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Una News: बीमारियों से ज्यादा सड़क हादसे लील रहे जिंदगियां, नवंबर 19 तक 71 की मौत

Tue, 19 Nov 2024 07:06 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Nov 2024 07:06 PM IST
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Road accidents are taking more lives than diseases, 71 died till November 19
खास खबर
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इस वर्ष नवंबर तक 196 सड़क हादसे, 293 लोग घायल
सड़क हादसों में जान गंवाने वालों में 80 प्रतिशत युवा
तेज रफ्तार, नशे में गाड़ी चलाना और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन बन रहा हादसों का कारण

विकास चौधरी

ऊना। जिले में बीमारियों से ज्यादा सड़क हादसे जिंदगियां लील रहे हैं। इस वर्ष जनवरी से मध्य नवंबर माह तक 71 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं। जबकि, 293 लोग घायल हो गए। इस साल अभी तक कुल 196 सड़क हादसे हुए हैं। इन हादसों की रिपोर्ट पुलिस विभाग के पास पहुंचे हैं। कई हादसों में आपसी समझौता हो जाता, उनका आंकड़ा अलग से है। चिंताजनक यह भी है कि हादसों में जान गंवाने वाले लोगों में 80 प्रतिशत युवा हैं।
जिला में हर महीने सड़क हादसों में औसतन छह से सात लोगों की मौत हो रही है। जबकि, 16 के आसपास लोग घायल हो रहे हैं। घायलों में भी कई लोगों की स्थिति ऐसी है कि जीवन भर पहले की तरह सामान्य तरीके से नहीं जी पाएंगे। विशेषज्ञों की मानें तो सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण तेज रफ्तार, नशे में गाड़ी चलाना व सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के तेज रफ्तार में चलते हैं। ऐसे में कई बार वाहन अनियंत्रित होकर किसी अन्य गाड़ी या वस्तु से टकरा जाते हैं। दोपहिया वाहन चालकों के सड़क हादसों में मौत का कारण ज्यादातर सिर में चोट रहती है। इसके बावजूद कई युवा बिना हेल्मेट तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते दिखाई देते हैं। दूसरी ओर तेज रफ्तार कार सवार भी कई हादसों में जान गंवा चुके हैं। इसमें अधिकतर अन्य राज्यों से होते हैं।
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चंडीगढ़ धर्मशाला सड़क मार्ग पर हो रहे गंभीर हादसे
जिले में सबसे गंभीर सड़क हादसे चंडीगढ़ धर्मशाला सड़क मार्ग पर हो रहे रहे हैं। सड़क की स्थिति अच्छी होने के कारण अधिकतर वाहन चालक इस मार्ग पर बेहद तेज रफ्तार में गुजरते हैं। यहीं सबसे बड़ी चूक होती है। इस मार्ग के आसपास जंगली क्षेत्र है। ऐसे में सड़क मार्ग पर पशु या जानवर सामने आने पर हादसा होना तय है। इसके अलावा कई बार कोई राहगीर सड़क पार कर रहा होता है, या कोई गाड़ी चालक अचानक सामने से आने पर भी गंभीर हादसा हो जाता है। यही नहीं रात के समय भी इस मार्ग पर गंभीर हादसे हो रहे हैं।
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किस माह में कितने हादसे
माह जनवरी फरवरी मार्च-- अप्रैल-- मई-- जून-- जुलाई-- अगस्त-- सितंबर-- अक्तूबर-- नवंबर (19 नवंबर तक)
हादसे---19-- 14-- 26-- 25-- 11-- 20-- 21-- 18-- 12 --- 20 --- 10
मौत--- 07-- 03--- 09-- 09 -- 03-- 07-- 04-- 08-- 06 --- 10 --- 05
घायल---18-- 19-- 46-- 40 -- 15-- 28-- 30-- 46-- 16 --- 26 --- 09

कोट्स
जिले में सड़क हादसों की स्थिति गंभीर है। अक्तूबर में सबसे अधिक 10 लोगों की मौत हुई। दुखद पहलू यह भी है कि युवा उम्र के लोगों की हादसों में अधिक जान जा रही है। तेज रफ्तार सबसे अधिक घातक साबित हो रही है। लापरवाही से वाहन चलाना दूसरा सबसे बड़ा कारण है। कम से कम अपनी जान की कीमत समझें और सड़क सुरक्षा मानकों का पालन करें। सड़कों पर यातायात लगातार व्यस्त हो रहा है। ऐसे में वाहन चलाते समय पूरी एकाग्रता बनाए रखें। गति सीमा को पार न करें। पुलिस की टीमें मुख्य चौक चौराहों पर लगातार सक्रिय हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान भी किए जा रहे हैं। आवश्यकता है तो लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझने की।
राकेश सिंह, एसपी ऊना।
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