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Una News: गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में सजा पर फिर होगा विचार
Wed, 02 Sep 2026 12:36 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 02 Sep 2026 12:36 AM IST
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दुलैहड़ (ऊना)। खेत में मारपीट कर एक व्यक्ति को गंभीर चोट पहुंचाने के करीब 12 साल पुराने मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-1 ऊना की अदालत ने ट्रायल कोर्ट का आदेश निरस्त कर मामला नए सिरे से विचार के लिए भेजा है। ट्रायल कोर्ट ने 27 दिसंबर 2024 को आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक माह के साधारण कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। अपीलीय अदालत ने आरोप तय करने की स्थिति और सजा के साथ प्रोबेशन के पहलू पर दोबारा विचार के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियोजन साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की दोषसिद्धि सही है या गलत, इस पर कोई अंतिम राय नहीं दी है। मामला आरोप तय करने में अस्पष्टता और सजा व प्रोबेशन पर पर्याप्त विचार न किए जाने के कारण वापस भेजा गया है। अदालत के सामने आया कि पुलिस के चालान और बाद में ट्रायल कोर्ट की ओर से तय आरोपों में अंतर था। आरोप तय करते समय एक से अधिक लोगों की साझा मंशा से अपराध किए जाने का उल्लेख था जबकि अभियोजन की कहानी में घटना के दौरान आरोपी की व्यक्तिगत भूमिका बताई गई। बाद में दोषसिद्धि भी उसी आरोपी की गंभीर चोट पहुंचाने के अपराध में हुई। इससे यह स्पष्ट नहीं था कि आरोपी को किस आरोप का सामना करना था। रिकॉर्ड में यह स्पष्ट नहीं हुआ कि आरोपी ने किस अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर अपराध करने की साझा मंशा बनाई थी। इसे महज तकनीकी त्रुटि मानकर नजरअंदाज करना उचित नहीं है। ट्रायल कोर्ट को मूल आरोप और बाद की कार्रवाई की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले के अनुसार 15 दिसंबर 2013 को करीब साढ़े 11 बजे शिकायतकर्ता पंजवार स्थित खेत की ओर गया था। आरोप था कि वहां आरोपी ने रंभा/खुरपा से उस पर हमला किया, जिससे वह गिर गया और घायल हो गया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने कहा कि यह स्पष्ट करना होगा कि साझा मंशा का उल्लेख जानबूझकर किया गया था या अनजाने में हुई त्रुटि थी। अदालत ने आरोपी को 29 सितंबर 2026 को संबंधित ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है।
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