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Una News: सर्दियां शुरू होते ही बढ़ने लगे चर्म रोग की मरीज
Wed, 13 Nov 2024 07:34 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 13 Nov 2024 07:34 AM IST
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ऊना अस्पताल में मौसम में आए बदलाव के चलते बढने लगी मरीजों की आमद एक ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की
ऊना। सर्दियों का मौसम आते ही जिले में चर्म रोगों के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना की चर्म रोग ओपीडी में रोजाना 50 से 60 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इन रोगियों में सबसे अधिक संख्या सोरायसिस और डैंड्रफ से संबंधित समस्याओं की है। डॉक्टरों के मुताबिक सर्दियों के मौसम में त्वचा से संबंधित रोगों की संख्या में बढ़ोतरी होती है।
अस्पताल में आ रहे मरीजों में से कई लोग बिना विशेषज्ञ की सलाह के केमिस्ट से दवाएं ले रहे हैं। इससे उनके रोग कम होने की बजाए और बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक बिना सही उपचार के रोगियों को फंगल एलर्जी, सोरायसिस, डैंड्रफ, स्केबिस (खारिश) जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्केबिस के रोगियों को पूरे शरीर में खुजली और दाने निकलने लगते हैं, जबकि फंगल इंफेक्शन नहाने में लापरवाही के कारण फैलता है।
सोरायसिस एक ऐसा रोग है, जिसमें शरीर पर लाल रंग के धब्बे और पपड़ी जमने लगती है। यदि इसका समय पर उपचार न किया जाए तो यह शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक यह रोग सर्दियों में ज्यादा बढ़ता है, क्योंकि ठंड में त्वचा का रूखापन बढ़ जाता है और इससे शरीर में खुजली और संक्रमण का खतरा अधिक हो जाता है।
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सर्दियों में चर्म रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इनसे बचाव के लिए रोगी को अपने व्यक्तिगत वस्त्र जैसे तौलिया और साबुन अलग से इस्तेमाल करने चाहिए। इसके अलावा किसी भी चर्म रोग का इलाज विशेषज्ञ की सलाह से ही कराना चाहिए, न कि बिना चिकित्सीय मार्गदर्शन के केमिस्ट से दवाइयां खरीदने से।
-डॉ. खिमित जैन, चर्म रोग विशेषज्ञ, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना
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अस्पताल में आ रहे मरीजों में से कई लोग बिना विशेषज्ञ की सलाह के केमिस्ट से दवाएं ले रहे हैं। इससे उनके रोग कम होने की बजाए और बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक बिना सही उपचार के रोगियों को फंगल एलर्जी, सोरायसिस, डैंड्रफ, स्केबिस (खारिश) जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्केबिस के रोगियों को पूरे शरीर में खुजली और दाने निकलने लगते हैं, जबकि फंगल इंफेक्शन नहाने में लापरवाही के कारण फैलता है।
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सोरायसिस एक ऐसा रोग है, जिसमें शरीर पर लाल रंग के धब्बे और पपड़ी जमने लगती है। यदि इसका समय पर उपचार न किया जाए तो यह शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक यह रोग सर्दियों में ज्यादा बढ़ता है, क्योंकि ठंड में त्वचा का रूखापन बढ़ जाता है और इससे शरीर में खुजली और संक्रमण का खतरा अधिक हो जाता है।
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सर्दियों में चर्म रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इनसे बचाव के लिए रोगी को अपने व्यक्तिगत वस्त्र जैसे तौलिया और साबुन अलग से इस्तेमाल करने चाहिए। इसके अलावा किसी भी चर्म रोग का इलाज विशेषज्ञ की सलाह से ही कराना चाहिए, न कि बिना चिकित्सीय मार्गदर्शन के केमिस्ट से दवाइयां खरीदने से।
-डॉ. खिमित जैन, चर्म रोग विशेषज्ञ, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना