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Una News: प्रतिबंधित चीड़ के पेड़ की लकड़ी ले लदा टेंपो जब्त
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चीड़ के पेड़ों को काटकर पंजाब की लकड़ी मंडियों में पहुंचाया जा रहा
अंबोटा-आशादेवी मार्ग पर मंगलवार रात को लगाया नाके में पकडा टेंपो
संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। बहुमूल्य वन संपदा की तस्करी कर प्रतिबंधित लकड़ी को पंजाब ले जाते वन विभाग की टीम ने एक टेंपो को पकड़ा है। टीम ने टेंपो समेत लकड़ी को जब्त कर लिया है। विभाग की ओर से इस बाबत गगरेट पुलिस थाना में शिकायत दी गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। हिमाचल प्रदेश में हरे चीड़ के पेड़ के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध है। बावजूद इसके चीड़ के पेड़ों को काटकर इन्हें पंजाब की लकड़ी मंडियों में पहुंचाया जा रहा है।
वन खंड अधिकारी अशोक कुमार की ओर से गगरेट पुलिस को दी गई तहरीर में कहा गया कि मंगलवार रात्रि करीब साढ़े नौ बजे वन खंड अधिकारी ने वन रक्षक दिनेश कुमार, विक्रांत कुमार व बलदेव चंद के साथ अंबोटा-आशादेवी मार्ग पर नाका लगा रखा था। रात करीब पौने दस बजे एक टाटा 407 टेंपो अंबोटा की तरफ से आया। जब इसे रोककर पड़ताल की गई तो इसमें चीड़ के पेड़ की लकड़ी के मोछे पाए गए। टेंपो चालक इस बाबत कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। इस पर कार्रवाई की गई।
गोर हो कि चीड़, आम और शीशम के पेड़ की लकड़ी प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ों की श्रेणी में आती है। इनके कटान का परमिट भी वन विभाग जारी नहीं करता। हालांकि, कुछ प्रजातियां ऐसी हैं, जिसकी लकड़ी का प्रयोग ईंधन की लकड़ी के रूप में किया जा सकता है और इनका कटान वन विभाग से परमिट लेकर किया जा सकता है लेकिन प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ की लकड़ी का कटान गैर कानूनी है। चीड़ के पेड़ सरकारी जंगल से काटे गए या फिर निजी जंगल से काटे गए हैं, यह जांच का विषय है। डीएसपी डाॅ. वसुधा सूद ने बताया कि पुलिस ने वन विभाग की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। मामले की तफ्तीश जारी है।
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अंबोटा-आशादेवी मार्ग पर मंगलवार रात को लगाया नाके में पकडा टेंपो
संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। बहुमूल्य वन संपदा की तस्करी कर प्रतिबंधित लकड़ी को पंजाब ले जाते वन विभाग की टीम ने एक टेंपो को पकड़ा है। टीम ने टेंपो समेत लकड़ी को जब्त कर लिया है। विभाग की ओर से इस बाबत गगरेट पुलिस थाना में शिकायत दी गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। हिमाचल प्रदेश में हरे चीड़ के पेड़ के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध है। बावजूद इसके चीड़ के पेड़ों को काटकर इन्हें पंजाब की लकड़ी मंडियों में पहुंचाया जा रहा है।
वन खंड अधिकारी अशोक कुमार की ओर से गगरेट पुलिस को दी गई तहरीर में कहा गया कि मंगलवार रात्रि करीब साढ़े नौ बजे वन खंड अधिकारी ने वन रक्षक दिनेश कुमार, विक्रांत कुमार व बलदेव चंद के साथ अंबोटा-आशादेवी मार्ग पर नाका लगा रखा था। रात करीब पौने दस बजे एक टाटा 407 टेंपो अंबोटा की तरफ से आया। जब इसे रोककर पड़ताल की गई तो इसमें चीड़ के पेड़ की लकड़ी के मोछे पाए गए। टेंपो चालक इस बाबत कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। इस पर कार्रवाई की गई।
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गोर हो कि चीड़, आम और शीशम के पेड़ की लकड़ी प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ों की श्रेणी में आती है। इनके कटान का परमिट भी वन विभाग जारी नहीं करता। हालांकि, कुछ प्रजातियां ऐसी हैं, जिसकी लकड़ी का प्रयोग ईंधन की लकड़ी के रूप में किया जा सकता है और इनका कटान वन विभाग से परमिट लेकर किया जा सकता है लेकिन प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ की लकड़ी का कटान गैर कानूनी है। चीड़ के पेड़ सरकारी जंगल से काटे गए या फिर निजी जंगल से काटे गए हैं, यह जांच का विषय है। डीएसपी डाॅ. वसुधा सूद ने बताया कि पुलिस ने वन विभाग की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। मामले की तफ्तीश जारी है।
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