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सरकारी हॉस्पिटल में प्रसूता व नवजात की मौत, शव रखकर प्रदर्शन
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 10 Oct 2017 03:23 PM IST
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मां व बेटे की मौत
- फोटो : Demo pic
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सरकारी हॉस्पिटल में एक प्रसूता महिला व नवजात ने दम तोड़ दिया। मां व बेटे की मौत से गुस्साए परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया और शवों को अस्पताल परिसर में रखकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि अस्पताल के डॉक्टरों और स्टॉफ की कथित लापरवाही के चलते प्रसूता और नवजात की मौत हो गई।
यह मामला है राजस्थान के सीकर जिले का। जहां हाल ही में शुरू हुए राजकीय जनाना अस्पताल में मंगलवार को चिकित्सकों की कथित लापरवाही के चलते एक प्रसूता और उसके बच्चे की मौत हो गई । आरोप है कि मौत के बाद अस्पताल के स्टाफ ने शव को एक प्राइवेट एंबुलेंस में रखवा दिया तथा परिजनों को कथित रूप से धक्के मारकर अस्पताल से बाहर निकाल दिया। इससे गुस्साए लोगो ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। बाद में पुलिस की समझाइश से मामला शांत हुआ।
परिजनों से मिली जानकारी अनुसार तुनवा गांव की गीता को प्रसव के लिए सीकर के जनाना अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसका उपचार चल रहा था। परिजनों के अनुसार चिकित्सकों ने खून की कमी बताते हुए खून की व्यवस्था करने की बात कही।
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यह मामला है राजस्थान के सीकर जिले का। जहां हाल ही में शुरू हुए राजकीय जनाना अस्पताल में मंगलवार को चिकित्सकों की कथित लापरवाही के चलते एक प्रसूता और उसके बच्चे की मौत हो गई । आरोप है कि मौत के बाद अस्पताल के स्टाफ ने शव को एक प्राइवेट एंबुलेंस में रखवा दिया तथा परिजनों को कथित रूप से धक्के मारकर अस्पताल से बाहर निकाल दिया। इससे गुस्साए लोगो ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। बाद में पुलिस की समझाइश से मामला शांत हुआ।
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परिजनों से मिली जानकारी अनुसार तुनवा गांव की गीता को प्रसव के लिए सीकर के जनाना अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसका उपचार चल रहा था। परिजनों के अनुसार चिकित्सकों ने खून की कमी बताते हुए खून की व्यवस्था करने की बात कही।
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खून की व्यवस्था कर अस्पताल पहुंचे तो धक्के मार कर निकाला
एंबुलेंस में शव
- फोटो : Demo pic
परिजन खून की व्यवस्था कर के अस्पताल पहुंचे तो उनके धक्के मार कर बाहर निकाल दिया गया तथा उन्हें बताएं बगैर ही शव को प्राइवेट एंबुलेंस में रखवा दिया गया। परिजनों का आरोप है कि गीता व बच्चे की मौत डॉक्टर्स और नर्सिंगकर्मियों की लापरवाही से हुई। गीता की मौत के बाद अस्पताल के बाहर शव रख कर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
हंगामा की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। तब भी परिजन चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे और शव लेने से इंकार कर दिया। इसके चलते शव अस्पताल के बाहर एक एंबुलेंस में पडा रहा।
गौरतलब है कि श्री कल्याण अस्पताल के बाद अब जनाना अस्पताल भी अव्यवस्थाओं का शिकार होता जा रहा है। प्रशासनिक मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण दोनों अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम है। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
हंगामा की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। तब भी परिजन चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे और शव लेने से इंकार कर दिया। इसके चलते शव अस्पताल के बाहर एक एंबुलेंस में पडा रहा।
गौरतलब है कि श्री कल्याण अस्पताल के बाद अब जनाना अस्पताल भी अव्यवस्थाओं का शिकार होता जा रहा है। प्रशासनिक मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण दोनों अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम है। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।