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जम्मू-कश्मीर: संघर्ष विराम के बावजूद सेना सतर्क, किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार
Fri, 11 Jun 2021 11:06 AM IST
प्रशांत कुमार
एजेंसी, जम्मू
एजेंसी, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 11 Jun 2021 11:06 AM IST
सार
लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने बताया कि वर्ष 2020 में लगभग 5000, वर्ष 2021 में जनवरी में 413 उल्लंघन और 24 फरवरी तक 315 बार संघर्ष विराम उल्लंघन हुआ।
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उत्तरी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी
- फोटो : भारतीय सेना
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विस्तार
सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने मंगलवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौते का दोनों पक्षों द्वारा अक्षरश: पालन किया जा रहा है, लेकिन भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में सीमा पर अपनी निगरानी में कोई कमी नहीं होने दे रही है।
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नार्दर्न कमांडर ने कहा कि 25 फरवरी को संघर्ष विराम समझौता हुआ था, उसके बाद से पाकिस्तानी सेना एलओसी पर शांति कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही कहा कि हम अपने देशवासियों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि हम अपनी निगरानी में कोई कमी नहीं होने देंगे।
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उन्होंने कहा कि हमने कोविड महामारी के कठिन समय के दौरान परिपक्वता, संयम और मानवीय दृष्टिकोण प्रदर्शित किया है। क्योंकि इससे पहले दोनों देशों ने 2003 में संघर्ष विराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे लेकिन इसका बार-बार उल्लंघन किया गया।
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कारगिल युद्ध के नायक लेफ्टिनेंट जनरल जोशी ने कहा कि दोनों देशों के बीच ताजा संघर्ष विराम समझौते के प्रत्यक्ष लाभार्थी नियंत्रण रेखा पर रहने वाले लोगों को हो रहा है। कमांडर ने कहा कि सैनिक पूरी तरह से मुस्तैद हैं और वह किसी भी विरोधी या आतंकियों के दुस्साहस का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
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