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TMC Vs BJP: पश्चिम बंगाल के 247 कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी में भाजपा सांसद-विधायक अध्यक्ष, TMC ने सरकार को घेरा

Sun, 23 Aug 2026 09:01 PM IST
Pavan पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता Published by: Pavan Updated Sun, 23 Aug 2026 09:01 PM IST
सार

इस मामले में सरकार का कहना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका को राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं माना जाना चाहिए। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाली सूची में शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। ऐसे में कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी में राजनीतिक प्रतिनिधियों की नियुक्ति का मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमा सकता है।

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Oppn criticises Bengal govt as BJP lawmakers appointed heads of over 200 college governing bodies
शुभेंदु अधिकारी, सीएम, पश्चिम बंगाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम बंगाल में 247 कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष पद पर भाजपा के सांसदों और विधायकों की नियुक्ति को लेकर सियासत शुरू हो गया है। विपक्षी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया है कि जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शिक्षण संस्थानों को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त करने का दावा किया था, तो बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं को कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी का अध्यक्ष क्यों बनाया गया। उच्च शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को 247 कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर अधिसूचना जारी की। इसके मुताबिक, करीब 99 फीसदी कॉलेजों में स्थानीय भाजपा विधायक या सांसदों को अध्यक्ष बनाया गया है। कई राज्य मंत्रियों को भी कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी की जिम्मेदारी दी गई है।
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247 कॉलेजों की पहली सूची जारी
राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने बताया कि यह पहली सूची है, जिसमें 247 कॉलेज शामिल हैं। इन संस्थानों में भाजपा के टिकट पर निर्वाचित स्नातक सांसदों और विधायकों को गवर्निंग बॉडी का अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अभी करीब 200 और कॉलेजों की सूची जारी होना बाकी है। इन कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी की जिम्मेदारी शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को देने की बात कही गई है।
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कई मंत्रियों को भी जिम्मेदारी
अधिसूचना के मुताबिक, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय को ईस्ट कलकत्ता गर्ल्स कॉलेज की गवर्निंग बॉडी का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, अग्निशमन सेवा राज्य मंत्री कौशिक चौधरी को रायगंज बीएड कॉलेज की गवर्निंग बॉडी की अध्यक्षता दी गई है। इसको लेकर विपक्ष ने सरकार की शिक्षा नीति और राजनीतिक नियुक्तियों पर सवाल उठाए हैं।

टीएमसी ने कहा- कथनी और करनी में अंतर
विपक्षी नेता ऋतब्रत बंद्योपाध्याय ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके बयान और फैसलों में अंतर दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि सरकार ने शिक्षण संस्थानों को राजनीति से दूर रखने की बात कही थी, लेकिन अब कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी में बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं को जिम्मेदारी दी जा रही है। बेलेघाटा से टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने भाजपा पर 'दोहरी नीति' अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से पहले की गई राजनीतिक हस्तक्षेप खत्म करने की घोषणा सिर्फ जनता को दिखाने के लिए थी।


सरकार ने नियुक्तियों का किया बचाव
हालांकि, उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने इन नियुक्तियों का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि अध्यक्षों की नियुक्ति से पहले उम्मीदवारों की जांच की गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों को कॉलेज प्रशासन में भूमिका देना यह नहीं है कि शिक्षण संस्थानों को राजनीतिक अखाड़ा बनने दिया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले ही स्पष्ट किया था कि कॉलेजों को राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि स्थानीय स्तर पर चुने गए जनप्रतिनिधियों की कॉलेज प्रशासन में कोई भूमिका नहीं होगी।

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मुख्यमंत्री के पुराने बयान पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पहले कहा था कि स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में राजनीतिक नियुक्तियों को खत्म किया जाएगा। सरकार का दावा था कि इससे शिक्षण संस्थानों को ज्यादा स्वायत्तता मिलेगी और पिछली टीएमसी सरकार के दौर में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप की व्यवस्था बदलेगी। अब 247 कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी में भाजपा सांसदों और विधायकों की नियुक्ति के बाद विपक्ष मुख्यमंत्री के इसी पुराने बयान को लेकर सवाल उठा रहा है।
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