फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   The water level in wells dropped by 10 feet, and crops withered without rain.

Una News: 10 फीट घटा कुओं का जलस्तर, बिन बारिश फसलें मुरझाईं

Fri, 19 Dec 2025 12:04 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Dec 2025 12:04 AM IST
विज्ञापन
The water level in wells dropped by 10 feet, and crops withered without rain.
कोहरे से बचाव के लिए किसानों ने रामपुर में पॉलिथीन से ढ़के हुए सब्जी के पौधे । सोहन चौधरी संवाद - फोटो : udhampur news
बंगाणा क्षेत्र के जंगलों में कुछ बावड़ियां सूखी तो कइयों का जलस्तर घटा
विज्ञापन

किसानों ने कहा, 15 दिन तक बारिश न हुई तो बर्बाद हो जाएगी गेहूं की फसल
पीली पड़ी गेहूं को सुबह की ओस ने दिया सहारा, पौधे की वृद्धि रुकी

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिले में सितंबर के बाद अच्छी बारिश नहीं हो पाई है। नवंबर के शुरुआती दिनों में हल्की बारिश जरूर हुई, लेकिन इसके बाद एक बूंद भी नहीं बरसी। गेहूं की फसल की बिजाई को डेढ़ माह से अधिक समय बीत चुका है और गैर-सिंचित क्षेत्रों में फसल पीली पड़ने लगी है। ऊना जिले की करीब 65 फीसदी खेती बारिश पर निर्भर है।
बंगाणा क्षेत्र की जोल व तलमेहड़ा बेल्ट सहित अंब, हरोली, गगरेट और चिंतपूर्णी इलाकों में गेहूं के खेत पूरी तरह सूख चुके हैं। कम बारिश का असर जलस्तर पर भी साफ नजर आ रहा है। बरसात की तुलना में वर्तमान में कुओं का जलस्तर करीब 10 फीट तक नीचे चला गया है। वहीं बंगाणा क्षेत्र में कई बावड़ियां पूरी तरह सूख चुकी हैं, जबकि कइयों में जलस्तर तेजी से घट रहा है। गैर-सिंचित इलाकों में बागवानी के लिए भी आगामी एक सप्ताह के भीतर बारिश होना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
विज्ञापन

किसानों की पीड़ा
चौकी मन्यार के हैप्पी स्याल, बड़ूही के पंकज चौधरी, बसोली के सोनू हीर, बसाल के रवि दत्त चौधरी, बडसाला की महिला किसान रंजना देवी और जोल के प्रकाश चंद ने बताया कि गेहूं की फसल पीली पड़नी शुरू हो चुकी है। सुबह की ओस से कुछ राहत जरूर मिल रही है, लेकिन यह नाकाफी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों ने बताया कि बारिश न होने के बावजूद खाद का छिड़काव करना पड़ा, जिससे फसल को पूरा लाभ नहीं मिल सका। फसल बचाव के लिए जरूरी दवाओं का छिड़काव भी बारिश होने पर ही प्रभावी होगा। किसानों का कहना है कि यदि अगले 15 दिनों में बारिश नहीं हुई तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने बताया कि गेहूं का बीज 2400 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया। इसके अलावा खेत की जुताई, खाद और श्रम लागत मिलाकर प्रति कनाल एक हजार रुपये से अधिक खर्च आता है। यदि इसी तरह फसलें नष्ट होती रहीं तो खेती छोड़ना ही एकमात्र विकल्प रह जाएगा।
सूख रहे कुएं और बावड़ियां
स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र के अधिकतर कुएं व बावड़ियां अस्तित्व की जंग लड़ रहे हैं। बरसात के मुकाबले कुओं का जलस्तर करीब 10 फीट नीचे चला गया है। बंगाणा, गगरेट, अपर अंब और चिंतपूर्णी क्षेत्रों में कई बावड़ियां पूरी तरह सूख चुकी हैं, जबकि कइयों में जलस्तर तेजी से गिर रहा है।
हालांकि जिले का अधिकतर बागवानी क्षेत्र सिंचाई सुविधा से युक्त है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि गैर-सिंचित इलाकों में एक सप्ताह के भीतर बारिश नहीं हुई तो छोटे पौधे नष्ट हो सकते हैं। ऊना में आम और नींबू के पौधों की खेती सबसे अधिक की जाती है।

सैकड़ों किसानों ने छोड़ी खेती
बंगाणा क्षेत्र के अंबेहड़ा, कठोह, क्यारियां, हरोट ककराणा, बुडवार, छपरोह, मकरैड़, बडसाला, बदोली, डठवाड़ा, बरेड़ा तथा अंब और चिंतपूर्णी के पहाड़ी क्षेत्रों के गांव सलोई, कोहाड़ छन्न, प्रंब, मथेड़, कड्ड और गगरेट क्षेत्र में सैकड़ों किसान खेती छोड़ चुके हैं।
इन इलाकों में जंगली जानवरों की समस्या, सिंचाई सुविधाओं का अभाव और समय पर बारिश न होना किसानों के लिए भारी पड़ रहा है। लगातार नुकसान झेलने के बाद किसान खेती से विमुख हो गए हैं। वर्तमान में करीब 1500 हेक्टेयर भूमि बंजर पड़ी है।


जिला बागवानी विभाग के उपनिदेशक केके भारद्वाज ने बताया कि छोटे पौधों के लिए बारिश अब बेहद जरूरी हो चुकी है। यदि एक सप्ताह के भीतर बारिश नहीं हुई तो कई प्रजातियों के पौधे नष्ट होना शुरू हो जाएंगे। जिला कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलभूषण धीमान ने बताया कि गेहूं के साथ-साथ हरी सब्जियों की फसलें भी बारिश के अभाव में प्रभावित होने लगी हैं। वर्तमान में जिले में गोभी, हरा मटर, प्याज सहित कुछ अन्य सब्जियां तैयार हो रही हैं। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो किसानों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है।

कोहरे से बचाव के लिए किसानों ने रामपुर में पॉलिथीन से ढ़के हुए सब्जी के पौधे । सोहन चौधरी संवाद

कोहरे से बचाव के लिए किसानों ने रामपुर में पॉलिथीन से ढ़के हुए सब्जी के पौधे । सोहन चौधरी संवाद- फोटो : udhampur news

कोहरे से बचाव के लिए किसानों ने रामपुर में पॉलिथीन से ढ़के हुए सब्जी के पौधे । सोहन चौधरी संवाद

कोहरे से बचाव के लिए किसानों ने रामपुर में पॉलिथीन से ढ़के हुए सब्जी के पौधे । सोहन चौधरी संवाद- फोटो : udhampur news

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed