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विधवा महिलाओं की पेंशन में न हो कटौती : अजय
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जिला स्तरीय करुणामूलक संघ की बैठक में की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश करुणामूलक संघ ऊना की जिला स्तरीय बैठक लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में हुई। इसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार ने की। इसमें राज्य मीडिया प्रभारी गगन कुमार, जिला प्रधान निखिल शर्मा, उप प्रधान साहिल व आईटी सेल शादी लाल, नरेंद्र, सुनील सहित बड़ी संख्या में करुणामूलक आश्रितों ने भाग लिया।
अजय कुमार ने कहा कि करुणामूलक संगठन और समस्त परिवारों ने काफी लंबा संघर्ष किया। विधानसभा चुनाव के समय जब कांग्रेस सरकार विपक्ष में थी तो करुणामूलक परिवारों एक साथ सभी को वन टाइम सेटलमेंट देने की बात हर एक मंच से की गई। अब जाकर प्रदेश सरकार करुणामूलक परिवारों के मुद्दे को लेकर गंभीर हुई और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने करुणामूलक सब कमेटी गठित कर दी। लेकिन हाल ही में मुख्यमंत्री ने यह बयान भी दिया कि करुणामूलक परिवारों की विधवा महिलाओं की पेंशन में कुछ कटौती की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनका मुख्यमंत्री से आग्रह है कि करुणामूलक आश्रितों को नौकरी देने के साथ पेंशन में भी कटौती न की जाए। कहा कि हमारी मुख्य मांगों में कैबिनेट में पॉलिसी संशोधन जिसमें 62500 रुपये एक व्यक्ति की सालाना आय शर्त को खत्म करने, वित्त विभाग की ओर से रद्द केसों को कंसीडर न करने की नोटिफिकेशन को तुरंत प्रभाव से रद्द करने, पांच फीसदी कोटे की शर्त को हमेशा के लिए हटाने सहित अन्य मांंगें भी शामिल हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश करुणामूलक संघ ऊना की जिला स्तरीय बैठक लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में हुई। इसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार ने की। इसमें राज्य मीडिया प्रभारी गगन कुमार, जिला प्रधान निखिल शर्मा, उप प्रधान साहिल व आईटी सेल शादी लाल, नरेंद्र, सुनील सहित बड़ी संख्या में करुणामूलक आश्रितों ने भाग लिया।
अजय कुमार ने कहा कि करुणामूलक संगठन और समस्त परिवारों ने काफी लंबा संघर्ष किया। विधानसभा चुनाव के समय जब कांग्रेस सरकार विपक्ष में थी तो करुणामूलक परिवारों एक साथ सभी को वन टाइम सेटलमेंट देने की बात हर एक मंच से की गई। अब जाकर प्रदेश सरकार करुणामूलक परिवारों के मुद्दे को लेकर गंभीर हुई और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने करुणामूलक सब कमेटी गठित कर दी। लेकिन हाल ही में मुख्यमंत्री ने यह बयान भी दिया कि करुणामूलक परिवारों की विधवा महिलाओं की पेंशन में कुछ कटौती की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनका मुख्यमंत्री से आग्रह है कि करुणामूलक आश्रितों को नौकरी देने के साथ पेंशन में भी कटौती न की जाए। कहा कि हमारी मुख्य मांगों में कैबिनेट में पॉलिसी संशोधन जिसमें 62500 रुपये एक व्यक्ति की सालाना आय शर्त को खत्म करने, वित्त विभाग की ओर से रद्द केसों को कंसीडर न करने की नोटिफिकेशन को तुरंत प्रभाव से रद्द करने, पांच फीसदी कोटे की शर्त को हमेशा के लिए हटाने सहित अन्य मांंगें भी शामिल हैं।
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