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जनता को नहीं मिली मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा की सुविधा : बलबीर

Thu, 26 Dec 2024 03:31 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2024 03:31 AM IST
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Public did not get the facility of free and compulsory education: Balbir
कहा- सरकारी स्कूलों में अध्यापक नहीं, निजी में हर वर्ष खर्च हो रहे 50,000
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संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। किसान योद्धा सरदार रुड़का सिंह कल्याण समिति की बैठक इंजीनियर बलवीर चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को संपन्न हुई। इसमें बलवीर चौधरी ने कहा कि कानून बनने के बावजूद जनता को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नहीं मिल रही। मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा से हर परिवार को 50,000 रुपये की सालाना बचत हो सकती है। केंद्र सरकार ने जनता को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा दिलवाने के लिए शिक्षा का अधिकार नियम 2010 बनाया। इस अधिनियम की धारा 20 में प्रावधान किया गया है कि सरकारी स्कूलों में केवल नियमित शिक्षक ही भर्ती किए जाएंगे। हाईकोर्ट ने जनहित याचिका 157 वर्ष 2017 के अंतर्गत 3-11-2020 को प्रदेश सरकार को आदेश दिए थे कि साल में दो बार नियमित शिक्षकों की भर्ती की जाए। वर्तमान प्रदेश सरकार ने शिक्षा के अधिकार नियम, 2010 की अवमानना करते हुए अस्थायी गेस्ट टीचरों की भर्ती का निर्णय ले लिया। यही नहीं हाईकोर्ट के फैसले के बावजूद साल में दो बार नियमित शिक्षकों की भर्ती भी नहीं की जा रही। उदाहरण के तौर पर डबल इंजन की सरकार ने वर्ष 2020 में 3840 प्री प्राइमरी कक्षाएं शुरू करवा दीं लेकिन ढाई साल में एक भी प्री प्राइमरी शिक्षक तैनात नहीं कर पाई। वर्तमान प्रदेश सरकार की भी यही स्थिति है। पिछले साल से जेबीटी तथा टीजीटी शिक्षकों की 50 प्रतिशत भर्तियां लिखित परीक्षा के माध्यम से नहीं हो पाई हैं। कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी के चलते गरीब जनता अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने के लिए मजबूर है। जहां दो बच्चों की पढ़ाई पर कम से कम 50,000 रुपये सालाना खर्च आ जाता है। इसलिए हिमाचल प्रदेश की गरीब जनता को फ्री एवं अनिवार्य शिक्षा नहीं मिल रही है। इसके अलावा बैठक में महाल लाल सिंगी के बंदोबस्त को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सरकार से आग्रह है कि महाल लाल सिंगी के गरीब किसानों को उनका खरीदा हुआ रकबा वहीं पर दिलवाया जाए, जहां उनका कब्जा है। इस अवसर में समिति के सचिव सुभाष कौंडल, गगरेट खंड के अध्यक्ष दुर्लभ सिंह, हरोली खंड के अध्यक्ष जसपाल चौधरी, सचिव रविंद्र खसरु, हरीश चौधरी, देसराज, सुमित कुमार, अंजु बाला, रेखा कुमारी, रुहानी कुमारी, सिमरन, साक्षी, कश्मीर सिंह, हरदियाल सिंह, प्रीतम चंद, जोगिंदर पाल, प्रेम चंद, तरसेम लाल सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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