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कूडे दान बनी नहर, गंदगी के ढेर कर रहे परेशान
Updated Mon, 18 Dec 2017 12:49 AM IST
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हीरानगर। उज्ज दरिया से निकलने वाली नहर डंपिंग स्टेशन बन गई है। घरों का निकला कचरा इसमें फेंका जा रहा है। पालीथिन और पुराने कपड़े नहर में पानी के प्रवाह को रोक रहे हैं। कचरा सड़ने से बदबू फैल रही है। रावी तवी विभाग की उदासीनता और लोगों में जागरूकता की कमी नहर पर भारी पड़ रही है।
उज्ज दरिया राजबाग से आने वाली यह नहर कंडी क्षेत्र के कई गांवोें से होकर गुजरती है। इसके साथ जुड़ी छोटी नहरें किसानों के खेतों को सींचती हैं। अब यह नहर लोगों के लिए कूडे़दान बन गई है। इसमें कचरे के ढेर लग गए हैं। रावी तवी विभाग के अधीन आने वाली इस नहर में कूडे़ के ढेर जमा हैं, विभाग के किसी कर्मचारी ने लोगों को ऐसा करने से मना नहीं किया।
पथवाल निवासी सुरेश कुमार, छन्न रोड़ियां निवासी राजिन्द्र कुमार, चंदवा निवासी शमशेर सिंह आदि ने बताया कि लोग अपने घरों और आसपास का कचरा नहर में फेंक रहे हैं। फसलों की सिंचाई समेत मवेशियों को पानी पिलाने के लिए भी यह नहर वरदान है। उन्हाेंने यह भी बताया कि कुछ लोगों ने शौचालयों के पाइप नहर में डाल रखे हैं। नहर में फेंके गए पुराने कपड़े, लिफाफे खेतों तक पहुंच रहे हैं।
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उज्ज दरिया राजबाग से आने वाली यह नहर कंडी क्षेत्र के कई गांवोें से होकर गुजरती है। इसके साथ जुड़ी छोटी नहरें किसानों के खेतों को सींचती हैं। अब यह नहर लोगों के लिए कूडे़दान बन गई है। इसमें कचरे के ढेर लग गए हैं। रावी तवी विभाग के अधीन आने वाली इस नहर में कूडे़ के ढेर जमा हैं, विभाग के किसी कर्मचारी ने लोगों को ऐसा करने से मना नहीं किया।
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पथवाल निवासी सुरेश कुमार, छन्न रोड़ियां निवासी राजिन्द्र कुमार, चंदवा निवासी शमशेर सिंह आदि ने बताया कि लोग अपने घरों और आसपास का कचरा नहर में फेंक रहे हैं। फसलों की सिंचाई समेत मवेशियों को पानी पिलाने के लिए भी यह नहर वरदान है। उन्हाेंने यह भी बताया कि कुछ लोगों ने शौचालयों के पाइप नहर में डाल रखे हैं। नहर में फेंके गए पुराने कपड़े, लिफाफे खेतों तक पहुंच रहे हैं।
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