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Una News: बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा केंद्रों में संचालकों को मानकों के पालन की सख्त हिदायत
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विभाग ने कहा- कक्षाएं संचालन में न बरतें लापरवाही
केंद्रों में तीन से चार घंटे तक बच्चों की कक्षाओं के संचालन के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा केंद्रों में मानकों के सख्त पालन के निर्देश जारी किए गए हैं। प्री-स्कूल चलाने वाले निजी संस्थानों को तीन से चार घंटे की समयसारिणी, प्रशिक्षित स्टाफ की नियुक्ति और बच्चों की शिक्षा व खेलों के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि दाखिले के समय किसी भी आधार पर भेदभाव न हो, न ही लिखित या मौखिक परीक्षा ली जाए। बच्चों के समग्र विकास के लिए ग्रेडिंग प्रणाली अपनाई जाए। स्कूल भवन सुरक्षित व स्वच्छ हों, पेयजल, शौचालय, वाश बेसिन, हैंडवॉश और मेडिकल किट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का शारीरिक या मानसिक शोषण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। स्टाफ की नियुक्ति पुलिस वेरिफिकेशन और मेडिकल जांच के बाद ही की जाए। उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोमलाल धीमान ने बताया कि मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और इसके लिए संस्थान प्रमुख जिम्मेदार होंगे।
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केंद्रों में तीन से चार घंटे तक बच्चों की कक्षाओं के संचालन के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा केंद्रों में मानकों के सख्त पालन के निर्देश जारी किए गए हैं। प्री-स्कूल चलाने वाले निजी संस्थानों को तीन से चार घंटे की समयसारिणी, प्रशिक्षित स्टाफ की नियुक्ति और बच्चों की शिक्षा व खेलों के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि दाखिले के समय किसी भी आधार पर भेदभाव न हो, न ही लिखित या मौखिक परीक्षा ली जाए। बच्चों के समग्र विकास के लिए ग्रेडिंग प्रणाली अपनाई जाए। स्कूल भवन सुरक्षित व स्वच्छ हों, पेयजल, शौचालय, वाश बेसिन, हैंडवॉश और मेडिकल किट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का शारीरिक या मानसिक शोषण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। स्टाफ की नियुक्ति पुलिस वेरिफिकेशन और मेडिकल जांच के बाद ही की जाए। उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोमलाल धीमान ने बताया कि मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और इसके लिए संस्थान प्रमुख जिम्मेदार होंगे।