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Seat ka Samikaran: सुगौली ने हर चुनाव में बदला विधायक, सिर्फ दो विधायकों को मिला तीन बार मौका

Tue, 26 Aug 2025 07:41 AM IST
संध्या इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Tue, 26 Aug 2025 07:41 AM IST
सार

बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज सुगौली विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट पर 2020 में राजद के शशि भूषण सिंह को जीत मिली थी। 

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Bihar Assembly Election sugauli Constituency Seats Ramashray Singh Vijay Prasad Gupta Ramchandra Sahani
बिहार चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार की राजनीति में हर विधानसभा की एक अलग खासियत है और एक अलग महत्व है। इस वर्ष के अंत में बिहार में चुनाव होने हैं। इसे लेकर हर बिहार में राजनीति गर्म है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को एक बार फिर बिहार के दौरे पर आए। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बिहार में वोटर अधिकार यात्रा निकाल रहे हैं। बिहार में आने वाले दिनों में सत्ता किसके पास जाती है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन इस चुनावी हलचल के बीच बिहार चुनाव से जुड़ी हमारी खास सीरीज 'सीट का समीकरण' में आज हम आपको सुगौली सीट के बारे में बताने जा रहे हैं।

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पहले जानते है सुगौली के बारे में 
बिहार के 38 जिलों में से एक पश्चिमी चंपारण जिला भी है। जिले में कुल नौ विधानसभा सीटें हैं। सुगौली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र पश्चिमी चंपारण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है। 2008 परिसीमन से पहले इसे बेतिया लोकसभा सीट के नाम से जाना जाता था। पश्चिमी चंपारण लोकसभा में कुल छह विधानसभा सीटें आती हैं। इसमें नौतन, चनपटिया, बेतिया, रक्सौल, सुगौली, नरकटिया शामिल हैं। इस सीट पर सबसे पहले 1952 में चुनाव हुए थे। 1957 में इस सीट पर चुनाव नहीं हुए थे।

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1952 में कांग्रेस को मिली जीत 
1952 में इस सीट पर पहली बार चुनाव हुए थे। तब यहां से कांग्रेस को जीत मिली थी। कांग्रेस को जय नारायण प्रसाद ने निर्दलीय उम्मीदवार वासुदेव नारायण सिंह को 11667 वोट से हरा दिया था। 

1962 में कांग्रेस को मिली जीत 
1962 के चुनाव में इस सीट को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया था। इस चुनाव में यहां से कांग्रेस को जीत मिली थी। कांग्रेस के विद्या किशोर विद्यालंकार ने स्वतंत्र पार्टी के श्योनाथ राम को 5264 वोट से हरा दिया था। 


 
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1967 में बीजेएस को मिली जीत
1967 में इस सीट पर भारतीय जन संघ को जीत मिली थी। जन संघ के एमएल मोदी ने संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के अजीजुल हक को 3165 वोट से हरा दिया था। 

कांग्रेस की फिर हुई वापसी 
1969 में एक बार फिर कांग्रेस को इस सीट पर वापसी करने का मौका मिला। कांग्रेस के बदरी नारायण झा ने संसोपा के अजीजुल हक को 1871 वोट से हरा दिया था। 

1972 में  अजीजुल हक जीते 
1972 में पिछले दो वर्षों से दूसरे नंबर पर रहने वाले अजीजुल हक को इस बार जीत मिली थी। सोशलिस्ट पार्टी के के अजीजुल हक ने भारतीय जनसंघ के मोहन लाल मोदी को 2487 वोट से हरा दिया था। 

भाकपा को मिली जीत 
1977 में इस सीट पर भाकपा (माले) को जीत मिली थी। भाकपा (माले) के रामाश्रय सिंह ने भाकपा के भूपनारायण सिंह को 96 वोट से हरा दिया था। 
1980 में इस बार फिर से सीट पर भाकपा (माले) के रामाश्रय सिंह को जीत मिली थी। उन्होंने कांग्रेस (आई) के सुरेश कुमार मिश्रा को 16744 वोट से हरा दिया था।

कांग्रेस को मिली जीत
1985 में फिर कांग्रेस ने वापसी की और सुरेश कुमार मिश्रा को जीत मिली। इन्होंने भाकपा (माले) और वर्तमान विधायक रामाश्रय सिंह को 4252 वोट से हरा दिया था। 

रामाश्रय सिंह की तीसरी जीत
1990 में इस सीट पर रामाश्रय सिंह को एक बार फिर जीत मिली थी। भाकपा (माले) के रामाश्रय सिंह ने कांग्रेस के अशोक कुमार मिश्र को 2411 वोट से हरा दिया था। 

चंद्रशेखर द्विवेदी जीते
1995 में वर्तमान विधायक रामाश्रय सिंह को हार का सामना करना पड़ा। निर्दलीय उम्मीदवार चंद्र शेखर द्विवेदी ने भाकपा के रामाश्रय सिंह को 3940 वोट से हरा दिया था। 


 

2000 में विजय प्रसाद गुप्ता जीते
2000 में यहां से कोसल पार्टी के विजय प्रसाद गुप्ता को जीत मिली थी। उन्होंने भाकपा के रामाश्रय सिंह को 506 वोट से हरा दिया था। 

2005 में बिहार में दो बार चुनाव हुए
2005 में बिहार में दो बार चुनाव हुए थे। इसमें फरवरी 2005 में हुए चुनाव में वर्तमान विधायक को ही जीत मिली थी। इस बार विजय प्रसाद गुप्ता राजद से चुनाव लड़ रहे थे। राजद के विजय प्रसाद गुप्ता ने भाकपा के रामाश्रय सिंह को 633 वोट से हरा दिया था। हालांकि, पिछली बार भी विजय प्रसाद गुप्ता को बहुत बड़ी जीत नहीं मिली थी। 

भाजपा ने किया सीट पर कब्जा

  • 2005 अक्तूबर में दूसरी बार चुनाव हुए थे। इस चुनाव में भाजपा के भाजपा के रामचंद्र साहनी को जीत मिली थी। उन्होंने दो बार से वर्तमान विधायक और राजद के विजय प्रसाद गुप्ता को 6605 वोट से हरा दिया था। 
  • 2010 में भी इन दोनों के बीच ही मुकाबला था। भाजपा के रामचंद्र सहनी ने राजद के विजय प्रसाद गुप्ता को 12379 वोट वोट से हरा दिया था। 
  • 2015 में फिर एक बार फिर जीत दर्ज करे भाजपा के रामचंद्र सहनी ने जीत की हैट्रिक लगाई। उन्होंने राजद के ओम प्रकाश चौधरी को 7756 वोट से हरा दिया था। 


2020 में राजद के खेमे में गई सीट
2020 में इस सीट को राजन ने जीत लिया। राजद के भूषण सिंह से पहले भाजपा के टिकट पर तीन बार जीते और अब विकासशील इंसान पार्टी से चुनाव लड़ रहे रामचंद्र सहनी को 3447 वोट से हरा दिया था। 



 
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