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Una News: दो साल से ध्वस्त रामपुर पुल का निर्माण तो दूर मरम्मत तक नहीं करवा पाई सरकार
Mon, 08 Dec 2025 06:34 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 08 Dec 2025 06:34 AM IST
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ऊना। दो साल से ध्वस्त पड़े रामपुर पुल का निर्माण कार्य तो दूर सरकार आज दिन तक मरम्मत नहीं करवा पाई है। मुसीबत में वाहनों की आवाजाही की व्यवस्था बेली ब्रिज के सहारे चल रही है तो दूसरी ओर बेली ब्रिज भी भारी भरकम वाहनों की आवाजाही होने की सूरत में कई बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। रोजाना रामपुर-संतोषगढ़ मार्ग से सैकड़ो वाहनों की आवाजाही जारी है तो वहीं इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन का टर्मिनल भी इसी मार्ग पर स्थापित है। इसके चलते भारी भरकम वाहनों की आवाजाही होने से और ऊपर से नए पुल का निर्माण न होने से वाहन चालकों सहित क्षेत्र की दर्जनों पंचायतों की हजारों जनता सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। वहीं दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग भी बजट न होने का रोना रोकर जनहित को सुविधा मुहैया करवाने के नाम पर अपना पल्ला झाड़ता नजर आया है।
ऐसा भी नहीं है कि इस मार्ग से किसी भी दल के राजनेता का आना-जाना न हुआ हो। मुख्यमंत्री से लेकर उपमुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों का आना-जाना बना रहता है लेकिन इस मार्ग पर रामपुर में नया पुल बनाने की दिशा में वर्तमान सरकार और नुमाइंदों ने कोई पहल नहीं की है। इस कारण वर्तमान में रामपुर-संतोषगढ़ मार्ग के साथ लगती नंगड़ा, फतेहपुर, पेखूबेला, जनकौर, कलसेहड़ा, खानपुर पंचायत की जनता के साथ ही वाहन चालक भी पूरी तरह से पिसते नजर आए हैं। बरसात के दिनों में बैली ब्रिज भी कई बार जवाब दे चुका है तो जिसके चलते दाएं-बाएं के मार्गों के सहारे वाहनों की आवाजाही को बहाल किया गया है। प्रशासन भी इस दिशा में अव्यवस्था के आगे चुप्पी साधे नजर आया है। अब देखना यह बाकी है कि गहरी निद्रा में सोई वर्तमान कांग्रेस सरकार आम जनमानस के लिए इस ध्वस्त पुल का नवनिर्माण कब कर पाती है। लोक निर्माण विभाग मंडल ऊना के अधिशासी अभियंता केएस ठाकुर का कहना है कि सरकार की ओर से रामपुर में नए पुल का निर्माण करने के लिए बजट नहीं आया है। सरकार के स्तर पर बजट का प्रावधान होने के बाद भी नया पुल बनेगा।
उधर भाजपा के विधायक सतपाल सत्ती का कहना है कि उन्होंने कई बार विधानसभा सत्र में इस पुल के नए सिरे से निर्माण करने का मसला उठाया है लेकिन न तो सरकार ने कोई पहल की है और न ही ऊना जिला से उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कोई दिलचस्पी विकास कार्य को गति देने की दिशा में आज दिन तक दिखाई है।
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रामपुर में पुल ध्वस्त हुए दो साल बीत गए हैं। आवाजाही के नाम पर बैली ब्रिज स्थापित किया गया है। जिस पर भारी भरकम वाहनों की आवाजाही किसी भी वक्त जानलेवा साबित हो सकती है। सरकार को आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर पुल का निर्माण करना चाहिए।
-पम्मा चौधरी
संतोषगढ़-रामपुर मार्ग पर स्थायी पुल न होने से दर्जनों पंचायतें रोजाना डर के साये में वाहनों की आवाजाही कर रही हैं। अगर जानमाल का कोई भी नुकसान हुआ तो प्रशासन, विभाग और सरकार जिम्मेदार होगी।
-लक्की सिंह
विकास कार्य में किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। उपमुख्यमंत्री को अपने क्षेत्र से बाहर भी निकलकर अन्य प्रभावित क्षेत्र में ठप पड़े विकास कार्य करवाने को तवज्जों देनी चाहिए। आखिरकार कब तक जनता राजनीति की बलि चढ़ती रहेगी।
-सुनील कुमार
यह पुल ऊना विस क्षेत्र में आता है। नेतागणों का आपसी तालमेल न होने से ऊना में विकास कार्य सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण रामपुर पुल जनता के सामने है। उन्होंने कहा कि नेताओं को अपनी पार्टीबाजी से ऊपर उठकर जनहित के बारे में सोचकर विकास को गति देनी चाहिए।
-हरवंस लाल
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ऐसा भी नहीं है कि इस मार्ग से किसी भी दल के राजनेता का आना-जाना न हुआ हो। मुख्यमंत्री से लेकर उपमुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों का आना-जाना बना रहता है लेकिन इस मार्ग पर रामपुर में नया पुल बनाने की दिशा में वर्तमान सरकार और नुमाइंदों ने कोई पहल नहीं की है। इस कारण वर्तमान में रामपुर-संतोषगढ़ मार्ग के साथ लगती नंगड़ा, फतेहपुर, पेखूबेला, जनकौर, कलसेहड़ा, खानपुर पंचायत की जनता के साथ ही वाहन चालक भी पूरी तरह से पिसते नजर आए हैं। बरसात के दिनों में बैली ब्रिज भी कई बार जवाब दे चुका है तो जिसके चलते दाएं-बाएं के मार्गों के सहारे वाहनों की आवाजाही को बहाल किया गया है। प्रशासन भी इस दिशा में अव्यवस्था के आगे चुप्पी साधे नजर आया है। अब देखना यह बाकी है कि गहरी निद्रा में सोई वर्तमान कांग्रेस सरकार आम जनमानस के लिए इस ध्वस्त पुल का नवनिर्माण कब कर पाती है। लोक निर्माण विभाग मंडल ऊना के अधिशासी अभियंता केएस ठाकुर का कहना है कि सरकार की ओर से रामपुर में नए पुल का निर्माण करने के लिए बजट नहीं आया है। सरकार के स्तर पर बजट का प्रावधान होने के बाद भी नया पुल बनेगा।
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उधर भाजपा के विधायक सतपाल सत्ती का कहना है कि उन्होंने कई बार विधानसभा सत्र में इस पुल के नए सिरे से निर्माण करने का मसला उठाया है लेकिन न तो सरकार ने कोई पहल की है और न ही ऊना जिला से उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कोई दिलचस्पी विकास कार्य को गति देने की दिशा में आज दिन तक दिखाई है।
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रामपुर में पुल ध्वस्त हुए दो साल बीत गए हैं। आवाजाही के नाम पर बैली ब्रिज स्थापित किया गया है। जिस पर भारी भरकम वाहनों की आवाजाही किसी भी वक्त जानलेवा साबित हो सकती है। सरकार को आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर पुल का निर्माण करना चाहिए।
-पम्मा चौधरी
संतोषगढ़-रामपुर मार्ग पर स्थायी पुल न होने से दर्जनों पंचायतें रोजाना डर के साये में वाहनों की आवाजाही कर रही हैं। अगर जानमाल का कोई भी नुकसान हुआ तो प्रशासन, विभाग और सरकार जिम्मेदार होगी।
-लक्की सिंह
विकास कार्य में किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। उपमुख्यमंत्री को अपने क्षेत्र से बाहर भी निकलकर अन्य प्रभावित क्षेत्र में ठप पड़े विकास कार्य करवाने को तवज्जों देनी चाहिए। आखिरकार कब तक जनता राजनीति की बलि चढ़ती रहेगी।
-सुनील कुमार
यह पुल ऊना विस क्षेत्र में आता है। नेतागणों का आपसी तालमेल न होने से ऊना में विकास कार्य सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण रामपुर पुल जनता के सामने है। उन्होंने कहा कि नेताओं को अपनी पार्टीबाजी से ऊपर उठकर जनहित के बारे में सोचकर विकास को गति देनी चाहिए।
-हरवंस लाल