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इंस्पायर अवार्ड के लिए 100 से अधिक स्कूलों ने नहीं किया आवेदन
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ऊना। जिले के 100 से अधिक निजी स्कूलों ने अभी तक इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत विद्यार्थियों के नाम नहीं भेजे हैं। हालांकि, योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि को 15 अक्तूबर तक बढ़ा दिया है। विभाग ने जल्द से जल्द सभी स्कूलों को इस योजना के तहत आवेदन करने के निर्देश दिए हैं। तय समयावधि में आवेदन न करने वाले स्कूलों को डिफॉल्टर घोषित किया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार जिले में 50 से अधिक निजी वरिष्ठ माध्यमिक और इतने ही माध्यमिक स्कूलों ने इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के लिए विद्यार्थियों ने नाम नहीं भेजे। इसके अलावा कुछ सरकारी स्कूल भी इस लिस्ट में शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कहा है कि 15 अक्तूबर तक सभी स्कूल बच्चों के नाम प्रस्तावित करें। इसमें माध्यमिक स्कूलों में तीन और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों से पांच विद्यार्थियों के नाम प्रस्तावित किए जाने हैं। बार-बार आग्रह करने के बावजूद स्कूलों की ओर से इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। विभाग ने कहा कि सभी स्कूल इसको लेकर गंभीरता दिखाएं। बताया जा रहा है कि तय समयसीमा में यह प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले स्कूलों को डिफॉल्टर घोषित किया जा सकता है।
बता दें कि इंस्पायर अवार्ड मानक योजना का मकसद विद्यार्थियों में सृजनशीलता एवं रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना है। इसमें विद्यार्थियों की ओर से विज्ञान विषय पर मॉडल तैयार किए जाते हैं। विजयी विद्यार्थियों को 10 हजार रुपये पुरस्कार के साथ उनके मॉडल को आईआईटी व एनटीए जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रदर्शित किया जाता है। योजना का लाभ छठी से 10वीं में पढ़ने वाले विद्यार्थी उठा सकते हैं।
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उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग जनक सिंह ने बताया कि जिन स्कूलों ने अभी तक आवेदन नहीं किया, वे तुरंत विद्यार्थियों के नाम ऑनलाइन पोर्टल ई एमआईएएस पर नामांकित करें।
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जानकारी के अनुसार जिले में 50 से अधिक निजी वरिष्ठ माध्यमिक और इतने ही माध्यमिक स्कूलों ने इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के लिए विद्यार्थियों ने नाम नहीं भेजे। इसके अलावा कुछ सरकारी स्कूल भी इस लिस्ट में शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कहा है कि 15 अक्तूबर तक सभी स्कूल बच्चों के नाम प्रस्तावित करें। इसमें माध्यमिक स्कूलों में तीन और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों से पांच विद्यार्थियों के नाम प्रस्तावित किए जाने हैं। बार-बार आग्रह करने के बावजूद स्कूलों की ओर से इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। विभाग ने कहा कि सभी स्कूल इसको लेकर गंभीरता दिखाएं। बताया जा रहा है कि तय समयसीमा में यह प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले स्कूलों को डिफॉल्टर घोषित किया जा सकता है।
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बता दें कि इंस्पायर अवार्ड मानक योजना का मकसद विद्यार्थियों में सृजनशीलता एवं रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना है। इसमें विद्यार्थियों की ओर से विज्ञान विषय पर मॉडल तैयार किए जाते हैं। विजयी विद्यार्थियों को 10 हजार रुपये पुरस्कार के साथ उनके मॉडल को आईआईटी व एनटीए जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रदर्शित किया जाता है। योजना का लाभ छठी से 10वीं में पढ़ने वाले विद्यार्थी उठा सकते हैं।
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उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग जनक सिंह ने बताया कि जिन स्कूलों ने अभी तक आवेदन नहीं किया, वे तुरंत विद्यार्थियों के नाम ऑनलाइन पोर्टल ई एमआईएएस पर नामांकित करें।