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एसओए आईटीआई को बीच सत्र गगरेट न किया जाए शिफ्ट : सत्ती

Sun, 10 Nov 2024 12:38 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Nov 2024 12:38 AM IST
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SOA ITI should not be shifted mid-session: Satti
ऊना आईटीआई के प्र​शिक्षु सदर विधायक सतपाल सत्ती से मिलते हुए।संवाद
अगले सत्र में हो शिफ्ट, दाखिला ले चुके प्रशिक्षुओं की बढ़ेंगी दिक्कतें
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कहा- दूरदराज से आने वाले प्रशिक्षुओं की बढ़ेगी परेशानी
लोगों का लाभ और नुकसान न देखकर निर्णय ले रही प्रदेश सरकार

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिला मुख्यालय से स्टेट ऑफ आर्ट (एसओए) आईटीआई को गगरेट शिफ्ट कर प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं ऊना सदर से विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने जिला भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि एसओए आईटीआई गगरेट बीते काफी समय से ऊना की महिला आईटीआई में संचालित हो रही थी। लेकिन, अचानक पढ़ाई का आधा सत्र बीत जाने के बाद इसे गगरेट शिफ्ट करने का फैसला लिया गया, जो गलत है। प्रदेश में जब से कांग्रेस सरकार सत्तासीन हुई है, तब से लोगों का लाभ व नुकसान न देखकर निर्णय लिए जा रहे हैं। अब सरकार ने आईटीआई को ऊना से गगरेट शिफ्ट कर दिया है। एसओए आईटीआई में हरोली, कुटलैहड़ व ऊना के आसपास गांवों के अलावा बिलासपुर तक के प्रशिक्षु पढ़ने आ रहे है। आईटीआई गगरेट शिफ्ट होने से दो से तीन गुना अधिक रास्ता तय कर गगरेट पहुंचना पड़ेगा या फिर वहां पर महंगे कमरे लेकर रहने को विवश होना पड़ेगा।
सत्ती ने कहा कि जब बच्चों ने ऊना आईटीआई में दाखिला लिया तो बच्चों को नहीं बताया कि एडमिशन गगरेट आईटीआई के लिए हो रहा है। आधा सत्र खत्म होने पर सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी। युवाओं से कहा जा रहा है कि यह दाखिला गगरेट आईटीआई के लिए हुए थे। उन्होंने कहा कि सरकार इस सेशन को ऊना में ही खत्म करे और अगले सेशन की एडमिशन गगरेट आईटीआई में करे। सत्ती ने कहा कि ऊना जिला में कांग्रेस के चार विधायक है लेकिन एक भी विधायक बच्चों के हक को नहीं उठा पाया। प्रदेश सरकार 2-3 दिन में इस बारे में निर्णय ले। वह स्वयं भी इस मसले को लेकर तकनीकी शिक्षा मंत्री से बात करेंगे।
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समोसे से पूरे देश में बना प्रदेश का मजाक
सतपाल सत्ती ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पूरे देश में प्रदेश का मजाक बनाकर रख दिया। कभी टॉयलेट टैक्स लगाए जा रहे हैं तो कभी समोसे की जांच बड़े ओहदे पर बैठे अधिकारी से करवाई जा रही। अगर सीएम के स्टाफ के सदस्य समोसे खा गए तो यह बड़ी बात नहीं। प्रदेश में खनन माफियाा, चोरों व गुंडाराज का बोलबाला है। सचिवालय व जिला मुख्यालय के कार्यालयों में लोगों के हकों को खाया जा रहा है। इस पर सीएम कुछ नहीं बोल रहे।
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आईटीआई प्रशिक्षुओं ने सौंपा ज्ञापन
शनिवार को एसओए आईटीआई में प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थी भी विधायक सतपाल सत्ती से मिले। उन्होंने सत्ती से अपनी समस्या को लेकर चर्चा की। उन्होंने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के नाम एक मांग पत्र दिखाते हुए फिलहाल आईटीआई शिफ्ट न करने की मांग की। रोहित, हरीश, करण, आकाश, भानू, मनीष, सतवीर, मनमोहन, गुरप्रीत, रितिश, शिवांग सहित करीब 50 प्रशिक्षुओं ने उप मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि उनके लिए प्रतिदिन गगरेट जाना बेहद मुश्किल होगा।
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