फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Traders and people protest against the proposed ropeway in Chintpurni

Una News: चिंतपूर्णी में प्रस्तावित रोपवे के विरोध में व्यापारी और लोग

Thu, 10 Sep 2026 12:16 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Thu, 10 Sep 2026 12:16 AM IST
विज्ञापन
Traders and people protest against the proposed ropeway in Chintpurni
भरवाईं (ऊना)। धार्मिक स्थल चिंतपूर्णी में प्रस्तावित रोपवे को लेकर स्थानीय व्यापारियों और लोगों में विरोध बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को चिंतपूर्णी के दुकानदारों और व्यापार मंडल से जुड़े लोगों ने बैठक कर रोपवे के प्रस्ताव पर चर्चा की और आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श किया।
विज्ञापन

व्यापारियों का कहना है कि चिंतपूर्णी में रोपवे लगाने की आवश्यकता नहीं है। उनका तर्क है कि मंदिर की लिफ्ट तक बड़े और छोटे वाहन आसानी से पहुंच रहे हैं जबकि मंदिर की वापसी वाली पौड़ियों तक दोपहिया वाहन भी पहुंच सकते हैं।
विज्ञापन

ऐसे में रोपवे पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बजाय मंदिर क्षेत्र की अन्य जरूरी व्यवस्थाओं और सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
व्यापारियों में कुंदन गर्ग, रवि पराशर, निरंजन कालिया, विक्रांत सूद, संजीव रतन, उपप्रधान पुनीत कालिया ने कहा कि करीब छह माह पहले मंदिर के विस्तारीकरण के लिए लगभग 30 दुकानों को गिराया गया था लेकिन अभी तक विस्तारीकरण का काम शुरू नहीं हो पाया है। इससे आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

व्यापारियों ने आरोप लगाया कि जिस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए, उस ओर मंदिर प्रशासन और सरकार का ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि रोपवे शुरू किया गया तो इसका सीधा असर स्थानीय दुकानदारों के कारोबार पर पड़ेगा और चिंतपूर्णी का व्यापार लगभग खत्म होने की स्थिति में पहुंच सकता है।
व्यापारियों का कहना है कि सरकार को किसी भी बड़े प्रोजेक्ट को लागू करने से पहले स्थानीय लोगों और व्यापारियों की राय लेनी चाहिए। उनका आरोप है कि लोगों की आकांक्षाओं और रोजगार को ध्यान में रखे बिना रोपवे लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
स्थानीय व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कारोबारियों के हितों को ध्यान में रखे बिना रोपवे लगाने का फैसला किया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। जरूरत पड़ने पर व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि इस मामले में कानूनी राय ली जा रही है और आवश्यकता पड़ी तो हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। वहीं, रोपवे के लिए किए जा रहे सर्वे को लेकर पीडब्ल्यूडी के एसडीओ ने बताया कि प्रस्तावित रोपवे के दो पिलर सरकारी भूमि पर आते हैं, जिनकी एनओसी विभाग की ओर से दी जाएगी।

अन्य स्थानों पर प्रस्तावित पिलरों के लिए जमीन निजी लोगों की है और वहां संबंधित भूमि मालिकों की ओर से एनओसी दी जाएगी। व्यापारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में रोपवे के विरोध को लेकर बैठकें कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। उनका कहना है कि चिंतपूर्णी का विकास जरूरी है लेकिन विकास के नाम पर स्थानीय लोगों का रोजगार और कारोबार प्रभावित नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed