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Una News: अनदेखी से बिगड़ी दुलैहड़ अस्पताल की हालत
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मांग के बावजूद चिकित्सकों की नहीं हो पा रही तैनाती
रात में आपातकाल सेवाओं का संचालन बना विभाग के लिए सिर दर्द
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुलैहड़ लंबे समय से स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में तीन चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन पिछले छह माह से दो पद खाली पड़े हैं। वर्तमान में केवल एक ही चिकित्सक पूरे अस्पताल की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस समस्या की जानकारी कई बार उच्च अधिकारियों और विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पाई है। उपमुख्यमंत्री के ही विधानसभा क्षेत्र में स्थित इस अस्पताल में स्टाफ की कमी से मरीजों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। सीएचसी की ओपीडी में रोजाना करीब 100 मरीज उपचार के लिए आते हैं। एकमात्र चिकित्सक होने के कारण मरीजों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। स्थिति इतनी गंभीर है कि आपातकालीन सेवाओं को चलाने के लिए आसपास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से चिकित्सकों को बुलाया जाता है। ये चिकित्सक दिन में अपने-अपने पीएचसी में ड्यूटी निभाने के बाद रात में सीएचसी दुलैहड़ में सेवाएं देते हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त बोझ बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द खाली पड़े पदों पर चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए, ताकि क्षेत्र की 12 पंचायतों के करीब रहने वाले ग्रामीणों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े।
कोट्स
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले छह माह से केवल एक चिकित्सक सेवाएं दे रहा है। अस्पताल में तीन पद स्वीकृत हैं। दो पद खाली होने की समस्या को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा गया है। नियुक्ति विभागीय स्तर पर होनी है। -डॉ. शिंगारा सिंह, खंड स्वास्थ्य अधिकारी, हरोली
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रात में आपातकाल सेवाओं का संचालन बना विभाग के लिए सिर दर्द
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुलैहड़ लंबे समय से स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में तीन चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन पिछले छह माह से दो पद खाली पड़े हैं। वर्तमान में केवल एक ही चिकित्सक पूरे अस्पताल की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस समस्या की जानकारी कई बार उच्च अधिकारियों और विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पाई है। उपमुख्यमंत्री के ही विधानसभा क्षेत्र में स्थित इस अस्पताल में स्टाफ की कमी से मरीजों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। सीएचसी की ओपीडी में रोजाना करीब 100 मरीज उपचार के लिए आते हैं। एकमात्र चिकित्सक होने के कारण मरीजों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। स्थिति इतनी गंभीर है कि आपातकालीन सेवाओं को चलाने के लिए आसपास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से चिकित्सकों को बुलाया जाता है। ये चिकित्सक दिन में अपने-अपने पीएचसी में ड्यूटी निभाने के बाद रात में सीएचसी दुलैहड़ में सेवाएं देते हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त बोझ बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द खाली पड़े पदों पर चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए, ताकि क्षेत्र की 12 पंचायतों के करीब रहने वाले ग्रामीणों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े।
कोट्स
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले छह माह से केवल एक चिकित्सक सेवाएं दे रहा है। अस्पताल में तीन पद स्वीकृत हैं। दो पद खाली होने की समस्या को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा गया है। नियुक्ति विभागीय स्तर पर होनी है। -डॉ. शिंगारा सिंह, खंड स्वास्थ्य अधिकारी, हरोली
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