{"_id":"629ce1154211fa71a12a1994","slug":"workers-stage-protest-agaisnt-soap-factory-in-gondpur-jaichand-shouts-slogans-una-news-sml4111807103","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोंदपुर जयचंद में साबुन उद्योग के बाहर ग्रामीणों का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोंदपुर जयचंद में साबुन उद्योग के बाहर ग्रामीणों का प्रदर्शन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
दुलैहड़ (ऊना)। विधानसभा क्षेत्र हरोली के अंतर्गत हिमाचल-पंजाब सीमा पर स्थित गांव गोंदपुर जयचंद में साबुन उद्योग के खिलाफ क्षेत्र के ग्रामीणों ने आवाज बुलंद की। विश्व पर्यावरण दिवस पर रविवार को आसपास के गांवों से एकजुट हुए ग्रामीणों ने पहले रोष यात्रा निकाली और फिर उद्योग के बाद प्रदर्शन कर धरना दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि उद्योग से निकलने वाले धुएं से कई किलोमीटर दूर स्थित क्षेत्रों में लोगों का जीना दूभर हो चुका है।
रोष यात्रा और धरना-प्रदर्शन में पंजाब क्षेत्र के सीमावर्ती गांव मेहदवाणी, बीनेवाल, पंडोरी और अन्य साथ लगते गांवों के करीब 250 से अधिक ग्रामीण शामिल हुए। पंजाब के गांव मेहदवाणी से काले झंडे लेकर ग्रामीण रोष यात्रा में शामिल हुए। जबकि, ऊना जिले के विस क्षेत्र हरोली के गांव बीटन, गोंदपुर बुल्लां तथा हीरां के भी करीब 60 लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे।
धरना-प्रदर्शन के दौरान उद्योग के मुख्य गेट से कुछ दूरी पर जनसभा भी की गई। वक्ताओं ने उद्योग से फैल रहे प्रदूषण का मुद्दा जोरशोर से उठाकर जिला प्रशासन और सरकार से कार्यवाही की मांग की। उन्होंने उद्योग से निकलने वाले धुएं से हो रहे प्रदूषण का स्थायी समाधान निकालने की मांग प्रमुखता से की। रविवार सुबह करीब 10.35 बजे शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन दोपहर को एक बजे के करीब समाप्त हुआ। उधर, उद्योग प्रबंधन प्रदूषण फैलाने से जुड़े आरोपों को बेबुनियाद बता रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दुलैहड़ (ऊना)। विधानसभा क्षेत्र हरोली के अंतर्गत हिमाचल-पंजाब सीमा पर स्थित गांव गोंदपुर जयचंद में साबुन उद्योग के खिलाफ क्षेत्र के ग्रामीणों ने आवाज बुलंद की। विश्व पर्यावरण दिवस पर रविवार को आसपास के गांवों से एकजुट हुए ग्रामीणों ने पहले रोष यात्रा निकाली और फिर उद्योग के बाद प्रदर्शन कर धरना दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि उद्योग से निकलने वाले धुएं से कई किलोमीटर दूर स्थित क्षेत्रों में लोगों का जीना दूभर हो चुका है।
रोष यात्रा और धरना-प्रदर्शन में पंजाब क्षेत्र के सीमावर्ती गांव मेहदवाणी, बीनेवाल, पंडोरी और अन्य साथ लगते गांवों के करीब 250 से अधिक ग्रामीण शामिल हुए। पंजाब के गांव मेहदवाणी से काले झंडे लेकर ग्रामीण रोष यात्रा में शामिल हुए। जबकि, ऊना जिले के विस क्षेत्र हरोली के गांव बीटन, गोंदपुर बुल्लां तथा हीरां के भी करीब 60 लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे।
विज्ञापन
धरना-प्रदर्शन के दौरान उद्योग के मुख्य गेट से कुछ दूरी पर जनसभा भी की गई। वक्ताओं ने उद्योग से फैल रहे प्रदूषण का मुद्दा जोरशोर से उठाकर जिला प्रशासन और सरकार से कार्यवाही की मांग की। उन्होंने उद्योग से निकलने वाले धुएं से हो रहे प्रदूषण का स्थायी समाधान निकालने की मांग प्रमुखता से की। रविवार सुबह करीब 10.35 बजे शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन दोपहर को एक बजे के करीब समाप्त हुआ। उधर, उद्योग प्रबंधन प्रदूषण फैलाने से जुड़े आरोपों को बेबुनियाद बता रहा है।
विज्ञापन