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Una News: सस्ते राशन डिपुओं में नहीं मिलीं दालें
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आटे का कोटा भी आया कम, डिपो में राशन लेने जा रहे उपभोक्ता निराशा
नवंबर में मिले कम कोटे को अगले माह करवाया जाएगा उपलब्ध : सरोज
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। उपमंडल अंब में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत डिपुओं में सस्ती दालों का कोटा नहीं मिल पाया है। इसके साथ ही आटा भी निर्धारित मात्रा से काफी कम आया है। इससे डिपुओं में राशन लेने जा रहे उपभोक्ताओं को निराशा हाथ लगी है। क्षेत्र के तहत लगभग सत्तर राशन डिपो हैं। इनमें लगभग एक लाख आठ हजार से अधिक लोगों को डिपो के राशन का लाभ मिलता है। राशन में प्रमुख रूप से चना, उड़द और मलका की दाल और आटा प्रमुख रूप से शामिल रहता है। इसके अलावा चावल, चीनी, रिफाइंड और सरसों के तेल की भी मांग रहती है। इसमें एपीएल,, बीपीएल परिवार शामिल रहते हैं। इस राशन से हजारों लोगों को सस्ता राशन की सुविधा का लाभ मिलता है। क्षेत्र के लिए हर महीने लगभग 525 मीट्रिक टन आटा की डिमांड रहती है। इसके अलावा लगभग 270 क्विंटल दालों की मांग रहती है। नवंबर में क्षेत्र के डिपुओं में दालों का कोटा नहीं मिला। जबकि, आटा भी मांग से आधे से भी कम लगभग 200 मीट्रिक टन उपलब्ध करवाया गया है। इससे एपीएल, बीपीएल सहित अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को निराशा हुई है। खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर सरोज कुमार ने बताया कि डिपुओं में दालों का कोटा नहीं मिल पाया है। जबकि आटे का कोटा कुछ कम मात्रा में आया है। उनकी तरफ से डिमांड भेजी गई है। नवंबर में मिले कम कोटे को अगले माह उपलब्ध करवाया जाएगा।
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नवंबर में मिले कम कोटे को अगले माह करवाया जाएगा उपलब्ध : सरोज
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब (ऊना)। उपमंडल अंब में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत डिपुओं में सस्ती दालों का कोटा नहीं मिल पाया है। इसके साथ ही आटा भी निर्धारित मात्रा से काफी कम आया है। इससे डिपुओं में राशन लेने जा रहे उपभोक्ताओं को निराशा हाथ लगी है। क्षेत्र के तहत लगभग सत्तर राशन डिपो हैं। इनमें लगभग एक लाख आठ हजार से अधिक लोगों को डिपो के राशन का लाभ मिलता है। राशन में प्रमुख रूप से चना, उड़द और मलका की दाल और आटा प्रमुख रूप से शामिल रहता है। इसके अलावा चावल, चीनी, रिफाइंड और सरसों के तेल की भी मांग रहती है। इसमें एपीएल,, बीपीएल परिवार शामिल रहते हैं। इस राशन से हजारों लोगों को सस्ता राशन की सुविधा का लाभ मिलता है। क्षेत्र के लिए हर महीने लगभग 525 मीट्रिक टन आटा की डिमांड रहती है। इसके अलावा लगभग 270 क्विंटल दालों की मांग रहती है। नवंबर में क्षेत्र के डिपुओं में दालों का कोटा नहीं मिला। जबकि, आटा भी मांग से आधे से भी कम लगभग 200 मीट्रिक टन उपलब्ध करवाया गया है। इससे एपीएल, बीपीएल सहित अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को निराशा हुई है। खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर सरोज कुमार ने बताया कि डिपुओं में दालों का कोटा नहीं मिल पाया है। जबकि आटे का कोटा कुछ कम मात्रा में आया है। उनकी तरफ से डिमांड भेजी गई है। नवंबर में मिले कम कोटे को अगले माह उपलब्ध करवाया जाएगा।