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Una News: सातवां दिन भी बीता, सुखविंद्र की नहीं आई कोई खबर
Wed, 02 Sep 2026 06:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 02 Sep 2026 06:59 PM IST
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मैहतपुर (ऊना)। नेपाल में आई बाढ़ और तबाही को एक सप्ताह बीत गया लेकिन त्रिशूली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की टनल में फंसे मैहतपुर-बसदेहड़ा निवासी सुखविंद्र का अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। सात दिन से परिवार अपनों की सुरक्षित वापसी की आस लगाए बैठा है। परिवार की उम्मीदें अब भारत से नेपाल पहुंचे रेस्क्यू दल पर टिकी हैं।
बताया जा रहा है कि सुखविंद्र समेत 15 अन्य भारतीय नागरिक और कई अन्य लोग त्रिशूली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की टनल में फंसे हुए हैं। बीते बुधवार को नेपाल में आई बाढ़ और भारी तबाही के बाद से इन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, अभियान की गति को लेकर परिवार में चिंता और निराशा बढ़ रही है।
काठमांडू में रेस्क्यू अभियान को नजदीक से देख रहे सुखविंद्र के चचेरे भाई शुभम लगातार परिवार को वहां के हालात की जानकारी दे रहे हैं। शुभम के अनुसार, जब तक रेस्क्यू दल टनल के अंदर तक नहीं पहुंच जाता, तब तक वहां फंसे लोगों की वास्तविक स्थिति के बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। हालांकि, मंगलवार को एक नेपाली व्यक्ति के हवाले से सुखविंद्र के टनल के अंदर सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई थी। इससे परिवार को कुछ राहत मिली लेकिन परिजनों का कहना है कि जब तक कोई आधिकारिक और पुख्ता जानकारी नहीं मिलती, तब तक वे किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहते।
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पिता हुसन लाल का कहना है कि नेपाली प्रत्यक्षदर्शी की ओर से सुखविंद्र के टनल में सुरक्षित होने का दावा परिवार के लिए उम्मीद की किरण है। उन्होंने कहा कि टनल में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने की जरूरत है। बुधवार का दिन भी परिवार ने सुखविंद्र के सही-सलामत होने की पुख्ता खबर के इंतजार में गुजार दिया। सात दिन से हर फोन कॉल और हर सूचना पर परिवार की नजर टिकी है। परिजनों की एक ही उम्मीद है कि रेस्क्यू दल जल्द टनल तक पहुंचे और सुखविंद्र समेत सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
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बताया जा रहा है कि सुखविंद्र समेत 15 अन्य भारतीय नागरिक और कई अन्य लोग त्रिशूली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की टनल में फंसे हुए हैं। बीते बुधवार को नेपाल में आई बाढ़ और भारी तबाही के बाद से इन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, अभियान की गति को लेकर परिवार में चिंता और निराशा बढ़ रही है।
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काठमांडू में रेस्क्यू अभियान को नजदीक से देख रहे सुखविंद्र के चचेरे भाई शुभम लगातार परिवार को वहां के हालात की जानकारी दे रहे हैं। शुभम के अनुसार, जब तक रेस्क्यू दल टनल के अंदर तक नहीं पहुंच जाता, तब तक वहां फंसे लोगों की वास्तविक स्थिति के बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। हालांकि, मंगलवार को एक नेपाली व्यक्ति के हवाले से सुखविंद्र के टनल के अंदर सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई थी। इससे परिवार को कुछ राहत मिली लेकिन परिजनों का कहना है कि जब तक कोई आधिकारिक और पुख्ता जानकारी नहीं मिलती, तब तक वे किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहते।
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पिता हुसन लाल का कहना है कि नेपाली प्रत्यक्षदर्शी की ओर से सुखविंद्र के टनल में सुरक्षित होने का दावा परिवार के लिए उम्मीद की किरण है। उन्होंने कहा कि टनल में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने की जरूरत है। बुधवार का दिन भी परिवार ने सुखविंद्र के सही-सलामत होने की पुख्ता खबर के इंतजार में गुजार दिया। सात दिन से हर फोन कॉल और हर सूचना पर परिवार की नजर टिकी है। परिजनों की एक ही उम्मीद है कि रेस्क्यू दल जल्द टनल तक पहुंचे और सुखविंद्र समेत सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।