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शिक्षा के अधिकार एक्ट का हो रहा उल्लंघन : बलबीर

Mon, 30 Jun 2025 07:14 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 30 Jun 2025 07:14 PM IST
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Right to Education Act is being violated: Balbir
संवाद न्यूज एजेंसी
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ऊना। अवैध खनन, नशाखोरी, बेरोजगारी पर नियंत्रण नहीं हो पाया तो आने वाली पीढि़यों का भविष्य खराब होना तय है। यह बात किसान योद्धा सरदार रुड़का सिंह कल्याण समिति के अध्यक्ष बलबीर सिंह ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही। कहा कि भारत सरकार ने वर्ष 2010 में राइट टू एजूकेशन एक्ट बनाया। इसके अंतर्गत प्रदेश सरकार को केवल पक्के शिक्षक भर्ती करने थे ताकि प्रदेश की जनता को निशुल्क शिक्षा दी जा सके। दुर्भाग्यवश हिमाचल प्रदेश सरकार ने 2012 से लेकर 2017 तक 2555 एसएमसी कच्चे शिक्षक भर्ती कर लिए। यह राइट टू एजूकेशन एक्ट का सीधा उल्लंघन है। हैरान कर देने वाली बात यह है कि हिमाचल प्रदेश सरकार इन्हें पक्का करने जा रही है। इससे प्रतिभाशाली युवाओं का भविष्य खराब होना तय है। एसएमसी शिक्षकों की भर्ती न तो लिखित परीक्षा से हुई है और न रोजगार कार्यालय के माध्यम से हुई है, जो भर्ती नियमों का भी उल्लंघन है। माननीय हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को 3-11-2020 को यह आदेश दिए थे कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए साल में दो बार नियमित शिक्षकों कि भर्ती करें। इसके विपरीत प्रदेश की सरकारें पिछले पांच साल से 3840 में से एक भी नियमित नर्सरी शिक्षक तैनात नहीं कर पाईं। यही नहीं सरकार अब शिक्षकों की आउटसोर्स से भर्ती करने जा रही है, जो राइट टू एजूकेशन एक्ट 2010 का सीधा उल्लंघन है। समिति सरकार से आग्रह करती है कि प्रदेश में राइट टू एजूकेशन एक्ट 2010 लागू किया जाए और हर गांव में खेल के मैदान बनवाए जाएं ताकि युवाओं को नशे से दूर रखा जा सके।
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