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पाखंड फैलाने के लिए कुछ लोग रचते हैं आडंबर : इंद्रेश
Mon, 10 Feb 2025 06:47 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 10 Feb 2025 06:47 PM IST
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ऊना में पत्रकारों से बातचीत करे इंद्रेश उपाध्याय। -संवाद
ऊना। वृंदावन से ऊना पहुंचे कथाव्यास इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि संसार में दैवीय शक्तियां सतयुग से ही विद्यमान हैं। भारत में कुछ लोगों में वास्तविक दैवीय शक्तियां होती हैं। मगर कई लोग पाखंड फैलाने के लिए आडंबर रचते हैं। वह सोमवार को ऊना में पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह पाखंड केवल दैवीय शक्तियों तक सीमित नहीं, बल्कि कथा जगत और साधु वेश में भी देखने को मिलता है। ऐसे लोग भोले-भाले श्रद्धालुओं को भ्रमित कर उनकी आस्था का गलत उपयोग करते हैं। उन्होंने हिमाचल को देवभूमि बताते हुए कहा कि यह देवों के देव महादेव का ससुराल है, जहां 33 कोटि देवी-देवताओं का वास है। हिमाचल में आधुनिकता का प्रवेश अन्य राज्यों की तुलना में कम है, जो इसे और विशिष्ट बनाता है।
युवाओं में सत्संग से दूरी पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि सत्संग का अभाव विनाशकारी हो सकता है। भगवान श्रीकृष्ण के यदुवंशियों का नाश भी इसी कारण हुआ था। उन्होंने युवाओं से सत्संग के लिए समय निकालने का आह्वान किया। प्रयागराज महाकुंभ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग वहां स्नान नहीं कर पाए, वे मन में विश्वास रखें कि वे संगम में स्नान कर रहे हैं, इससे भी पुण्य प्राप्त होगा।
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उन्होंने कहा कि यह पाखंड केवल दैवीय शक्तियों तक सीमित नहीं, बल्कि कथा जगत और साधु वेश में भी देखने को मिलता है। ऐसे लोग भोले-भाले श्रद्धालुओं को भ्रमित कर उनकी आस्था का गलत उपयोग करते हैं। उन्होंने हिमाचल को देवभूमि बताते हुए कहा कि यह देवों के देव महादेव का ससुराल है, जहां 33 कोटि देवी-देवताओं का वास है। हिमाचल में आधुनिकता का प्रवेश अन्य राज्यों की तुलना में कम है, जो इसे और विशिष्ट बनाता है।
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युवाओं में सत्संग से दूरी पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि सत्संग का अभाव विनाशकारी हो सकता है। भगवान श्रीकृष्ण के यदुवंशियों का नाश भी इसी कारण हुआ था। उन्होंने युवाओं से सत्संग के लिए समय निकालने का आह्वान किया। प्रयागराज महाकुंभ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग वहां स्नान नहीं कर पाए, वे मन में विश्वास रखें कि वे संगम में स्नान कर रहे हैं, इससे भी पुण्य प्राप्त होगा।
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