Seat Ka Samikaran: यहां 53 साल पहले कांग्रेस को मिली थी आखिरी जीत, बीते तीन दशक से राजद-भाजपा का है दबदबा
बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बात रजौली सीट की करेंगे। इस सीट पर मौजूदा समय में राजद के प्रकाश वीर विधायक हैं।
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विस्तार
बिहार में साल के अंत में चुनाव होने वाले हैं। चुनाव के पहले ही बिहार में सियासी हलचल देखने को मिल रही है। बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों बिहार में वोट अधिकार यात्रा कर रहे हैं। वहीं, सत्ता पक्ष उनकी यात्रा के दौरान हुई पीएम पर अभद्र टिप्पणी को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। इस बीच अमर उजाला का खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज रजौली सीट की बात करेंगे। इस सीट पर मौजूदा समय में राजद के प्रकाश वीर विधायक हैं।
बिहार के 38 जिलों में से एक जिला नवादा भी है। नवादा जिला दो अनुमंडल और 14 ब्लॉक में बंटा है। जिले में पांच विधानसभा सीटें हैं। इनमें रजौली, हिसुआ, नवादा,गोविंदपुर, वारिसलीगंज शामिल हैं। आज सीट का समीकरण में रजौली सीट की बात करेंगे। यह सीट 1952 में अस्तित्व में आई। इस सीट पर कांग्रेस को आखिरी जीत 1972 के चुनाव में मिली थी। इसके बाद यहां से आज तक यह पार्टी नहीं जीत सकी है। बीते तीन दशक से यहां से भाजपा या राजद के उम्मीदवार जीत रहे हैं।
1952: दो उम्मीदवार को जीत मिली
1952 के चुनाव में रजौली विधानसभा सीट से दो विधायक चुने गए। जीतने वाले दोनों विधायक कांग्रेस के थे। जो दो चेहरे विधानसभा पहुंचे उनमें महावीर चौधरी और राधा कृष्ण सिन्हा प्रसाद शामिल थे।
1957: कांग्रेस को मिली जीत
- 1957 के चुनाव में कांग्रेस के रामस्वरूप प्रसाद यादव ने जीत दर्ज की। इस चुनाव में उन्होंने जनता के जगत किशोर प्रसाद नारायण सिंंह को 1,783 वोट मिले। रामस्वरूप को कुल 7,980 वट मिले। वहीं, जगत किशोर प्रसाद को 6,197 वोट मिले।
- 1962 के चुनाव में कांग्रेस के रामस्वरूप प्रसाद यादव रजौली के दोबारा विधायक बने। उन्होंने भाकपा के गणेश शंकर विद्यार्थी को 2,065 वोट से हराया। रामस्वरूप प्रसाद को कुल 8,267 वोट मिले। वहीं, गणेश शंकर विद्यार्थी को 6,202 वोट मिले।
1967: शांति देवी को मिली जीत
1967 के चुनाव में कांग्रेस की शांति देवी को मात्र 146 वोट से जीत मिली। इस चुनाव में जनसंघ के बी लाल दूसरे नंबर पर रहे। शांति देवी को कुल 11,585 वोट मिले। वहीं, बी लाल को 11,439 वोट मिले।

1969: जनसंघ को मिली पहली जीत
पिछले चुनाव में हार का सामना करने वाले बाबू लाल ने 1969 के चुनाव में जीत हासिल की। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस की शांति देवी को 5,272 वोट से हराया। बाबू लाल को कुल 20,241 वोट मिले। वहीं, शांति देवी को 14,969 वोट मिले।
1972: कांग्रेस की वापसी
1972 के चुनाव में कांग्रेस के बनवारी राम को जीत मिली। उन्होंने जनसंघ के बाबू लाल को 9,312 वोट से हराया। बनवारी राम को कुल 24,842 वोट मिले। वहीं बाबू लाल को 15,530 वोट से संतोष करना पड़ा।
1977: बाबू लाल बने विधायक
पिछले चुनाव में हार का सामना करने वाले बाबू लाल 1977 में निर्दलीय चुनाव लड़ा और 22,188 वोट से जीत दर्ज की।

1980: जनता पार्टी को मिली जीत
- 1980 के चुनाव में जनता पार्टी के बनवारी राम ने 2,173 वोट से जीत हासिल की। वहीं, भाजपा के बाबू लाल दूसरे नंबर पर रहे। बनवारी राम को 25,648 और बाबू लाल को 23,475 वोट मिले।
- 1985 के चुनाव में बनवारी राम ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्होंने भाजपा के बाबू लाल को 1081 वोट से हराया। बनवारी राम को 24,992 वोट मिले। वहीं, बाबू लाल को 23,911 वोट मिले।
1990 : बाबू लाल को मिली जीत
- 1990 के चुनाव में भाजपा के बाबू लाल ने कांग्रेस के बनवारी राम को 4,180 वोट से हराया। बाबू लाल को कुल 52,120 वोट मिले। वहीं, बनवारी राम को 47,940 वोट मिले।
- 1995 के चुनाव में बाबू लाल जनता दल के टिकट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस के बनवारी राम को 7,684 वोट से मात दी। बाबू लाल को 45,480 वोट मिले। वहीं, बनवारी राम को 37,796 वोट से संतोष करना पड़ा।
2000 : राजद को मिली पहली जीत
2000 में राजद के राजाराम पासवान ने जीत दर्ज की। उन्होंने तीन बार के विधायक बनवारी राम को 31,342 वोट से हराया। राजाराम पासवान को 71,589 वोट मिले। वहीं, बनवारी राम को 40,247 वोट मिले।
फरवरी 2005: नंद किशोर चौधरी को मिली जीत
फरवरी 2005 में राजद के नंद किशोर चौधरी को 1,926 वोट से जीत मिली। इस चुनाव में लोजपा के बनवारी राम दूसरे नंबर पर रहे। नंद किशोर चौधरी को कुल 34,272 वोट मिले। वहीं, बनवारी राम को 32,346 वोट मिले।
अक्तूबर 2005: भाजपा से जीते बनवारी राम
अक्तूबर 2005 के चुनाव में रजौली सीट से भाजपा के बनवारी राम ने 9,077 वोट से जीत हासिल की। वहीं नंद किशोर चौधरी दूसरे नंबर पर रहे। बनवारी राम को 45,699 और नंद किशोर को 36,622 वोट मिले।
2010: कन्हैया कुमार को मिली जीत
2010 के चुनाव में भाजपा के कन्हैया कुमार को जीत मिली। उन्होंने राजद के प्रकाश वीर को 14,090 वोट से हराया। कन्हैया कुमार को 51,020 वोट मिली। वहीं, प्रकाश वीर को 36,930 वोट मिले।
2015: राजद की वापसी
- 2015 के चुनाव में रजौली सीट से राजद ने वापसी की। इस चुनाव में प्रकाश वीर ने 4,615 वोट से जीत हासिल की। भाजपा के अर्जुन राम दूसरे नंबर पर रहे।
- 2020 में रजौली सीट से प्रकाश वीर दोबार विधायक बने। इस चुनाव में उन्होंने भाजपा के कन्हैया कुमार को 12,593 वोट से हराया। प्रकाश वीर को 69,984 वोट मिले। वहीं, कन्हैया कुमार को 57,121 वोट से संतोष करना पड़ा।
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