एक कमेटी बनी थी। जिसकी सिफारिशों पर काफी काम किया गया। कई जगहों पर क्रैश बैरिया लगाए गए। सड़कों का विस्तार किया गया। फिर भी कुछ कमियां हैं। जिसे दुरुस्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हमारी तरफ से इसकी लगातार जानकारी दी जा रही है।राजन मेंगी, सदस्य इंडियन रोड कांग्रेस, एवं चीफ इंजीनियर पीएजीएसवाई
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