{"_id":"5932cfad4f1c1bf946bdb60c","slug":"decision-of-punch-jodhpur-brought-a-family-out-of-the-society","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचों का फरमान : जोधपुर में एक परिवार को समाज से बाहर निकाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचों का फरमान : जोधपुर में एक परिवार को समाज से बाहर निकाला
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 03 Jun 2017 08:37 PM IST
विज्ञापन
डेमो इमेज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश—दुनिया में समय भले ही 21वीं सदी में हो, लेकिन राजस्थान के गांवों में आज भी पंचों की तानाशाही जारी है। शनिवार को जोधपुर में पंचों ने फिर अपने तुगलकी फरमान से अपनी बात रख ही ली। यहां तथाकथित जातीय पंचों ने जमीन विवाद के चलते एक परिवार का हुक्का—पानी बंद कर दिया।
मामला जोधपुर जिले के लोहावट थाना इलाके में सामने आया है। यहां खुद को समाज का ठेकेदार मानने वाले जातीय पंचों ने एक परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया। यही नहीं, इन पंचों ने समाज से बाहर निकाले गए परिवार का हुक्का—पानी भी बंद कर दिया। बाकायदा इसके लिए परचे छपवाने की बात भी सामने आ रही है। इनमें ये चेतावनी भी दी गई है कि जो लोग बहिष्कृत परिवार को किसी भी तरह से सहायता करता है तो उसे भी वही सजा भुगतनी पड़ेगी।
ऐसे हालात में जब पीड़ित ने पंचों के इस फरमान की पुलिस थाने में शिकायत दी तो पुलिस ने भी उसे समझा—बुझाकर वापस भेज दिया। इसके बाद लोहावट के फतेह सागर निवासी पीड़ित गोपाल सिंह ने अदालत में गुहार लगाई है। अदालत में दायर इस्तगासे पर पुलिस ने तथाकथित जातीय पंच रावल सिंह, मान सिंह, रेवंत सिंह सहित आधा दर्ज़न से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार पीड़ित गोपाल सिंह और आरोपित आपस में रिश्तेदार हैं। इनके बीच में जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद है। इसी के चलते दोनों पक्षो में झगड़ा हुआ है। फिलहाल कोर्ट के इस्तगासे पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामला जोधपुर जिले के लोहावट थाना इलाके में सामने आया है। यहां खुद को समाज का ठेकेदार मानने वाले जातीय पंचों ने एक परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया। यही नहीं, इन पंचों ने समाज से बाहर निकाले गए परिवार का हुक्का—पानी भी बंद कर दिया। बाकायदा इसके लिए परचे छपवाने की बात भी सामने आ रही है। इनमें ये चेतावनी भी दी गई है कि जो लोग बहिष्कृत परिवार को किसी भी तरह से सहायता करता है तो उसे भी वही सजा भुगतनी पड़ेगी।
विज्ञापन
ऐसे हालात में जब पीड़ित ने पंचों के इस फरमान की पुलिस थाने में शिकायत दी तो पुलिस ने भी उसे समझा—बुझाकर वापस भेज दिया। इसके बाद लोहावट के फतेह सागर निवासी पीड़ित गोपाल सिंह ने अदालत में गुहार लगाई है। अदालत में दायर इस्तगासे पर पुलिस ने तथाकथित जातीय पंच रावल सिंह, मान सिंह, रेवंत सिंह सहित आधा दर्ज़न से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार पीड़ित गोपाल सिंह और आरोपित आपस में रिश्तेदार हैं। इनके बीच में जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद है। इसी के चलते दोनों पक्षो में झगड़ा हुआ है। फिलहाल कोर्ट के इस्तगासे पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन