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Una News: जच्चा-बच्चा मौत मामले में जांच में शामिल हुईं निलंबित महिला चिकित्सक
Mon, 12 Oct 2026 01:06 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 12 Oct 2026 01:06 AM IST
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थाना ऊना में डेढ़ घंटे तक हुई पूछताछ, एम्स या पीजीआई के चिकित्सकों की टीम का बोर्ड के लिए होगा गठन
चिकित्सक ने पुलिस को सहयोग का दिया भरोसा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल में प्रसव के दौरान रीना कुमारी और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में निलंबित महिला चिकित्सक डॉ. प्रियंका शर्मा रविवार को पुलिस जांच में शामिल हुईं। रविवार को वे पुलिस थाना ऊना पहुंचीं। जहां पुलिस ने करीब डेढ़ घंटे तक उनसे पूछताछ की। इस दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े तथ्यों और उपचार के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया को लेकर जानकारी जुटाई।
चिकित्सक ने मामले की जांच में सहयोग करने की बात कही है। पुलिस मामले की जांच के लिए अलग से एम्स या पीजीआई के चिकित्सकों की टीम का बोर्ड के लिए गठित करेगी ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। वहीं पुलिस इस घटना की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
बता दें कि ऊना के अपर अरनियाला निवासी 33 वर्षीय रीना कुमारी पत्नी राजीव कुमार को प्रसव के लिए सात अक्तूबर को क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। नौ अक्टूबर को उपचार के दौरान रीना और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने महिला चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए थे। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने चिकित्सक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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हालांकि मामले में चिकित्सकीय लापरवाही की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने क्षेत्रीय अस्पताल परिसर में रोष जताते हुए महिला चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी। बीते शनिवार शाम को रोष जताते हुए परिजनों व ग्रामीणों ने ऊना लाल बत्ती चौक पर चक्का जाम करते हुए चिकित्सक के निलंबन की मांग उठाई थी। इसके बाद विभाग ने महिला चिकित्सक को निलंबित करने के निर्देश जारी किए। अब महिला चिकित्सक के पुलिस जांच में शामिल होने के बाद मामले से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए पूछताछ की जा रही है।
एसपी ऊना सचिन हिरेमठ का कहना है कि महिला चिकित्सक अपने पति समेत पुलिस थाना ऊना में पहुंची और ड़ेढ घंटा पूछताछ के बाद बयान दर्ज किए गए। महिला चिकित्सक ने जांच में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिया। पुलिस अपने स्तर पर अलग से बोर्ड का गठन करेगी। इसमें एम्स या फिर पीजीआई के चिकित्सकों को कमेटी में शामिल किया जाएगा।
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चिकित्सक ने पुलिस को सहयोग का दिया भरोसा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल में प्रसव के दौरान रीना कुमारी और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में निलंबित महिला चिकित्सक डॉ. प्रियंका शर्मा रविवार को पुलिस जांच में शामिल हुईं। रविवार को वे पुलिस थाना ऊना पहुंचीं। जहां पुलिस ने करीब डेढ़ घंटे तक उनसे पूछताछ की। इस दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े तथ्यों और उपचार के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया को लेकर जानकारी जुटाई।
चिकित्सक ने मामले की जांच में सहयोग करने की बात कही है। पुलिस मामले की जांच के लिए अलग से एम्स या पीजीआई के चिकित्सकों की टीम का बोर्ड के लिए गठित करेगी ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। वहीं पुलिस इस घटना की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
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बता दें कि ऊना के अपर अरनियाला निवासी 33 वर्षीय रीना कुमारी पत्नी राजीव कुमार को प्रसव के लिए सात अक्तूबर को क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। नौ अक्टूबर को उपचार के दौरान रीना और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने महिला चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए थे। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने चिकित्सक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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हालांकि मामले में चिकित्सकीय लापरवाही की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने क्षेत्रीय अस्पताल परिसर में रोष जताते हुए महिला चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी। बीते शनिवार शाम को रोष जताते हुए परिजनों व ग्रामीणों ने ऊना लाल बत्ती चौक पर चक्का जाम करते हुए चिकित्सक के निलंबन की मांग उठाई थी। इसके बाद विभाग ने महिला चिकित्सक को निलंबित करने के निर्देश जारी किए। अब महिला चिकित्सक के पुलिस जांच में शामिल होने के बाद मामले से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए पूछताछ की जा रही है।
एसपी ऊना सचिन हिरेमठ का कहना है कि महिला चिकित्सक अपने पति समेत पुलिस थाना ऊना में पहुंची और ड़ेढ घंटा पूछताछ के बाद बयान दर्ज किए गए। महिला चिकित्सक ने जांच में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिया। पुलिस अपने स्तर पर अलग से बोर्ड का गठन करेगी। इसमें एम्स या फिर पीजीआई के चिकित्सकों को कमेटी में शामिल किया जाएगा।