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शिक्षा विभाग ने डोहकी स्कूल में जांची मिड डे मील की गुणवत्ता
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ऊना। जिला शिक्षा विभाग की टीम स्कूलों में मिड-डे-मील समेत तमाम व्यवस्थाओं पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं। इन व्यवस्थाओं के निरीक्षण को लेकर लगातार स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। बुधवार को भी देवेंद्र चंदेल उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा ऊना ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला डोहकी शिक्षा खंड अंब का औचक निरीक्षण किया किया।
निरीक्षण के दौरान स्कूल के बच्चों को खिलाया जाने वाले मिड-डे-मील की गुणवत्ता भी जांची गई। इसके साथ ही पाठशाला के संपूर्ण रिकार्ड की जांच की गई। पाठशाला में पीने के पानी की व्यवस्था देखी गई और शौचालयों में सफाई का निरीक्षण भी किया गया। वहीं स्कूल के अध्यापकों ने भी अपनी समस्याओं को लेकर उपनिदेशक के साथ चर्चा की। बता दें कि बीते दिनों जिले के कुछ अभिभावकों ने विभाग को शिकायत की थी कि बच्चों को मिड-डे-मील में हलवा या मीठे चावल ही खिलाए जा रहे हैं। साथ ही कुछ पाठशालाओं में छात्रों को दिया जा रहा भोजन अच्छे स्तर का नहीं है।
अभिभावकों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सभी शिक्षा खंडों के स्कूलों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान मिड-डे-मील में पकाई जाने वाली सामग्री जैसे दाल, चावल व मसालों आदि की जांच की जा रही है। उपनिदेशक देवेंद्र चंदेल ने कहा कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक के छात्रों को पीएम पोषण निर्माण योजना के तहत दाल, हरी सब्जियां सोयाबड़ी व अच्छे मसालों का इस्तेमाल होना चाहिए। चंदेल ने जिला के सभी स्कूल प्रमुखों को सख्ती से निर्देश दिए हैं कि बच्चों को दिया जाने वाले मिड-डे-मील भोजन की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए। अगर जिला में किसी भी स्कूल में कोई अनियमितता पाई जाती हैं तो उस स्कूल प्रमुख के विरुद्ध नियमों के तहत विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
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निरीक्षण के दौरान स्कूल के बच्चों को खिलाया जाने वाले मिड-डे-मील की गुणवत्ता भी जांची गई। इसके साथ ही पाठशाला के संपूर्ण रिकार्ड की जांच की गई। पाठशाला में पीने के पानी की व्यवस्था देखी गई और शौचालयों में सफाई का निरीक्षण भी किया गया। वहीं स्कूल के अध्यापकों ने भी अपनी समस्याओं को लेकर उपनिदेशक के साथ चर्चा की। बता दें कि बीते दिनों जिले के कुछ अभिभावकों ने विभाग को शिकायत की थी कि बच्चों को मिड-डे-मील में हलवा या मीठे चावल ही खिलाए जा रहे हैं। साथ ही कुछ पाठशालाओं में छात्रों को दिया जा रहा भोजन अच्छे स्तर का नहीं है।
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अभिभावकों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सभी शिक्षा खंडों के स्कूलों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान मिड-डे-मील में पकाई जाने वाली सामग्री जैसे दाल, चावल व मसालों आदि की जांच की जा रही है। उपनिदेशक देवेंद्र चंदेल ने कहा कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक के छात्रों को पीएम पोषण निर्माण योजना के तहत दाल, हरी सब्जियां सोयाबड़ी व अच्छे मसालों का इस्तेमाल होना चाहिए। चंदेल ने जिला के सभी स्कूल प्रमुखों को सख्ती से निर्देश दिए हैं कि बच्चों को दिया जाने वाले मिड-डे-मील भोजन की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए। अगर जिला में किसी भी स्कूल में कोई अनियमितता पाई जाती हैं तो उस स्कूल प्रमुख के विरुद्ध नियमों के तहत विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
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