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Una News: बाजरे के बीज पर 2100 रुपये प्रति क्विंटल तक सब्सिडी

Wed, 18 Jun 2025 08:07 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 18 Jun 2025 08:07 PM IST
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पारंपरिक मक्की की बिजाई होगी शुरु, बीज खरीद में जुटे किसान
मक्की के साथ ज्वार और बाजरे की बिजाई ने भी पकड़ा जोर

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिला में सोमवार और मंगलवार को अच्छी बारिश होने के बाद मक्की की पारंपरिक खेती को लेकर बिजाई प्रक्रिया शुक्रवार तक शुरू हो जाएगी। खेतों में अच्छी नमी आने पर किसानों ने बीज की खरीद शुरू कर दी है। इसके लिए कृषि विभाग के ब्लॉक कार्यालयों के विक्रय केंद्रों में काफी भीड़ जुट रही है। यहां मक्की की सिंगल और डबल क्रॉस दो किस्मों के बीज किसानों के लिए उपलब्ध हैं। इसके अलावा ज्वार और बाजरा के बीज भी किसान वहां से खरीद सकते हैं।
जानकारी के अनुसार बुधवार को सब्जी मंडी के पास स्थित कृषि ब्लॉक ऊना के विक्रय केंद्रों में मक्की के बीज की खरीद को लेकर किसानों की कतारें लग गईं। किसानों को 15 से 20 मिनट इंतजार के बाद बीज उपलब्ध हो पाया। विक्रय केंद्रों में उपलब्ध मक्की के बीज में सिंगल क्रॉस की किस्म पांच किग्रा पैकिंग में 500 रुपये में उपलब्ध है। वहीं, डबल क्रॉस किस्म का बीज भी पांच किग्रा की पैकिंग में उपलब्ध है, जिसकी कीमत 375 रुपये है। ये कीमतें सब्सिडी सहित मिल रही हैं। साथ ही ज्वार का बीज भी पांच किग्रा की पैंकिंग में 285 रुपये का बिक रहा, जिसपर 1300 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी है। वहीं, बाजरा 120 रुपये में डेढ़ किग्रा की पैकिंग में उपलब्ध है। इस पर 2100 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी मिल रही है। कई किसान निजी दुकानों से भी मक्की के बेहतर बीज की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, दुकानों पर बीज महंगे है। 200 से लेकर 400 रुपये प्रति किलो तक बीज निजी दुकानों पर बिक रहे। कई किसान इसकी खरीद भी कर रहे हैं।
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जिला के किसानों में तरसेम लाल, राकेश कुमार, विशन दास, बलराम कुमार, रविंद्र कुमार ने बताया कि उनका निजी अनुभव है कि ब्लॉक से खरीदे बीज के मुकाबले दुकानों पर उपलब्ध बीज की गुणवत्ता अधिक है। कहा कि ब्लॉक के लाए बीच को कीड़ा और बीमारी जल्दी पकड़ लेते हैं। पैदावार भी प्रभावित होती है। जबकि निजी दुकानों पर बीच महंगा जरूर है, किंतु उसकी गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
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बिजाई के लिए खाद की मांग ने पकड़ा जोर
मक्की की बिजाई के लिए खाद की मांग ने भी जोर पकड़ा है। किसान इस बार बिजाई के लिए डाया खाद को बेहतर मान रहे हैं। जबकि पहले बिजाई के लिए 12-32-16 डीएपी खाद का इस्तेमाल किया जाता रहा। इस खाद की कीमत में करीब 250 रुपये प्रति बोरी की बढ़ोतरी ने किसानों को सोचने पर मजबूर कर दिया। अब किसान 1300 रुपये प्रति बोरी के आसपास बिकने वाली डाया खाद की खरीद कर रहे हैं। ----

उपनिदेशक जिला कृषि विभाग कुलभूषण धीमान ने बताया कि मक्की की बिजाई के लिए आने वाले दो से तीन दिन में बिल्कुल उपयुक्त समय रहेगा। कहा कि बीते दिनों में अच्छी बारिश हुई है। किसान पारंपरिक मक्की की खेती के लिए बिजाई कर सकते हैं।
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