{"_id":"6aa1ab1791b55b9ec90cd085","slug":"government-cracks-down-on-analogue-cheese-una-news-c-93-1-una1002-205400-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: एनालॉग पनीर पर सरकार का शिकंजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: एनालॉग पनीर पर सरकार का शिकंजा
Thu, 10 Sep 2026 12:23 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 10 Sep 2026 12:23 AM IST
विज्ञापन
ऊना। चीनी और प्याज के दामों में वृद्धि होने के बाद अब पनीर की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। जिससे गृहणियों का रसोई का बजट बिगड़ गया है। एनालॉग पनीर (कृत्रिम या सिंथेटिक उत्पाद) पर सरकार का शिकंजा कसने के बाद पनीर के विभिन्न नामी कंपनियों के दामों में वृद्धि हुई है। ऊना जिले में भी पनीर के दामों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दूध से बने उत्पादों की कीमतों में बदलाव के बीच बाजार में बिकने वाले पैक्ड पनीर के दाम भी बढ़े हैं। हालांकि, इस बढ़ोतरी का असर फिलहाल ग्राहकों की खरीदारी पर ज्यादा देखने को नहीं मिल रहा है। बाजार में वेरका का पनीर अब करीब 420 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है जबकि पहले इसकी कीमत करीब 400 रुपये प्रति किलो थी। वहीं 200 ग्राम की पैकिंग 150 रुपये में उपलब्ध है। दूसरी ओर अमूल का पनीर भी 300 रुपये से बढ़कर करीब 320 रुपये प्रति किलो हो गया है। 200 ग्राम की पैकिंग 120 रुपये में मिल रही है।
व्यापार मंडल ऊना के प्रधान प्रिंस राजपूत का कहना है कि एनालॉग पनीर पर सरकार द्वारा शिकंजा करने की कार्रवाई सराहनीय है। लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार विभाग को सख्त कदम उठाने के निर्देश दें ताकि कोई भी व्यापारी लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ न कर सके।
दुकानदार मोहिंदर सिंह के मुताबिक ऊना में पैक्ड पनीर के मुकाबले ग्राहक खुला पनीर खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं। उनका कहना है कि ज्यादातर ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से खुला पनीर खरीदते हैं, जिससे पैक्ड पनीर की तुलना में इसकी मांग अधिक रहती है।
विज्ञापन
दुकानदार सुरेश कुमार का कहना है कि पनीर के दामों में बढ़ोतरी के बावजूद बाजार में इसकी मांग बनी हुई है। खासकर घरों, ढाबों और छोटे-बड़े खाने-पीने के कारोबार में पनीर की खपत लगातार जारी है।
ढि़ल्लो बेकरी के संचालक नीतिन ढिल्लो का कहना है कि लोकल तैयार किया गया पनीर 400 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिक रहा है। कहीं-कहीं पर लोकल पनीर के दाम 380 रुपये भी हैं। एनालॉग पनीर बाजारों में बंद करने का सरकार का फैसला जनहित के लिए सही है।
गृहिणी मोनिका का कहना है कि पनीर के दामों में 10 से 20 रुपये तक वृद्धि हुई है। जिससे त्योहारी सीजन में चीनी और प्याज के दाम बढ़ने से लोगों का बजट बिगड़कर रह गया है।
विज्ञापन
व्यापार मंडल ऊना के प्रधान प्रिंस राजपूत का कहना है कि एनालॉग पनीर पर सरकार द्वारा शिकंजा करने की कार्रवाई सराहनीय है। लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार विभाग को सख्त कदम उठाने के निर्देश दें ताकि कोई भी व्यापारी लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ न कर सके।
विज्ञापन
दुकानदार मोहिंदर सिंह के मुताबिक ऊना में पैक्ड पनीर के मुकाबले ग्राहक खुला पनीर खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं। उनका कहना है कि ज्यादातर ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से खुला पनीर खरीदते हैं, जिससे पैक्ड पनीर की तुलना में इसकी मांग अधिक रहती है।
विज्ञापन
दुकानदार सुरेश कुमार का कहना है कि पनीर के दामों में बढ़ोतरी के बावजूद बाजार में इसकी मांग बनी हुई है। खासकर घरों, ढाबों और छोटे-बड़े खाने-पीने के कारोबार में पनीर की खपत लगातार जारी है।
ढि़ल्लो बेकरी के संचालक नीतिन ढिल्लो का कहना है कि लोकल तैयार किया गया पनीर 400 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिक रहा है। कहीं-कहीं पर लोकल पनीर के दाम 380 रुपये भी हैं। एनालॉग पनीर बाजारों में बंद करने का सरकार का फैसला जनहित के लिए सही है।
गृहिणी मोनिका का कहना है कि पनीर के दामों में 10 से 20 रुपये तक वृद्धि हुई है। जिससे त्योहारी सीजन में चीनी और प्याज के दाम बढ़ने से लोगों का बजट बिगड़कर रह गया है।