फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Wheat crop turning yellow in non-irrigated areas

Una News: गैर सिंचित इलाकों में पीली पड़ी गेहूं की फसल

Fri, 14 Feb 2025 05:16 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Feb 2025 05:16 PM IST
विज्ञापन
Wheat crop turning yellow in non-irrigated areas
खाद और जरूरी दवाओं के छिड़काव से वंचित क्षेत्र में ज्यादा प्रभावित हुई फसल
विज्ञापन

कृषि विभाग ने कहा- फसल के बचाव को विभाग के अधिकारियों से करें संपर्क
जिले में करीब 35000 हेक्टेयर जमीन पर होती है गेहूं की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में गेहूं की फसल पर खतरा मंडरा रहा है। खासकर उन इलाकों में जहां किसानों ने समय पर सिंचाई, खाद व जरूरी कीटनाशकों का छिड़काव नहीं किया। फसल की वृद्धि लगभग रुकी हुआ है। माना जा रहा है कि मौसम, रोग, खाद की कमी या जड़ों में खराबी इसके मुख्य कारण हैं। कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि अगर ऐसे समस्या उनकी फसल में आ रही तो कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें।
जानकारी के अनुसार जिले में करीब 35000 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल तैयार हो रही है। इसमें से 65 प्रतिशत क्षेत्र गैरसिंचित है और वहां बारिश पर निर्भर खेती होती है। इस बार गेहूं की फसल के लिए उपयुक्त समय पर बारिश नहीं हुई। इससे फसल की वृद्धि पर असर हुआ है। जमीन में नमी की कमी के कारण खाद और कीटनाशकों का छिड़काव भी फसल पर नहीं हो पाया। फसल अब रोग की चपेट में आ रही है। फसल अच्छे तरीके से तैयार नहीं होने से किसान भी हताश हैं। किसानों में रविंद्र कुमार, सुनील, अमनदीप, विवेक, कृष्ण कुमार ने बताया कि गेहूं की फसल केवल सिंचाई सुविधा से संपन्न इलाकों में अच्छी स्थिति में है। बारिश पर निर्भर इलाकों में फसल की वृद्धि रुक चुकी है। जबकि, पीला रोग भी फसल को अपनी जकड़ में लेने लगा है। कहा कि इस बार उन्हें खाने लायक फसल भी हासिल हो जाए तो काफी होगा।
विज्ञापन

किन कारणों से फसल पड़ने लगी पीली
विशेषज्ञों की मानें तो गेहूं की फसल के पीला होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इसमें खाद की कमी, जड़ों में खराबी, सूखी मिट्टी, देर से रोपण और दिन के समय का तापमान ज्यादा रहना इस रोग के मुख्य कारण हैं। वर्तमान समय में दिन और रात के मौसम में जमीन-आसमान का अंतर है। रात को जहां तापमान पांच डिग्री के आसपास है तो दिन में दोपहर के समय अधिकतम पारा 30 डिग्री तक पहुंच रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में गेहूं की फसल अधिकतर इलाकों में अच्छी स्थिति में है। गैर सिंचित इलाकों में फसल पीली पड़ने के मामले हो सकते हैं। लेकिन, किसानों की ओर से हमारे पास कोई सूचना नहीं है। किसान फसल के बचाव के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों से परामर्श ले सकते हैं। इसके अलावा अधिक प्रभावित क्षेत्रों में विभाग की टीम निरीक्षण भी करेगी।
कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed