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Una News: दिन की गर्मी और सर्द रातों में फसलों को बचाना बना चुनौती
Tue, 11 Feb 2025 09:58 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 11 Feb 2025 09:58 AM IST
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लालसिंगी में आलू की फसल की देखभाल करते किसान और मजदूर। -संवाद
ऊना। जिला ऊना के किसान दिन और रात के तापमान में भारी अंतर से परेशान हैं। फरवरी की शुरुआत में ही अधिकतम तापमान 30 डिग्री तक जा रहा, जबकि न्यूनतम पांच डिग्री सेल्सियस तक रह रहा है। इससे गेहूं और आलू की फसलें प्रभावित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि यदि मौसम की यही स्थिति रही तो फसलें बचाना चुनौतीपूर्ण होगा।
जानकारी के अनुसार आलू और गेहूं की फसल तैयार होने में चार माह का समय लगता है। आमतौर पर फरवरी तक सर्दी बनी रहती है, जिससे सिंचाई और कीटनाशक के छिड़काव में किसानों को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। मगर इस बार दिन में गर्मी बढ़ने से फसलों की लगातार सिंचाई करनी पड़ रही है। खासतौर पर आलू की फसल पर मौसम का अधिक प्रभाव पड़ रहा है और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
किसानों में जयदीप सिंह, शमिंद्र राणा, सुखदेव सिंह और अजय कुमार के अनुसार, इस समय आलू की गुड़ाई चल रही है। सूखे खेतों में पहले और अन्य जगहों पर गुड़ाई के बाद सिंचाई करनी पड़ रही है। उन्होंने गर्मी के बढ़ते असर को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि आलू और गेहूं की अच्छी वृद्धि के लिए सर्दी जरूरी होती है।
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जिला कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलभूषण धीमान ने कहा कि आलू और गेहूं सर्द मौसम में बेहतर बढ़ते हैं, जबकि पकने के लिए गर्मी आवश्यक होती है। हाल ही में हुई बारिश के बावजूद दिन का तापमान बढ़ रहा है, जिससे किसान सतर्क रहें और खासतौर पर आलू की फसल में समय-समय पर सिंचाई करें।
-कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग
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जानकारी के अनुसार आलू और गेहूं की फसल तैयार होने में चार माह का समय लगता है। आमतौर पर फरवरी तक सर्दी बनी रहती है, जिससे सिंचाई और कीटनाशक के छिड़काव में किसानों को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। मगर इस बार दिन में गर्मी बढ़ने से फसलों की लगातार सिंचाई करनी पड़ रही है। खासतौर पर आलू की फसल पर मौसम का अधिक प्रभाव पड़ रहा है और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
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किसानों में जयदीप सिंह, शमिंद्र राणा, सुखदेव सिंह और अजय कुमार के अनुसार, इस समय आलू की गुड़ाई चल रही है। सूखे खेतों में पहले और अन्य जगहों पर गुड़ाई के बाद सिंचाई करनी पड़ रही है। उन्होंने गर्मी के बढ़ते असर को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि आलू और गेहूं की अच्छी वृद्धि के लिए सर्दी जरूरी होती है।
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जिला कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलभूषण धीमान ने कहा कि आलू और गेहूं सर्द मौसम में बेहतर बढ़ते हैं, जबकि पकने के लिए गर्मी आवश्यक होती है। हाल ही में हुई बारिश के बावजूद दिन का तापमान बढ़ रहा है, जिससे किसान सतर्क रहें और खासतौर पर आलू की फसल में समय-समय पर सिंचाई करें।
-कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग